कीटनाशक दवाइयों से भी नहीं मिल रहा नियंत्रण नकली दवाइयों पर कृषि अमला मौन

भोपाल,3जनवरी.नभासं. ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों किसानों को खेतों में इल्ली के प्रकोप से खासी परेशानी उठानी पड़ रही है. फसलों पर इल्ली के प्रकोप से बचने के लिए किसानों द्वारा उपयोग की जा रही कीटनाशक दवाइयों का असर भी नहीं दिखाई दे रहा है.

इसलिए किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें नजर आने लगी हैं. किसानों का कहना है कि फसलों को बचाने के लिए मंहगे कीटनाशकों का छिड़काव किया जा रहा है. परंतु उसके बाद भी इल्लीयों पर नियंत्रण नहीं हो पा रहा है. मौसम परिर्वन के साथ ही रबी की फसलों पर इल्लियों का खतरा मंडराने लगा है. नकली कीटनाशक पर रोक नहीं -कृषि विभाग की विफलता के चलते नकली कीटनाशक का व्यवसाय भी किसानों के लिए किसी प्राकृतिक आपदा से कम नहीं है. मौसम के बदलाव का फायदा किसानों कब मिलेगा यह प्रकृति पर निर्भर है, लेकिन कृषि अमला इस बेमौसम ऑफर को भुनाने अभी से जुट गया है. नक ली कीटनाशकों के कारोबारी और कृषि अधिकारयिों की मिलीभगत से राज्य में नकली कीटनाशक का व्यवसाय सिर चढ़कर बोल रहा है. किसान इल्लियों से ज्यादा कृषि अधिकारी और नकली कारोबारियों से परेशान है. मामला इतना ही नहीं किसान यदि किसी प्रकार का इन अधिकारियों से परामर्श चाहते हैं तो उसके बदले भी पैसा (सलाह शुल्क) मांगी जाती है. ऐसे में किसानों की मुसीबतें कम होने की बजाय बढ़ती ही जा रही हैं. च्यादातर किसानों को दुकानदार नकली दवा देकर चलते कर रहे हैं. किसान जब फसल पर इन दवाओं का छिड़काव करता है तो वह बेअसर साबित होती हैं. ऐसे में किसानों की खुशहाली के लिए सरकार द्वारा चलायी जा रही योजनाएं का भविष्य इन अधिकारियों पर टिक गया है.

क्षेत्र में नहीं पहुंचता निगरानी दल -किसानों को मार्गदर्शन देने के लिए कृषि विभाग ने गत दिनों निगरानी दल का गठन किया था. यह दल ग्रामीण क्षेत्रों में सतत निरीक्षण कर किसानों को इल्लियों से निपटने के लिए दवाइयों के उपयोग की सलाह देना था. लेकिन मौजूदा हालत यह है कि जिन अधिकारियों को निगरानी दल में शामिल किया गया था वह गांव जाने से कतराते हैं. ऐसे में किसानों का बेड़ा गर्क होना लाजमी है. ठंड बढऩे से फायदा नुकसान दोनों -ठंड बढऩे से जहा रबी की फसलों को फायदा होता है, वहीं इल्लियों को भी पनपने का मौका मिलता है. इस कारण इल्लियों में वृद्धि होती है और इल्ली चने की बाली को नुकसान पहुंचाती है. किसान बद्रीलाल धनगर ने बताया कि इल्लियों से चने को बचाने के लिए कीटनाशक का छिड़काव किया है. लेकिन इल्लियों से कोई राहत मिलती नजर नहीं आ रही है. उन्होंने बताया कि हमने बाजार और कृषि विभाग से कीटनाशक खरीदे थे. दोनों का अलग खेतों में किया. परिणाम यह देखने को मिल रहे हैं कि कृषि विभाग की दवाएं नकली जान पड़ती हैं. इसके अलावा अभी तक कीट व्याधि का निरीक्षण भी नहीं किया गया.

मौसम की मार,बढ़ी बीमारियां

मौसम रह-रहकर करवट ले रहा है. दिन की धूप जहां गर्मी पैदा कर रही है, वहीं सांझ-सवेरे की ठंड बीमारी का कारण बन रही है. कोहरा भी रह-रहकर अपना असर दिखा रहा है. शाम होते ही घटने वाली दृश्यता आवागमन में बाधा पैदा कर रही है.

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