इधर, थलसेना अध्यक्ष की टिप्पणी पर हंगामा

नई दिल्ली, 26 मार्च. सेनाध्यक्ष जनरल वी के सिंह ने एक बयान देकर खलबली मचा दी है. आर्मी चीफ जनरल वी के सिंह ने अंग्रेजी अखबार को दिए इंटरव्यू में कहा है कि उन्हें 14 करोड़ घूस देने की कोशिश की गई थी. अपने इंटरव्यू के दौरान उन्होंने इस बात का खुलासा किया है कि एक लॉबिस्ट द्वारा उन्हें 14 करोड़ की पेशकश की गई थी. उन्होंने कहा है कि इस बात की जानकारी उन्होंने रक्षा मंत्री ए के एंटनी को भी दी थी.

जनरल वी के सिंह ने अखबार को दिए इंटरव्यू  में कहा है कि यह रकम उन्हें घटिया गाडिय़ों के लिए पेश की गई थी. आर्मी चीफ ने बताया है, एक शख्स उनके पास आया और उसने कहा कि अगर आप किसी खास गाड़ी की खरीद की मंजूरी देते हैं, तो आपको 14 करोड़ रुपये दिए जा सकते हैं. उस शख्स ने कहा कि आपके पहले के लोगों ने भी पैसे लिए थे. मैं इस व्यक्ति की जुर्रत देखकर दंग रहा गया. जनरल सिंह का दावा है कि उन्होंने फौरन यह बात रक्षा मंत्री एके  एंटनी को बता दी थी.

ऐसे ही 7,000 वाहन महंगे दामों में खरीदे गए थे, लेकिन इस पर कोई सवाल नहीं पूछा गया. सेना अध्यक्ष मुताबिक, भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने के कारण ही उनकी जन्म तिथि को मुद्दा बनाया गया.  उन्होंने कहा कि यह नियम बिल्कुल साफ है कि जब आप सरकारी सर्विस शुरू करते हैं, तो 10वीं के सर्टिफिकेट को ही माना जाता है. वहां मेरे जन्म का वर्ष 1951 है. इस विवाद को उठाने में इसी तरह की लॉबी ने काम किया. जैसे कि आर्दश घोटाला लॉबी, गाडिय़ां, उपकरण बेचने वालों की लॉबी.

आरोपों की होगी जांच

थलसेना प्रमुख जनरल वीके सिंह द्वारा उन्हें 14 करोड़ रुपये घूस देने की पेशकश किये जाने के आरोपों पर सरकार ने सोमवार को सीबीआई जांच का आदेश दिया. रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि थलसेना प्रमुख के आरोपों के मद्देनजर रक्षा मंत्री एके एंटनी ने सीबीआई जांच का आदेश दिया है. एंटनी ने सोमवार को संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘हमें इसे देखना होगा. जब एंटनी से पूछा गया कि क्या थलसेना प्रमुख ने उन्हें रिश्वत की पेशकश के बारे में बताया था तो रक्षा मंत्री ने कहा, ‘संसद सत्र चल रहा है.’

कार्रवाई हो : जोशी
भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी ने कहा, ‘रक्षा मंत्री और थलसेना प्रमुख दोनों को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए. यह एक आपराधिक कृत्य है और रिश्वत की पेशकश करने के मामले में जो भी शामिल है, उसे छोडऩा नहीं चाहिए.

गंभीर मामला : अंबिका
सूचना और प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी ने कहा, जब भी कोई वरिष्ठ अधिकारी इस तरह के आरोप लगाता है तो सरकार सुनिश्चित करती है कि मामला साफ हो. ‘उन्होंने कहा कि जनरल सिंह ने अपने बयान में बहुत गंभीर बात कही है और सबकुछ साफ होना चाहिए.

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