नयी दिल्ली, 14 जून. केन्द्र सरकार ने किसानों को राहत पहुंचाने वाले एक महत्वपूर्ण निर्णय में खरीफ की फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में भारी वृद्धि करते हुये धान की कीमत 170 रपये प्रति क्विंटल बढाने के साथ साथ उड़द, मूंगफली, सूरजमुखी और तिल के मूल्यों में भी जोरदार बढोतरी की है.

धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1080 रपये से बढाकर 1280 रपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया. ए ग्रेड के धान का समर्थन मूल्य 1280 रपये प्रति क्विंटल होगा और उस पर एक सौ रपये प्रति क्विंटल प्रोत्साहन बोनस भी दिया जायेगा. गृह मंत्री पी. चिदम्बरम ने बताया कि ये मूल्य वित्त वर्ष 2012-13 के खरीफ मौसम के लिये निर्धारित किये गये हैं. उन्होंने बताया कि मक्के के समर्थन मूल्य में 195 रपये, ज्वार में 520 रुपये, उड़द एवं मूंगफली में सर्वाधिक एक-एक हजार रपये तथा सूरजमुखी में 900 रपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गयी है.

गृहमंत्री ने बताया कि उडद का समर्थन मूल्य अब 3300 रपये के बजाये 4300 रपये प्रति क्विंटल होगा जबकि मूंगफली का 2700 रपये से बढकर 3700 रपये प्रति क्विंटल हो जायेगा.
900 रपये की वृद्धि के साथ सूरजमुखी का समर्थन मूल्य अब 3700 रु., तिल का 800 की वृद्धि के साथ 4200 और कलौंजी का 600 की वृद्धि के साथ 3500 रु. कर दिया गया है. मक्का के मूल्य में 195 रपये की वृद्धि की गयी है और अब यह 1175 रपये प्रति क्विंटल हो गया है. इसके अलावा सोयाबीन (काला एवं पीला) की कीमतों में 550 रपये की बढोतरी की गयी है. अब इसका समर्थन मूल्य क्रमश 2200 रपये और 2240 रपये प्रति क्विंटल तय किया गया है . ज्वार हाईब्रिड और रागी की कीमतों मे ंक्रमश 520 रपये और 450 रपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गयी है1

यूरिया के दाम बढाने का फैसला टाला
सरकार ने उर्वरक मंत्रालय के यूरिया की खुदरा कीमतों में दस प्रतिशत बढोतरी किए जाने के प्रस्ताव को टाल दिया है . उर्वरक मंत्रालय ने चालू वित्त वर्ष के दौरान यूरिया के खुदरा दाम दस प्रतिशत बढाकर 5841 रुपए प्रति टन किए जाने का प्रस्ताव किया था.  यूरिया एकमात्र ऐसा उर्वरक है जिसका दाम सरकार तय करती है. वर्तमान में इसकी कीमत 5310 रुपए प्रति टन है. यूरिया की कीमतों में वृद्धि का प्रस्ताव सरकार पर बढते सबसिडी बोझ को कम करने और भूमि की उर्वरा शक्ति को बनाये रखने के लिए इसके अंधाधुंध इस्तेमाल को कम करना है. वर्ष 2011-12 में यूरिया पर 24500 करोड रुपए की सबसिडी का अनुमान है.

और बढ़ी महंगाई

नई दिल्ली. आम आदमी को फिलहाल महंगाई से कोई राहत नहीं मिलने वाली. बढ़ती महंगाई दर को देखते हुए तो ऐसा ही लग रहा है.

देश की महंगाई दर मई माह में बढ़कर 7.55 फीसदी हो गई. अप्रैल महीने में इसमें 7.23 फीसदी की बढ़त थी. गुरुवार को जारी सरकारी आंकड़े के मुताबिक इस अवधि में भोज्य पदार्थो की कीमतों में तेज वृद्धि दर्ज की गई.  इस अवधि में सब्जी, दाल, दूध, अंडे, मांस और मछली के दाम बढ़े और खाद्य महंगाई दर दोहरे अंकों में 10.74 फीसदी पर पहुंच गई, जो पिछले महीने 8.25 फीसदी पर थी.

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