ममता के  तीखे तेवर से देश की राजनीति गरमाई, संसदीय इतिहास में अपनी तरह का पहला संकट

आठ साल बाद बढ़ा किराया

रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी ने रेल बजट 2012-13 में आठ साल बाद सभी तरह के रेल किराए में वृद्धि की है. रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी ने दो पैसे प्रति किलोमीटर से लेकर 30 पैसे प्रति किलोमीटर तक की बढ़ोतरी की है. हालांकि इसका चौतरफा विरोध हो रहा है. लेकिन रेल मंत्री ने कहा है कि बढ़ोत्तरी के बगैर काम चलाना मुश्किल था.

प्रति किमी के हिसाब से बढ़ा किराया
रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी ने किराया बढ़ोत्तरी की घोषणा करते हुए कहा कि वैसे तो किराया के संबंध में रेलवे दर सूची नियामक प्राधिकरण की स्थापना किए जाने पर विचार किया जाएगा. लेकिन उससे पहले साधारण द्वितीय श्रेणी के यात्री किरायों में 2 पैसे प्रति किलोमीटर, मेल ऐक्सप्रेस द्वितीय श्रेणी में 3पैसे प्रति किलोमीटर, स्लीपर में 5 पैसे प्रति किलोमीटर, एसी चेयरकार व एसी 3 और प्रथम श्रेणी में 10 पैसे, एसी 2 में 15 पैसे तथा एसी 1 में 30 पैसे प्रति किलोमीटर वृद्घि की घोषणा की.

प्लेटफार्म टिकट 5 रुपए
इतना ही नहीं उन्होंने न्यूनतम किराया व प्लेटफार्म टिकट की कीमत बढ़ाकर 5 रूपये करने की घोषणा की. हालांकि उन्होंने यात्रियों की सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान देते हुए महत्वपूर्ण स्टेशनों पर 321 एस्केलेटरों को लगाने, ई टिकट के मामले में यात्री के मोबाइल फोन पर एसएमएस को वैध आरक्षण के प्रमाण के रूप में स्वीकारने, किफायती दरों पर क्षेत्रीय भोजन की शुरूआत करने, एसएमएस व ई मेल के माध्यम से भोजन के बहुत विकल्प मुहैया कराने के लिए बुक-ए-मील योजना शुरू करने, प्रतीक्षा सूची वाले यात्रियों के अल्टरनेट गाडिय़ों में जगह उपलब्ध कराने के लिए अल्टरनेट ट्रेन एकोमडेशन सिस्टम की शुरूआत करने, एसएमएस व इंटरनेट के माध्यम से ट्रेन की रनिंग की सही सूचना सैटेलाइट के माध्यम से उपलब्ध कराने जैसे कई बेहतर घोषणा भी की है.

विशेष रोगियों को 50 प्रतिशत रियायत
श्री त्रिवेदी ने परंपरा के हिसाब से कुछ रियायत का ऐलान करते हुए खास बीमारियों से ग्रस्त मरीजों को एसी-2, एसी चेयरकार और शयनयान के रेल किराए में 50 प्रतिशत रियायत तथा अर्जुन पुरस्कार पाने वाले राजधानी और शताब्दी में रियायती सफर करने का तोहफा दिया. रेल मंत्री ने कहा कि 12वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान ‘हेरिटेज विरासत रेल लाइनों’ को छोड़कर बाकी सभी मीटर गेज और नैरो गेज लाइनों को ब्राड गेज में तब्दील कर दिया जाएगा. श्री त्रिवेदी ने विकलांगों की समस्या के तरफ विशेष ध्यान देते हुए उनके लिए सभी गरीब रथ ट्रेनों में एक विशेष वातानुकूलित कोच देने की घोषणा की. रेल मंत्री ने सिखों को तोहफा देते हुए सिख तीर्थस्थलों अमृतसर, पटना साहिब और नांदेड को जोडऩे वाली विशेष गुरू परिक्रमा ट्रेन चलाने की घोषणा की.

