नई दिल्ली, 1 अप्रैल. योग गुरु बाबा रामदेव ने कहा है कि वे 3 जून को दिल्?ली के जंतर मंतर पर एक दिन का अनशन करेंगे। बाबा ने कहा कि यह आर-पार की जंग होगी। इस अनशन में समाजसेवी अन्ना हजारे भी शामिल होंगे। योग गुरु ने कहा कि आज से भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन शुरू हो गया है। इसमें लाखों नहीं करोड़ों लोगों की भीड़ देखने को मिलेगी। इसकी एक झलक सरकार को तीन जून को देखने को मिलेगी। रामदेव ने कहा कि 3 जून को ही अगस्त में किस दिन से बड़ा आंदोलन शुरू होगा।

इसका ऐलान किया जाएगा । बाबा ने कहा कि अगर प्रशासन से अनशन की अनुमति नहीं मिली तो वे कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। रामदेव ने कहा कि कालाधान राष्ट्रीय संपत्ति घोषित होनी चाहिए। उन्होंने सोने पर टैक्स लगाने का विरोध किया है। बाबा ने कहा कि सोने पर टैक्स लगाने से कालेधन पर लगाम नहीं लगेगी। मालूम हो कि तीन जून पिछले साल रामलीला मैदान में किए गए अनशन की वर्षगांठ है। पिछले साल 4 जून को रामदेव रामलीला मैदान में अनशन पर कर रहे थे और उसी रात पुलिस ने आंदोलनकारियों पर लाठियां बरसाई थीं।

इस घटना के एक साल होने पर बाबा जंतर मंतर पर अनशन करेंगे। अनशन के दौरान बाबा काले धन की देश में वापसी और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कानून की मांग करेंगे। झारखंड में राज्यसभा के चुनाव के दौरान विधायकों की खरीद-फरोख्त के लिए पैसे का इस्तेमाल करने के मामले में बाबा के भक्त आर.के अग्रवाल का नाम आया था। इस पर बाबा रामदेव का कहना है कि भ्रष्टाचार के लिए आदमी से ज्यादा सिस्टम दोषी है। उन्होंने कहा कि सिस्टम में चेंज किए बगैर आप करप्शन को खत्म नहीं कर सकते। गौरतलब है कि पिछले 25 मार्च को जंतर-मंतर पर अन्ना के एक दिन के आंदोलन में बाबा रामदेव को भी हिस्सा लेना था, लेकिन वह उसमें भाग नहीं ले पाए थे।

शंकराचार्य बनाएंगे राजनीतिक दल

कांचीपुरम. कांचीमठ के शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती ने भी भ्रष्टाचार के विरुद्व राजनीतिक अभियान में शरीक होने का निश्चय किया है.लेकिन वह अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन से दूरी बनाए रखेंगे. शंकराचार्य ने भोपाल से कांचीकामकोटि पीठ आए पत्रकारों के एक दल से कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष के लिए राजनीतिक दल का गठन करने खातिर इसी माह 27 अप्रैल को दिल्ली में शीर्ष नेताओं की बैठक बुलाई जा रही है.जिसकी तैयारियां मद्रास उच्च न्यायालय के ख्यातिनाम वकील कृष्णमूर्ति के नेतृत्व में हो रही है.

उन्होंने कहा कि 27 की बैठक में वह मौजूद रहेंगे तथा इंडियन नेशनल पार्टी के गठन में सक्रिय भूमिका निभाएंगे. उनका कहना था कि 27 की बैठक शिरकत करने के लिए कई अन्य प्रमुख दलों के नेताओं से संपर्क किया जा रहा है.लेकिन उन्हें अभी इसकी जानकारी नहीं है कि उसमें शामिल होने किस किस की स्वीकति आ गई है. शंकराचार्य ने कहा कि अन्ना हजारे अच्छे इंसान हैं.उनका लक्ष्य भी अच्छा है पर वह अपने मकसद में कभी सफल नहीं हो पाएंगे.क्योंकि आज क सामाजिक हालात एसे नहीं हैं कि भ्रष्टाचार को पूरी तरह से खत्म किया जा सके.उन्होंने कहा कि देश का वातावरण सुधारने व राजनीति को नई दिशा देने हिन्दुओं,मुसलमानों व ईसाइयों को मिलक र काम करना होगा.जब उनसे पूछा गया कि केंद्र की यूपीए सरकार कैसा काम कर रही है तो उन्होंने कहा कि वह इस मामले में मौन ही रहेंगे क्योंकि इस गठबंधन का नेतृत्व सोनिया गांधी कर रही हैं. शंकराचार्य ने कहा कि वह वर्तमान माहौल से निराश नहीं हैं तथा उम्मीद करते है.कि देश इस माहौल से उभर कर दुनिया क नेतृत्व करेगा.

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