आर्थिक सुधारों को लागू करने का दबाव

वाशिंगटन, 15 जुलाई. अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने बाजार खोलने के लिए भारत पर दबाव बनाते हुए कहा है कि नई दिल्ली को आर्थिक सुधारों का नया सिलसिला शुरू करना चाहिए. उन्होंने कहा कि भारत में खुदरा बाजार सहित अनेक क्षेत्रों में विदेशी कंपनियों के प्रवेश पर पाबंदिया हैं जिससे निवेशकर्ताओं में चिंता का माहौल है.

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था की मौजूदा वृद्धि दर 'प्रभावकारी' है. भारत में निवेश के माहौल की सीधी आलोचना से बचते हुए ओमाबा ने कहा कि अमेरिका के कंपनी जगत का कहना है कि उसे भारत में निवेश के वातावरण में गिरावट को लेकर चिंता है. ओबामा ने कहा, अमेरिकी कंपनियों के लोगों का कहना है कि भारत में निवेश करना अब भी बड़ा कठिन काम है. भारत ने खुदरा कारोबार जैसे अनेक क्षेत्रों में विदेशी निवेश पर सीमाएं लगा रखी

हैं या उनमें विदेशी निवेश वर्जित है.  दोनों देशों देशों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए इस तरह का निवेश जरूरी है और यह भारत को आर्थिक वृद्धि की राह पर बनाए रखने के लिए भी आवश्यक है. ओबामा ने भारत की आर्थिक कठिनाइयों को दूर करने के लिए किसी तरह के हल का सुझाव देने से बचते हुए कहा, यह अमेरिका का काम नहीं है कि वह भारत सहित अन्य देशों को उनके आर्थिक भविष्य के बारे में सुझाव दे.

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, भारत जहां कठिन लेकिन आवश्यक सुधारों पर आगे बढ़ेगा, तो उसके साथ हमेशा एक सहयोगी अमेरिका का साथ होगा. अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि भारत के लिए कठिन समझे जाने वाले आर्थिक सुधार कार्यक्रम लागू करना जरूरी है. इस तरह के कार्यक्रमों को लागू करने में भारत को अमेरिका का सहयोग मिलता रहेगा. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को अपना दोस्त और सहयोगी बताते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि उन्होंने उनके साथ नजदीक से काम किया है. ओबामा ने कहा कि वह हाल में मेक्सिको में आयोजित जी-20 शिखर सम्मेलन समेत विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर वह सिंह के विचारों की गहराई का सम्मान करते हैं.

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