57 मोहल्लों में बनेगी अस्थाई कुरबानगाह, देर रात तक बकरों की खरीद होती रही

भोपाल, 6 नवंबर. अल्लाह पाक की जानिब से दुनिया में भेजे गए इस्लाम के प्रवर्तक पैगम्बर हजरत मोहम्मद (स.आ.व.) साहेब के पूर्वज हजरत इस्माईल अलेहिस्सलाम की कुर्बानी की यादगार ईद-उल-अजहा का त्यौहार आगामी 7 को मुकम्मल अकीद और शिद्दत से मनाया जाएगा.

इस अवसर पर भोपाल लाखों मुस्लिम धर्मावलंबी ईद की विशेष नमाज अदा करने सहित हलाल जानवरों की कुर्बानियों भी व्यापक रूप से बड़े पैमाने पर करेंगे. आल इंडिया मुस्लिम त्यौहार कमेटी के जिला अध्यक्ष मकबूल अहमद मंसूरी चिश्ती ने हुए बताया कि राजधानी की सभी प्रमुख मस्जिदों, मैदानों सहित लगभग सौ से अधिक स्थानों में ईद उल अजहा पर विशेष नमाज अदा की जाएगी. उसके बाद साहिता एक हैसियत मुसलमान अपने अपने घरों में तथा कुरबानगाहों में जाकर अल्लाह पाक के हुक्म की तामील करने के लिये हलाल जानवरों की कुरबानियां करेंगे और फिर कुरबानी का गोश्त गरीबो, अनाथो, बेसहारा लोगों में वितरित किया जाएगा.

इस मौके पर हजरत डा. खुर्रम साहब ने ईद की मुबारकबाद देते हुए अपने संदेश में कहा है कि ईद उल अजहा विश्व भर में मनाया जाने वाला मुसलमानों का प्रमुख त्यौहार है. इस त्यौहार की विशेषता यह है कि केवल इसी ईद पर साल भर में एक बार सऊदिया अरब स्थित मक्का शरीफ में हज भी होता है. जहां दुनिया भर के लाखों मुसलमान दूरदराज का सफर तय करके इस दिन अराफात के मैदान में जमा होते हैं और इस्लाम के एक अहमद फर्ज यानी कर्तव्य हज को सामूहिक रूप से अदा करते है. डा. खुर्रम साहब ने कहाकि ईद उल अजहा इसलिए भी अकीदत के साथ मनाई जाती है, क्योंकि अब से चार हजार वर्ष पूर्व जब इस्लाम के प्रवर्तक पैगम्बर हजरत मोहम्मद के पूर्वक हजरत इब्राहित (अलैय) ने अल्लाह पाक का हुक्म पूरा करने के लिये अपने ही बेटे हजरत इस्माईल (अलैय) की कुर्बानी की जगह एक दुमबे (भेड) को कुर्बान करवा दिया. मगर अल्लाह पाक को हजरत इब्राहिम (अलैय) के जरिये की गई अपने बेटे हजरत इस्माईल (अलैय) की कुर्बानी करने की भूमिका और अदा इतनी पसंद आई कि अल्लाह पाक ने कयामत तक के लिये सारी दुनिया के साहिब हैसियत मुसलमानों के लिए इस कुर्बानी को फर्ज और लाजिम कर दिया है. मकबूल अहमद मंसूरी चिश्ती ने बताया कि भोपाल में ईद उल अजहा का त्यौहार पूरी अकीदत और शिद्ïदत के साथ मनाया जाएगा. इसके तहत ईदगाह में सुबह 8 बजे, शहर की जामा मस्जिद में 8.15 बजे, मोती मस्जिद में 8.30 बजे एवं ताज उल मसाजिद में 8.45 बजे नमाज अदा की जायेगी.

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