भोपाल,4 अप्रैल,नभासं.पूर्व केन्द्रीय पेट्रोलियम मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी.भाजपा.के वरिष्ठ नेता राम नाईक ने आज कहा कि देश में तेजी से बढ रही महंगाई का मुख्य कारण पेट्रोल दाम में लगातार वृद्धि करना है.

नाईक ने यहां पत्रकारों से चर्चा करते हए कहा कि केन्द्र सरकार को पेट्रोल के संबंध में एक मजबूत नीति बनाना चाहिए.उन्होंने कहा कि वर्तमान में भारत में 79 प्रतिशत कच्चा तेल आयात किया जा रहा है जबकि जब वह पेट्रोलियम मंत्री थे उस समय 70 प्रतिशत कच्चा तेल आयात किया जाता था. उन्होंने कहा कि वास्तविकता यह है कि देश में पेट्रोलियम पदार्थो का घरेलू उत्पादन बढा नही है. उन्होंने कहा कि पेट्रोल के दाम वृद्धि के पीछे कच्चे तेल पर लगने वाले कर ् एक्साइज और इपोर्ट ड्यूटी मुख्य कारणों में एक है.उन्होंने कहा कि पेट्रोल के दामों पर नियंत्रण के लिए एक नीति बनाकर लगने वाले करो की दरों को कम किया जाना चाहिए. इस दिशा में अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली राजग सरकार ने काम किया था.

नाईक ने कहा कि वर्तमान सप्रंग सरकार ने पहले की पेट्रोलियम नीति में परिवर्तन किया है जिसके तहत घरेलू पेट्रोलियम के दाम कम करने अथवा बढाने का आधार अंतर्राष्ट्रीय कीमतों को बनाया है.जब पेट्रोलिय पदार्थो की अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कीमत बढती है तब हमारे देश में पेट्रोल के दाम बढाये तो जाते है लेकिन अंतराष्ट्रीय स्तर पर दाम कम होते है तब पेट्रोल के दाम घटाये नही जाते है. उन्होंने कहा कि राजग सरकार के कार्यकाल में घरेलू पेट्रोलियम उत्पादन बढाने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों में तेल भंडारों को चिन्हित करने की प्रक्रिया चल रही थी. जबकि वर्तमान सप्रंग सरकार ने इस दिशा में कोई नीति नही है. उन्होंने कहा कि रिलायंस इंडस्ट्रीज को कृष्णा-गोदावरी बेसीन में आवंटित किये गये एक ब्लाक से उत्पादन प्रारंभ हो गया था लेकिन अब उत्पादन मात्रा में काफी कमी आ गई है.

नाईक ने कहा कि देश में पेट्रोलियम उत्पादन बढाने के साथ ही विदेशों में पेट्रोलियम पर निवेश करने और वैकल्पिक संसाधनों को बढावा देने की आवश्यकता है. उन्होंने घरेलू रसोई गैस के दाम में भी वृद्धि होने पर केन्द्र सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि देश में एक तरफ विमान के उपयोग में आने वाले ईधन के दाम पेट्रोल से कम होने पर सवाल उठाया. उन्होंने गोवा सरकार द्वारा हाल ही में पेट्रोल वेट हटा कर पेट्रोल के दाम करने के निर्णय के सवाल पर कहा कि वहां पर भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में इस संबंध में जनता से वादा किया था.उन्होंने कहा कि अन्य प्रदेशों की सरकार इसके प्रभाव का अध्ययन कर इस पर विचार कर सकती है.

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