तीस हजार से अधिक आबादी वाले शहरों में कम होगा लाइन लास

  • 60 प्रतिशत लास होगा कम
  • बनेंगे नए विद्युत उप केंद्र
  •  नर्मदा से लगे क्षेत्र में 305 करोड़ रुपए से  होंगे  कार्य
  • अमराई फीडर कार्य की शुरूआत हुई
  • डलेगी 11 केव्ही लाईन

भोपाल, 14 सितंबर. (नरेंद्र शर्मा)प्रदेशवासियों को बहुत जल्द  बिजली संकट से निजात मिलने वाली है. विद्युत आपूर्ति सुधारने और बढ़ती मांग सहित तीस हजार की आबादी वाले शहरों में हो रहे लाइन लास को देखते हुए राज्य सरकार पूरे प्रदेश में बिजली व्यवस्था को दुरूस्त करने के लिए तीन हजार करोड़ रुपए खर्च कर रही है.

जानकारी के अनुसार योजना के तहत भोपाल, होशंगाबाद, ग्वालियर और चंबल राजस्व संभाग के बिजली उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण और व्यवस्थित बिजली आपूर्ति के लिए करीब 3,008 करोड़ रुपये के विकास कार्य किए जा रहे हैं. गौरतलब है कि शहरी क्षेत्रों में विद्युत प्रदाय करने पर वितरण कम्पनी को 60 प्रतिशत से 20 प्रतिशत तक तकनीकी एवं वाणिज्यिक हानियाँ होती हैं.

विशेषकर 30 हजार से अधिक आबादी वाले शहरी क्षेत्रों में इस प्रकार की हानियों को कम करने के लिये प्रणाली सुदृढ़ीकरण के कार्य आर-एपीडीआरपी योजना में प्रारंभ किये जा रहे हैं. इस योजना में शहरी क्षेत्रों में आवश्यकता अनुसार नवीन विद्युत उप-केन्द्र के निर्माण, स्थापित उप-केन्द्रों की क्षमता में वृद्धि, 11 के.व्ही. लाइन की स्थापना, उपभोक्ता स्तर पर निम्न दाब लाइनों का सुधार, मीटरों की स्थापना तथा बिलिंग प्रणाली में सुधार आदि कार्य किये जायेंगे. इस योजना के तहत भोपाल शहर मे 278 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं. हाल ही में इस योजना की शुरूआत बाग सेवनिया में की जा चुकी है.

मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा आने वाले समय में बिजली की बढ़ती मांग के अनुरूप विद्युत वितरण नेटवर्क को सुदृढ़ और व्यवस्थित करने के लिए मददगार होगा. लक्ष्यों की पूर्ति के लिये योजना में ग्रामीण विद्युतीकरण निगम तथा एशियाई विकास बैंक की सहायता से ग्रामीण क्षेत्र में फीडर विभक्तिकरण के काम दो चरणों में चालू किए गए हैं.

पहले चरण में शामिल भोपाल, सीहोर, रायसेन, विदिशा, होशंगाबाद, हरदा और बैतूल जिले में मैदानी स्तर पर कार्य शुरू कर दिये गए हैं. वहीं दूसरे चरण में राजगढ़, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, दतिया, श्योपुर, ग्वालियर, भिंड एवं मुरैना जिले को शामिल किया गया है. इन कार्यों पर लगभग 1,600 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जाएगी. एशियाई विकास बैंक से प्राप्त सहायता से नर्मदा बेल्ट के ग्रामीण क्षेत्र में हाई वोल्टेज वितरण प्रणाली और फीडर विभक्तिकरण के कार्य 305 करोड़ रुपये की लागत से किये जा रहे हैं. वहीं शहरी क्षेत्रों में एशियाई विकास बैंक की मदद से भोपाल और ग्वालियर में लगभग 25 करोड़ रुपये से एचवीडीएस प्रणाली के कार्य पूरे किए गए हैं. मुरैना एवं अम्बाह में 20 करोड़ रुपये का काम जारी है. ग्रामीण क्षेत्र में रिनोवेशन कार्य 130 करोड़ रुपये से क पनी कार्यक्षेत्र विभिन्न जिलों में करवाया जा रहा है.

भोपाल के लिए खर्च होंगे 278 करोड़-मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी द्वारा भोपाल शहर की विद्युत प्रणाली के सुदृढ़ीकरण के लिये बाग-सेवनिया में 11 के.व्ही. 3-सी अमराई फीडर प्रणाली कार्य की शुरूआत की जा चुकी है.

विद्युत आपूर्ति के लिए तैयार करने का कार्य आर-एपीडीआरपी पार्ट बी योजना के तहत 278 करोड़ रूपये की सहायता से किया जा रहा है. इसमें से 200 करोड़ रुपये के कार्यों के कार्यादेश जारी कर दिये गये हैं. अब तक कम्पनी द्वारा विभागीय तौर पर करीब 6 करोड़ रुपये की सहायता से 276 किलोमीटर लम्बी एक्सल पी.ई. केबल बिछाने का कार्य पूर्ण किया गया है. इसी प्रकार उपभोक्ता की सर्विस लाइन के 817 किलोमीटर के कार्य, 2704 कनेक्टर लगाने तथा 23 हजार 408 मीटरों में मीटर-बॉक्स और सीलिंग के कार्य लगभग 6 करोड़ 83 लाख रुपये की लागत से किये गये हैं.

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