• केंद्र सरकार को कोसा

भोपाल 4 नवंबर.नभासं. केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल के दाम बढाये जाने की राजधानी में तीव्र प्रतिक्रिया हुयी हु .मूल्य वृध्द के वाम दलों ,भाजपा और अन्य संगठनों ने पेट्रोल के दामों में बढोतरी को पहले से ही मंहगाई की मार झेल रही जनता पर कुठाराघात बताते हुये मूल्य वृध्दि तुरंत वापस लेने की मांग की है.

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने पेट्रोल के मूल्य में  1 रूपये 82 पैसे की बढोतरी की है जो कल रात से लागू हो गयी है.घरेलू गैस की कीमतों में भी भारी बढोतरी के प्रस्ताव की खबरों से भी आम लोग सकते में आ गये है. युवा मोर्चा का संाकेतिक रूप से फांसी पर लटक कर प्रदर्शन-  केंद्र सरकार द्वारा लगातार की जा रही पेट्रोलिय पदार्थ की मूल्य वृद्घि के विरोध में आज 12 बजे बोर्ड ऑफिस चौराहे पर जिला अध्यक्ष कुलदीप खरे के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा जिला भोपाल के कार्यकर्ता सांकेतिक रूप से फांसी पर लटकर केंद्र सरकार के खिलाफ अपना विरोध व्यक्त करेंगे.

कुलदीप खरे ने बताया कि पिछले एक वर्ष में केंद सरकार ने नौ बार पेट्रोलियम पदार्थो की मूल्य वृद्घि करके आम व्यक्ति के जन जीवन को झकझोर कर रख दिया है. मंहगाई को लेकर केंद्र सरकार के पास कोई स्पष्ट जबाब नही है. सरकार जब पेट्रोलियम पदार्थो के दाम बढ़ाती है तो इसका प्रत्यक्ष असर अन्य वस्तुओं पर पड़ता है. जो स्वत: ही मंहगी हो जाती है. मंहगाई बढ़ाने के सरकार नित नये उपाय खोजती रहती है. इस बार का कारण डॉलर के मुकाबले रुपये का कमजोर होना बता कर केंद्र सरकार द्वारा अपनी कमजोरियों को छिपाया गया है. कार्यक्रम में युवा मोर्चा का मार्गदर्शन के लिए भाजपा भोपाल जिला अध्यक्ष आलोक शर्मा, बी.डी.ए. अध्यक्ष सुरेंन्द्रनाथ सिंह, प्रदेश महामंत्री नंदकिशोर चौहान, प्रदेश कार्यालय मंत्री आलोक संजर, विधायक ध्रुवनारायण सिंह, विधायक मन्नू डागा, विधायक विश्वास सारंग, सहित अनेक वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहेंगे.

पेट्रोल वृद्घि जनता के साथ विश्वासघात-सीपीआई

भारतीय कम्युनिष्ट पार्टी ने पेट्रोल की कीमत में लगातार वृद्घि को जनता के साथ विश्वासघात मानते हुए इस मूल्य वृद्घि को वापस लेने तथा तेल कम्पनियों पर केंद्र सरकार का पुन: नियंत्रण करने की मांग की है. भारतीय कम्युनिष्ट पार्टी के प्रांतीय मीडिया प्रभारी शैलेन्द्र कुमार शैली ने कहा केन्द्र सरकार की जन विरोधी नीतियों से तेल कम्पनियों को नियंत्रण से मुक्त किया गया, जिसका दुष्परिणाम देश की गरीब जनता को भुगतना पड़ रहा है. विगत डेढ़ साल में पेट्रोल कीमत में 43 प्रतिशत की मूल्य वृद्घि से देश की जनता घनघोर संकट में है. जनता का संकट कम करने के लिए म.प्र. सरकार को भी  पेट्रोलियम पदार्थो में अपना टेक्स कम करना चाहिए. इस मंहगाई के खिलाफ भारतीय कम्युनिस्अ पार्टी से संबंध एटक तथा समस्त अग्रणी श्रमिक संगठन द्वारा 8 नवम्बर को देश व्यापी प्रदर्शन किया जावेगा.

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