कैबिनेट बैठक: चिकित्सा सहायता के लिए अन्य बीमारियां शामिल

भोपाल, 2 दिसंबर. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आज संपन्न मंत्रि परिषद की बैठक में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की मासिक सम्मान निधि को 6 हजार रुपये से बढ़ाकर 15 हजार रुपये करने का निर्णय लिया गया. उल्लेखनीय है कि मुख्य शिवराज सिंह चौहान ने 16 अगस्त को स्वतंत्रता संग्राम सेनानिया की सम्मान निधि बढ़ाने की घोषणा की थी. यह वृद्घि अधिसूचना जारी होने के दिनांक से प्रभावशील होगी.

मध्यप्रदेश के स्वतंत्रता संग्राम सैनिकों को वर्तमान में केवल कैंसर, कृत्रिम अंग लगाने, ओपन हार्ट सर्जरी और किडनी बदलने के लिये चिकित्सा सहायता अनुदान दिया जाता है. इस संबंध में नियम को और व्यापक बनाते हुए ऐसी समस्त बीमारियों को शामिल किया गया है जिन्हें जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा गंभीर प्रवृत्ति का प्रमाणित किया गया हो. इनमें कैंस, हार्ट सर्जरी, किडनी रिप्लेसमेंट के साथ साथ स्पाइनल सर्जरी, घुटना जोड़ बदलना, हिप बदलना, न्यूरो सर्जरी, प्रोस्टेट सर्जरी, टी.बी. कृत्रिम अंग लगाना आदि शामिल है. सेनानियों को अब इन बीमारियों के लिए भी चिकित्सा अनुदान राशि स्वीकृत की जा सकेगी.

राजस्व अधिकारियों की शोध क्षमता प्रमाण पत्र अधिकारिता में वृद्घि
मंत्रि परिषद ने राजस्व अधिकारियों द्वारा शोध क्षमता प्रमाण पत्र जारी करने की अधिकारिता में वृद्घि करने का निर्णय लिया. इन अधिकारियों द्वारा शोध क्षमता प्रमाण पत्र समुचित जाँच के उपरान्त जारी किए जाते है, लेकिन वर्तमान में राजस्व अधिकारियों की यह अधिकारिता सीमित होने से अधिकांश आवेदन वरिष्ठï अधिकारियों के पास निराकरण के लिए प्रस्तुत होते है. शोध क्षमता प्रमाण पत्र जारी होने का कार्य लोक सेवा गारंटी के अंतर्गत शामिल किया गया है. अत: राज्य सरकार ने इन अधिकारियों की अधिकारिता सीमा बढ़ाने के लिये व राजस्व पुस्तक परिपत्र खंड 6 क्रमांक 3 में संशोधन किए हैं. इस संशोधन के फलस्वरूप अब पाँच लाख रुपये तक के प्रमाण पत्र तहसीलदार द्वारा जारी किये जा सकेंगे. पाँच लाख रुपये से अधिक किंतु पच्चीस लाख रुपये तक के प्रमाण पत्र उपखंड अधिकारी द्वारा जारी किये जा सकेंगे और पच्चीस लाख रुपये से अधिक के प्रमाण पत्र कलेक्टर जारी करेंगे. अचल सम्पत्ति के मूल्यांकन की स्पष्टï प्रक्रिया निर्धारण की दृष्टि ïसे यह भी निर्णय लिया गया कि शोध क्षमता प्रमाण पत्र जारी करने के लिये सक्षम राजस्व अधिकारी आवेदक द्वारा धारित अंचल सम्पत्ति का मूल्यांकन भारतीय स्टाम्प अधिनियम 1899 के अधिन बनाए गए मध्यप्रदेश बाजार मूल्य मार्गदर्शक सिद्घान्तों का बनाया जाना तथा उनका पुनरीक्षित नियम 2000 के अधीन कलेक्टर द्वारा जारी दिशा निर्देशों के अनुसार आधारित निर्धारित मूल्य पर किया जाएगा.

तहसील कार्यालय भवन- मंत्रि परिषद ने विभिन्न जिलों में राजस्व अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवास एवं कार्यालय की सुविधा देने की दृष्टि से 14 तहसील कार्यालय भवन एवं 236 राजस्व निरीक्षक/पटवारी कार्यालय सह आवासीय भवनों के निर्माण की पूर्व में स्वीकृति दी थी. स्वीकृति के समय तहसील कार्यालय भवन की यूनिट कास्ट 30 लाख  तथा राजस्व निरीक्षक/पटवारी कार्यालय सह आवासीय भवन के निर्माण की यूनिट कास्ट 4 लाख रुपये स्वीकृत की गई थी. निर्माण लागत में वृद्घि के कारण लोक निर्माण विभाग के एसओआर में समय-समय पर संशोधन हुए, जिसके कारण स्वीकृत राशि से इन भवनों का निर्माण नहीं हो पा रहा है. इन निर्णय के फलस्वरूप अब तहसील कार्यालय भवन की यूनिट कास्ट को बढ़ाकर 44.81 लाख रुपये तथा राजस्व निरीक्षक/पटवारी कार्यालय सह आवासीय भवन की यूनिट कास्ट बढ़ाकर 5.20 ला7ारुपये किया गयाहै. आत्मा परियोजना के लिए पदों का सृजन- मंत्रि परिषद ने प्रदेश में कृषि विस्तार सुधार कार्यक्रम के अंतर्गत आत्मा परियोजन के क्रियान्वयन के लिए भारत सरकार द्वारा जारी पुनरीक्षित गाइड लाईन के अनुसार किसान कल्याण तथा कृषि विभाग के अंतर्गत विभिन्न संवर्गो के पदों की स्वीकृति दी.

ये पद राजस्य मुख्यालय, जिला एवं विकास खंड स्तर के लिये सृजित कर भरे जाएंगे. इन पदों में एक अपर संचालक, 58 उप संचालक,100 सहायक संचालक एवं तृतीय श्रेणी के विभिन्न संवर्गो के 1041 पद शामिल है. इस पर 17 करोड़ 13 लाख रुपये का व्यय अनुमानित है. योजना में कृषको की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक 2 आबाद ग्रामों में पर एक कृषक मित्र को चिन्हित किया जाएगा. कृषक मित्र को उसके कर्तव्य के निर्वहन में होने वाले अनुषांगिक व्यय के लिए प्रति वर्ष चार हजार रुपये की प्रतिपूर्ति का प्रावधान किया गया है. मंत्रि परिषद के शहडोल जिले की सोहागपुर जिले की तहसील ग्राम लालपुर में एस.जे.के. पावरजोन लिमिटेड को पावर प्लांट की स्थापना के लिये 0.429 हेक्टेयर जमीन आवंटित करने की सैद्घांतिक सहमति इस शर्त पर देने का निर्णय लिया कि वन संरक्षक अधिनियम के अंतर्गत अनुमति भारत सरकार के वन एवं पर्यावरण मंत्रालय से प्राप्त होने पर ही अंतिम आवंटन पर विचार किया जाएगा. मंत्रि परिषद ने निक्षेप योजना के अंतर्गत 17 शासकीय महाविद्यालयों के भवनो तथा 16 कन्या छात्रावासों के निर्माण का निर्णय लिया. इसके लिए 7.115 करोड रुपये का ऋण मध्यप्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसरंचना विकास मंडल द्वारा हडको से प्राप्त किया जाएगा.

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