बीजिंग, 5 अप्रैल. दक्षिण चीन सागर से तेल निकालने के मसले पर चीन ने एक बार फिर भारत के खिलाफ कड़ा रूख अख्तियार किया है. चीन ने कहा है कि अगर दक्षिण चीन सागर के विवादित क्षेत्र से भारत तेल निकालता है तो उसे इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी.

चीन के एक अधिकारी ने यह चेतावनी दी है. चीन की सरकार की ओर से चलाए जा रहे नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ साउथ चाइना के अध्यक्ष वू सिचून ने कहा कि चीन अपने समुद्री क्षेत्र में संयुक्त सहयोग नहीं चाहता. गौरतलब है कि दक्षिण चीन सागर में भारतीय तेल कंपनी ओएनजीसी विदेश और वियतनाम की तेल कंपनी संयुक्त रूप से तेल निकालने का प्रोजेक्ट चला रही है. चीन ने कंबोडिया में हुए आसियान शिखर सम्मेलन में इस मुद्दे को उठाने के लिए काफी लॉबिंग की थी लेकिन वह बैठक में इस मुद्दे को उठाने में नाकाम रहा. चीन का कहना है कि उसे दक्षिण चीन सागर में तीसरे देश की मौजूदगी मंजूर नहीं है. तेल खनन को लेकर किया गया कोई करार भी मंजूर नहीं है. बताया गया है कि भारतीय कंपनियों को तेल खोजने का अधिकार मिलने से चीन नाराज है. गौर हो कि दक्षिण चीन सागर में 77 बिलियन बैरल का अकूत तेल भंडार और भारी मात्रा में प्राकृतिक गैस का भी भंडार है.

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