एक लाख नई भरती व रेल खेल रत्न पुरस्कार
रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी ने घोषणा की है कि हर साल दस खिलाडिय़ों को रेल खेल रत्न पुरस्कार दिए जाएंगे. कर्मचारियों की कमी को खत्म करने के लिए उन्होंने कहा कि 2012-13 के दौरान रेलवे में एक लाख नयी भर्तियां की जाएंगी. रेल मंत्री ने 75 नयी एक्सप्रेस और 21 सवारी गाडियां 39 रेलगाडियों का विस्तार तथा 23 रेलगाडिय़ों के फेरों में वृद्घि की घोषणा की है. रेल मंत्री ने रेलवे बोर्ड का पुनर्गठन किए जाने की घोषणा करते हुए कहा कि जल्द ही रेलवे बोर्ड में दो नए सदस्य नियुक्त किए जाएंगे. रेल मंत्री ने कहा कि रेल सुरक्षा मेरी पहली प्राथमिकता है ‘जान है तो जहान है. उन्होने कहा कि मैं सुरक्षा मानकों से संतुष्टï नहीं हूं. उन्होंने रेल रोड ग्रेड सेपरेशन कापरेरेशन ऑफ इंडिया के गठन व पृथक रेलवे सुरक्षा प्राधिकरण और रेलवे अनुसंधान एवं विकास परिषद के गठन का ऐलान किया. उन्होंने कहा कि प्राधिकरण अंतरराष्ट्र्रीय मानकों के अनुरूप काम करेगा.

पांच साल में सभी खुले फाटकों पर क्रासिंग बनेंगे. रेल मंत्री ने कहा कि रेलवे को अगले दस साल में 14 लाख करोड़ रूपए की आवश्यकता है. रेल मंत्री ने कहा कि 2012-13 के लिए 60100 करोड़ रुपए का अब तक का सबसे बड़ा वार्षिक योजना व्यय है. 2012-13 में 4410 करोड़ रुपए क्षमता विकास पर खर्च होंगे. रेल मंत्री  ने इस बात पर जोर दिया कि कहा कि 12वीं योजना में रेलवे का योजना व्यय 7.3 लाख करोड़ रुपए है. उन्होंने कहा कि रेलवे की 487 परियोजनाएं लंबित हैं. जिन्हें उचित बजट राशि मिले बिना दोहरीकरण, विद्युतीकरण से जुडी इन परियोजनाओं को समय से पूरा करना संभव नहीं है. इससे पूर्व रेल बजट पेश करने से पूर्व रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी ने कहा कि रेल बढ़ेगी तो देश बढ़ेगा.

उन्होंने भारतीय रेलवे स्टेशन विकास निगम के गठन का ऐलान किया जो रेलवे स्टेशनों की साफ सफाई, रखरखाव का जिम्मा संभालेगा. इसके अलावा उन्होंने कहा कि अगले साल 2500 कोचों में बायो (हरित) शौचालय लगेंगे. रेल मंत्री ने मालगाडी शेड के लिए रेलवे लाजिस्टिक कापरेरेशन के गठन का ऐलान किया.  इससे पूर्व रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी ने बजट बनाने में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के सहयोग के लिए धन्यवाद किया.

दिल्ली, 14 मार्च. देश की संसदीय राजनीति में अपनी तरह की यह पहली घटना है जिसमें रेल किराया बढ़ाने पर मंत्री को अपनी ही पार्टी के आला कमान की नाराजगी का सामना करना पड़ा और कुर्सी खतरे में आ गई. केन्द्रीय रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी ने जब अपने पहले बजट में ही 8 साल बाद सभी श्रेणी का यात्री किराया बढ़ाने की  बात कही तो शाम तक देश की राजनीति गरमा गई. पूर्व रेल मंत्री, प. बगांल की मुख्यमंत्री और टीएमसी अध्यक्ष ममता बनर्जी ने केन्द्र को धमकाया कि वह किराया नहीं बढऩे देगी. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कह दिया कि हमारे पास बहुमत है. सपा ने सरकार को समर्थन  की बात कही. देर रात खबर है कि ममता बेनर्जी ने कोलकाता से पीएम को फेक्स भेजकर त्रिवेदी को हटाकर मुकुल राय का नाम नए रेल मंत्री के रुप में सुझाया है. उधर त्रिवेदी और राय दोनों को ममता ने कल कोलकाता तलब किया है. आपात स्थिति में प्रधामंत्री ने देर रात बैठक बुलाई जिसमें प्रणव मुखर्जी को ममता बनर्जी को मनाने की जिम्मेदारी सौपी गई है.

सरकार को धमकी

त्रिवेदी को बर्खास्त कराना चाहती हैं ममता

यात्री किराए में बढ़ोतरी से नाराज तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने बुधवार रात प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि उनकी पार्टी के नेता दिनेश त्रिवेदी को रेल मंत्री पद से हटाया जाए. ममता ने कहा कि हां, मैंने प्रधानमंत्री को लिखा है कि उनके (त्रिवेदी) के स्थान पर मुकुल रॉय को लाया जाए. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता की ओर से सख्त कदम उस वक्त उठाया गया, जब त्रिवेदी ने यात्री किराए में बढ़ोतरी के कदम का बचाव किया. त्रिवेदी आज पूरे दिन यही कहते रहे कि उन्होंने जो कुछ भी किया है, रेल और देश के हित में किया गया है. उनका कहना था कि अपना पद चल जाने से उन्हें कोई चिंता नहीं है. तृणमूल ने किराए में बढ़ोतरी में वापस लेने के लिए कहा है. पार्टी ने इस मुद्दे पर कटौती प्रस्ताव लाने की भी धमकी दी है. मुकुल रॉय फिलहाल जहाजरानी राज्य मंत्री हैं. इससे पहले वह रेल राज्य मंत्री थे.

