• -सांसद प्रेमचंद गुड्डू ने लिखा मुख्यमंत्री को पत्र
  • -इन्दौर के साथ उपेक्षा का व्यवहार

इन्दौर. 8 नवंबर. आईआईटी के लिए राज्य सराकर द्वारा अब तक केंद्र सरकार को 10 करोड़ रुपए न दिया जाना दुखद है. अब राज्य सरकार को चाहिए कि वह इन्दौर के साथ उपेक्षा का व्यवहार करना बंद करें.

यह बात सांसद प्रेमचंद गुड्डू ने कहीं. उन्होंने कहा कि इस संबंध में प्रदेश के  मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान को पत्र भी लिखा है. उन्होंने पत्र में लिखा कि आईआईटी के लिए इन्दौर में खंडवा रोड पर 502 एकड़ जमीन चिन्हित कर देने की घोषणा की गई थी. स्वयं मुख्यमंत्री ने इसके लिए भूमि पूजन किया था. बाद में इसमें 80 हेक्टेयर जमीन वन क्षेत्र की निकलने के कारण पूरा मामला अटक गया था और राज्य सरकार ने यह कहते हुए अपना पल्ला झाडऩे की कोशिश की थी कि सुरक्षित वन क्षेत्र से इस भूमि को केंद्र सरकार ही मुक्त कर सकती है. श्री गुड्डू ने कहा कि इस संबंध में वे स्वयं केंद्रीय पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश से एक प्रतिनिधि मंडल के साथ जाकर मिले थे. उन्होंने मंत्रीजी से सुरक्षित वन क्षेत्र की इस भूमि का डिनोटिफाईड करने का आग्रह किया था. उन्होंने कहा कि इस मामले में मेरे द्वारा की गई पहल का ही नतीजा था कि केंद्र सरकार इस भूमि को वन भूमि से मुक्त करने और इसके स्थान पर किसी अन्य स्थान पर इतनी ही वन्य भूमि तैयार करने के लिए सहमत हो गई.

श्री गुड्डू ने कहा कि नये स्थान पर वन्य क्षेत्र के विकास हेतु पौधा रोपण व नेट प्रोजेक्ट कास्ट पर 10.60 करोड़ खर्च होना है. नियमानुसार यह राशि राज्य सरकार को ही चुकानी है. इस संबंध में मैंने दो माह पहले भी मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था. मुख्यमंत्री ने मौखिक रुप से भी यह राशि चुकाने के लिए सहमति दी थी, लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अब तक राज्य सरकार ने यह राशि नहीं चुकाई. श्री गुड्डू ने कहा कि म.प्र. सरकार इन्दौर के साथ बदले की भावना से कार्य कर रही है. शहर के विकास में राज्य सरकार रोड़े अटका रही है. उन्होंने कहा कि जब प्रदेश में एक आईआईटी आने वाला था तब इन्दौर का दावा सबसे मजबूत होने के बावजूद राज्य सरकार ने इन्दौर के नाम की अनुशंसा न करते हुए भोपाल को प्राथमिकता दी थी. श्री गुड्डू ने मांग की है कि राज्य सरकार जल्द उक्त राशि चुकाकर इन्दौर में आईआईटी के अपने भवन का निर्माण का मार्ग प्रशस्त करें.

आईआईटी के चार सौ विद्यार्थी

आईआईटी रिसर्च एण्ड डेव्हलपमेंट डीन डॉ. नरेन्द्र एस. चौधरी ने कहा कि आईआईटी को अपने भवन का इंतजार जरुर है, लेकिन 2009 से अस्थायी रुप से इन्दौर के आईईईटी कैम्पस खंडवा रोड पर चल रहा है. इसके अलावा महू में भी है. दोनो स्थानों पर मिलाकर 400 विद्यार्थी है. अगले साल जुलाई में 150 विद्यार्थी और जुड़ जाएंगे. राज्य सरकार इन्दौर के साथ उपेक्षा का व्यवहार कर रही है राज्य सरकार आईआईटी के लिए केंद्र सरकार को 10 करोड़ रुपए देने में आनाकानी कर रही है.

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