भोपाल, 9 अप्रैल. नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री बाबूलाल गौर ने हताई खेड़ा डेम के गहरीकरण कार्य का शुभारंभ करते हुये कहा है कि वर्षों पुरानी जल संरचना का संरक्षण करने हेतु श्रमदान करना बहुत पुण्य का कार्य है.

उन्होंने स्थानीय नागरिकों से इस पुनीत कार्य में सहयोग करने का आह्वन किया और उक्त डेम के संरक्षण हेतु समाज सेवी रघुनंदन ङ्क्षसह ‘कन्नु भैया’ द्वारा निरंतर दिये जा रहे सहयोग की सराहना की. गहरीकरण कार्य के शुभारंभ अवसर पर पार्षद गिरीश शर्मा ने भी यहां पर्यटन स्थल बनाने हेतु नगरीय प्रशासन मंत्री द्वारा किये जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की और स्थानीय नागरिकों से गहरीकरण कार्य हेतु प्रत्येक रविवार को श्रमदान कर सहयोग करने को कहा. इस मौके पर निगम आयुक्त रजनीश श्रीवास्तव सहित अनेक पार्षद, अधिकारियों एवं नागरिकों ने भी श्रमदान किया. डेम के गहरीकरण में लगभग 70 ट्रक मिट्टïी डेम से निकाली गई.

इस कार्य में नगर निगम ने जेसीबी मशीन, डम्पर आदि उपलब्ध कराये हैं. राजधानी में पर्यटन को बढ़ावा देने एवं भेल एवं आसपास के क्षेत्र के नागरिकों की सुविधा के दृष्टिïगत लगभग 770 एकड़ में बने हताई खेड़ा डेम पर पर्यटन स्थल विकसित करने हेतु जल संसाधन विभाग द्वारा एफटीएल को चिन्हित कर स्टोन लगाने के साथ ही नागरिकों द्वारा श्रमदान कर अन्य विभागों के सहयोग से पानी की भराव क्षमता को बढ़ाने और जलीय पर्यावरण के संतुलन को ध्यान में रखते हुये गहरीकरण का कार्य प्रारंभ किया गया है.

स्थानीय नागरिक एवं जन प्रतिनिधि प्रत्येक रविवार को यहां श्रमदान कर गहरीकरण हेतु सहयोग प्रदान करेंगे. यह राजधानी की बड़ी झील के बाद दूसरा बड़ा जल स्थल है. इसका केचमेंट एरिया लगभग 39 वर्ग कि.मी. है. इस डेम पर बोट क्लब, म्यूजिकल गार्डन, कैफेटेरिया एवं हट्ïस, डेस फारेस्ट, वल्र्ड सेन्चुरी, पाथ-वे आदि का निर्माण किया जाकर आकर्षक पर्यटन स्थल विभिन्न विभागों के सहयोग से बनाया जायेगा.

इस अवसर पर आयुक्तद्वय अरविंद दुबे, प्रमोद शुक्ला, महापौर परिषद की सदस्य चंद्रमुखी यादव, पार्षद गिरी शर्मा, लक्ष्मी ठाकुर, आशा जैन, किशन चुरैंद्र, एल्डरमैन संजय कुंवर के अलावा गणेश राम नागर, हरिशंकर मिश्रा, राकेश भदौरिया, सरदार कैथोरिया, वीरेंद्र त्रिपाठी, ओम प्रकाश प्रजापति, भीकम ङ्क्षसह बघेल, सावित्री मालवीय, रीता चौहान, हंस कुंवर राजपूत सहित राजधानी परियोजना तथा जल संसाधन, लोक निर्माण विभाग, नगर निगम, मत्स्य विभाग एवं जिला प्रशासन के अधिकारी सहित स्थानीय नागरिक मौजूद थे.

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