बारदान पर बवाल: किसानों पर फायरिंग को लेकर प्रदर्शन

भोपाल, 8 मई. रायसेन में किसानों और पुलिस के बीच हुए तनाव के बाद हुई फायरिंग को लेकर भोपाल में कांग्रेसियों ने प्रदर्शन किया.

बरेली में किसानों और पुलिस के बीच हुए तनाव के बाद हुई फायरिंग के मामले को लेकर मंगलवार को भोपाल में कांग्रेसियों ने प्रदर्शन किया. इस दौरान कांग्रेस समर्थकों ने भोपाल में रैली निकाली. कांग्रेसी सीएम आवास का घेराव करने जा रहे थे लेकिन रास्ते में उग्र हो गए और पुलिस से उनकी झड़प हो गयी. इसके बाद पुलिस को कांग्रेसियों पर हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा.

अब तक 42 गिरफ्तार
दूसरी तरफ मंगलवार को हुए बवाल के बाद भारतीय किसान संघ के अध्यक्ष हेमंत पटेल समेत 42 लोग गिरफ्तार किये गए हैं. इनके खिलाफ आगजनी, बलवा और 307 का मामला दर्ज किया गया है. जिला प्रशासन ने महिलाओं और बच्चों के लिए कफ्र्यू में मंगलवार सुबह ढील दी गयी.

बरेली शांत
आरएएफ के 100 जवानों समेत करीब 600 जवानों का पुलिस बल बरेली में तैनात किया गया है. अधिकारियों के मुताबिक इलाके में किसी भी तरह का तनाव नहीं है और हालत काबू में है. डीएम के मुताबिक इलाके में हालात काबू में है. उन्होंने बताया कि अधिकारी फायरिंग में मारे गये किसान के घर भी गये थे. किसान के परिजनों ने आर्थिक मदद की मांग की थी. जिसकी देने की घोषणा राज्य शासन ने कर दी है. परिजनों ने मृतक के बेटे को नौकरी देने की अपील की थी, जिसका आश्वासन भी प्रशासन ने दिया है.

मप्र सरकार को बर्खास्त करें: भूरिया

नई दिल्ली, नससे. गृहमंत्री पी चिदंबरम की एयरसेल – मैक्सिस अनुबंध में कथित भूमिका को लेकर और मध्यप्रदेश में पुलिसिया कार्यवाही के खिलाफ मध्यप्रदेश सरकार को बर्खास्त करने की मांग को लेकर लोकसभा पहले 12 बजे सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई. इसके बाद फिर 12.30 बजे तक और उसके बाद 2 बजे तक कार्यवाही स्थगित कर दी गई.

कांतिलाल भूरिया के नेतृत्व में कांग्रेसी सांसद हाथों में न्यूज पेपर और तख्तियों को लेकर मध्यप्रदेश सरकार के बर्खास्तगी की मांग करने लगेे. तख्तियों पर लिखा था हत्यारी मध्यप्रदेश सरकार को तुरंत बर्खास्त करो. उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश के बरेली में किसानों द्वारा अनाज खरीदने के मांग को लेकर पुलिसिया कार्यवाही में एक किसान की मौत हो गई थी. कांतिलाल भूरिया ने कहा कि मध्यप्रदेश में सरकार है ही नहीं. आरएसएस और बजरंग दल के लोग सरकार को संचालित कर रहे हैं. इसलिए सरकार को तुरंत बर्खास्त किया जाना चाहिए.

संसद में भी हंगामा

रायसेन में किसानों पर हुई फायरिंग के मुद्दे की गूंज मंगलवार को लोकसभा में भी सुनाई दी. कांग्रेस सांसदों ने इस मुद्दे को सदन में उठाया और इस मसले पर हंगामा किया. संसद स्थगित होने के बाद मध्यप्रदेश के कांग्रेसी सांसदों ने संसद परिसर में शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ नारेबाजी की और सरकार को बर्खास्त करने की मांग की. मालूम हो कि रायसेन जिले में गेहूं की खरीद में देरी और गड़बड़ी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों का आंदोलन सोमवार को हिंसक हो गया. जिसके बाद किसान और पुलिस के बीच तीखी झड़प हुई. हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस को गोलियां चलाई पड़ी, जिसमें एक किसान की मौत हो गई और उसके बाद पूरे इलाके में कर्फ्यू लगा दिया गया. दूसरी तरफ भारतीय किसानसंघ के प्रदेश अध्यक्ष शिवकुमार शर्मा ने किसानों पर हुए लाठीचार्ज और फायरिंग की घटना को दुखद और शासन प्रशासन की असफलता कहा है. उन्होंने कहा है कि इस पूरी घटना में असामाजिक तत्वों का हाथ है, जिसका अंदेशा पहले से ही था.

किसानों से भी बोरे खरीदेगी सरकार

भोपाल। समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी का लक्ष्य बीते साल से डेढ़ गुना बढ़ाकर बारदाने के संकट में फंसी सरकार अब किसानों से भी खाली बोरे खरीदेगी।

उन्हें एक बोरे के 10 रुपए मिलेंगे जो समर्थन मूल्य पर गेहूं के भुगतान 1385 रुपए के साथ ही खाते में जमा किए जाएंगे। इसके अलावा सरकार सायलो बैग्स का भी इस्तेमाल करेगी। ऐसे एक बैग में 200 मीट्रिक टन गेहूं आ जाता है। इसे खेत में बिछाकर गेहूं भर सकते हैं। सरकार एक लाख मीट्रिक टन गेहूं इन बैगों में रखने की योजना बना रही है। कैबिनेट की बैठक के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गेहूं खरीदी के मामले में मंत्रियों से चर्चा के दौरान लिया। करीब एक घंटे इसी मसले पर मंत्रणा हुई। सूत्रों के मुताबिक कुछ मंत्रियों ने रायसेन जिले के बरेली में हालात बेकाबू होने को प्रशासन की कमी बताया। बैठक के बाद सरकार के प्रवक्ता संसदीय कार्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि सात मई तक 47 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदी हो चुकी है। इसमें 6510 करोड़़ रुपए का भुगतान किसानों को होना है। इसमें से 4070 करोड़ रुपए भुगतान किसानों के खातों में पहुंच चुका है। खरीदे गए गेहूं में से 42 लाख मीट्रिक टन का परिवहन हो चुका है, जो 90 प्रतिशत है। मिश्रा ने बताया कि किसानों से बोरे खरीदने की अनुमति केंद्र सरकार से ले ली गई है। मिश्रा ने रायसेन जिले के बरेली के घटनाक्रम से जुड़े सवालों को टालते हुए कहा कि सरकार ने अपर मुख्य सचिव गृह इंद्रनील शंकर दाणी को जांच सौंपी है। वे घटना स्थल पर जा रहे हैं। भारतीय किसान संघ का नाम लेने से बचते हुए मिश्रा ने बार बार दोहराया कि कानून अपना काम करेगा। इस संगठन का आरएसएस से संबंध है, तो क्या संघ से मदद लेंगे? इस सवाल पर सरकार के प्रवक्ता ने कहा कि सहयोग लेंगे। हम भी आरएसएस के हैं और बने रहेंगे।

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