तेहरान, 30 अगस्त. ईरान की राजधानी तेहरान में गुरुवार को गुटनिरपेक्ष आंदोलन (नाम) का 16वां शिखर सम्मेलन शुरू हो गया.

सम्मेलन में अपना पहला भाषण देते हुए भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में सीरिया में शांति बहाली सबसे अहम् मुद्दा है और इसका समाधान भी जरूरी है. उन्होंने कहा कि जहां तक मैं समझता हूं, सीरिया के लोग ही इस अहम् मसले का समाधान करें तो ज्यादा बेहतर होगा. प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक संकट की आड़ में विकासशील देशों की तरक्की न रुके. उन्होंने कहा कि विकासशील देशों के लिए खाद्य सुरक्षा बड़ी चुनौती है. हम चाहते हैं कि अंतरराष्ट्रीय बैंक विकासशील देशों की मदद करें ताकि वो विकास में आने वाली समस्याओं से आसानी से निपट सकें. मनमोहन सिंह ने अपने भाषण में गुट निरपेक्ष देशों से गैर परंपरागत ऊर्जा पर ज्यादा खर्च करने की भी वकालत की. इससे पहले शिखर सम्मेलन के उद्घाटन समारोह के अवसर पर अपने सम्बोधन में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खुमैनी ने कहा, उनका देश परमाणु हथियार बनाने के प्रयास नहीं कर रहा है और वह कभी परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण इस्तेमाल का हक नहीं छोड़ेगा.

खुमैनी ने कहा, ईरान का नारा है, क्वसबके लिए परमाणु ऊर्जा, परमाणु हथियार किसी के लिए नहीं.क्व उन्होंने अपने देश के परमाणु कार्यक्रम के खिलाफ पश्चिमी देशों के दुष्प्रचार की आलोचना की और कहा कि कुछ पश्चिमी देश परमाणु ईंधन पर एकाधिकार चाहते हैं. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र की संरचना को अतार्किक, अन्यायपूर्ण और अलोकतांत्रिक करार देते हुए कहा कि दुनिया का नियंत्रण मुट्ठी भर तानाशाह ताकतों के हाथ में नहीं होना चाहिए. उन्होंने कहा कि निरस्त्रीकरण आज की दुनिया की आवश्यकता है और उनका देश मध्य-पूर्व को परमाणु हथियारों से मुक्त करने का आह्वान करता है.

ईरान पहुंचे मिस्त्र के राष्ट्रपति

मिस्त्र के राष्ट्रपति मुहम्मद मुर्सी गुट निरपेक्ष सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए गुरुवार को तेहरान पहुंचे. 1979 में हुई इस्लामिक क्रांति के बाद यह पहली बार है जब मिस्त्र का कोई नेता ईरान पहुंचा है. तेहरान के मेहराबाद हवाईअड्डे पर उनका भव्य स्वागत किया गया. मुर्सी ने संकेत दिया कि वह ईरान के साथ संतुलित विदेश नीति पर काम करेंगे. पिछले हफ्ते ही मुर्सी ने कहा था कि वह ईरान, सऊदी अरब और तुर्की के साथ मिलकर सीरिया में शांति स्थापित करने की दिशा में काम करेंगे. उनके भाषण के दौरान सीरिया के प्रतिनिमंडल ने सम्मेलन का बहिष्कार किया क्योंकि मुर्सी ने सीरिया की असद सरकार को दमनकारी करार दिया है. गौरतलब है कि ईरान की क्रांति के बाद उसने मिस्त्र से से कूटनीतिक संबंध खत्म कर लिया था. मिस्त्र द्वंरा शाह का समर्थन करने और इजरायल के साथ शांति समझौता करने के कारण यह संबंध विच्छेद हुआ था.

परमाणु ऊर्जा पर है फोकस : खुमैनी

दुबई. ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खुमैनी ने कहा है कि ईरान परमाणु बम बनाने की कोशिश कभी नहीं करेगा, लेकिन परमाणु ऊर्जा के इस्तेमाल से भी वह पीछे नहीं हटेगा.

ईरान की राजधानी तेहरान में गुट निरपेक्ष सम्मेलन के लिए इक_े हुए विकासशील देशों के नेताओं के समक्ष खामनेई ने यह बात कही. उन्होंने कहा ईरान अपने मुल्क के परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण इस्तेमाल के अधिकार को कभी नहीं छोड़ेगा. हमारा मकसद है परमाणु ऊर्जा सभी के लिए हो और परमाणु हथियार किसी के लिए नहीं. गौरतलब है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पश्चिमी देश संदिग्ध बताते रहे हैं. उनका कहना है कि यह इसकी आड़ में परमाणु बम बना रहा है.

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