भोपाल, 28 अप्रैल. म.प्र. कर्मचारी कांग्रेस ने राज्य शासन द्वारा पुलिस विभाग के अन्तर्गत कार्यरत 16 हजार होमगार्ड के जवानों के वेतन में चालीस रुपये प्रतिदिन की गई वृद्घि को ऊंट के मुंह में जीरा बताया है.

संगठन के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र खोंगल ने कहा है कि एक ओर मुख्यमंत्री, मंत्री एवं जन प्रतिनिधियों द्वारा अपने वेतन भत्तों एवं सुविधाओं में 477 प्रतिशत वृद्घि कर ली गई है, वहीं दूसरी ओर प्रदेश के नागरिकों को सुरक्षा देने वाली पुलिस के साथ काम करने वाले होमगार्ड के जवानों के लिये एक मजदूर से भी कम वेतन निर्धारित किया गया है.खोंगल ने बताया कि होमगार्ड को वर्तमान में साढ़े चार हजार रुपये वेतन मिलता है. कल शासन द्वारा उनके वेतन में चालीस रुपये प्रति दिन वृद्घि किये जाने से उन्हें अब पाँच हजार सात सौ रुपये वेतन प्राप्त होगा. जबकि पुलिस के जवानों का वेतन पन्द्रह से बीस हजार रुपये होता है. होमगार्ड के जवान पुलिस से संबंधित सभी प्रकार के कार्य करते है, लेकिन राज्य शासन की उनके प्रति बरती जा रही उदासीनता के कारण इस भीषण महंगाई में उनके परिवार के सदस्यों को आर्थिक कठिनाईयों में ही अपना जीवन यापन करना पड़ï रहा है.

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