मेरे लिए देश पहले, पार्टी तीसरे नंबर पर: त्रिवेदी
दिनेश त्रिवेदी ममता बनर्जी के भारी प्रेशर के बाद भी किराए में बढोतरी वापस लेने को लेकर तैयार नहीं दिख रहे हैं. त्रिवेदी ने साफ किया कि उन्होंने वही किया है, जो देश के लिए बेहतर था. त्रिवेदी ने कहा कि उनके लिए देश पहले आता है, इसके बाद उनका परिवार है और फिर पार्टी. त्रिवेदी ने कहा कि वह दबाव में नहीं झुकेंगे. उन्होंने कहा कि रेलवे की बेहतरी के लिए किराया बढ़ाना जरूरी था. उनके पास पैसे का पेड़ नहीं है.

किसने क्या कहा

  • प्रधानमंत्री ने कहा रेल बजट दूरदर्शितापूर्ण है और इसमें सुरक्षा और आधुनिकीकरण पर विशेष जोर दिया गया है. यह भविष्य को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. जिसमें सुरक्षा और रेलवे के आधुनिकीकरण को विशेष तवज्जो दी गई है. प्रधानमंत्री ने कहा कि रेल मंत्री ने दूरदर्शितापूर्ण बजट तैयार किया है जिसमें सुरक्षा, संरक्षा और रेलवे के आधुनिकीकरण को विशेष तवज्जो दी गई है. मनमोहन ने कहा कि रेल बजट 12वीं पंचवर्षीय योजना की माग को पूरा करने की जवाबदेही की पृष्ठभूमि में तैयार किया गया है.
  • वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने कहा बजट मूल रूप से संतुलित है. यदि मुख्य घोषणाएं लागू हो सकीं तो निश्चित ही रेलवे का भार काम होगा.
  • मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने विदिशा में डीजल इंजन फैक्ट्री लगाने, हबीबगंज-इंदौर के बीच डबल डेकर ट्रेन चलाने सहित प्रदेश के चार रेलवे स्टेशनों को आदर्श स्टेशन बनाने की घोषणा का स्वागत करते हुए रेल मंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया है. इसी के साथ  चौहान ने कहा है कि यात्री किराये की वृद्धि से आम आदमी पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा. उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश जैसे तेजी से विकसित हो रहे राज्य को कुछ नयी रेलें तथा रेल लाइनें मिलने की अपेक्षा थी.  मुख्यमंत्री ने कहा है प्रदेश के अधूरे पड़े रेलवे प्रोजेक्ट, जिनमें छह रेलवे लाइनें तथा इतने ही गेज कन्वर्जन शामिल हैं, को शीघ्र पूरा करने के लिये रेलवे बजट में पर्याप्त बजट का प्रावधान होना चाहिये था. इसी तरह प्रदेश को देश के बड़े नगरों से जोडऩे वाली सुपरफास्ट ट्रेनों से जोड़ा जाना आवश्यक था. मुख्यमंत्री ने अपेक्षा की है कि रेल मंत्री मध्यप्रदेश की इन अपेक्षाओं पर ध्यान देंगे.
  • प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कांतिलाल भूरिया ने कहा यह बजट देश के विकास को नई दिशा देगा और मप्र भी उससे लाभांवित होगा. मप्र के विदिशा में डीजल इंजन पुर्जा कारखाना अज्छी सौगात है. मप्र कांग्रेस रेल मंत्री की इस घोषणा का स्वागत करती है. यह कारखाना खुलने पर क्षेत्र के युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों में वृद्ध्रि होगी.

मध्यप्रदेश को क्या मिला

विदिशा में कारखाना, डबल डेकर सहित कुछ और ट्रेनें

नवभारत टीम
भोपाल/इंदौर, 14 मार्च. केन्द्रीय रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी द्वारा लेाकसभा में पेश किए गए वर्ष 2012-13 के रेल बजट में हबीबगंज-इंदौर के बीच वातानुकूलित डबल डेकर एक्सप्रेस प्रतिदिन चलाने की घोषणा की गई है. इसके अलावा इंदौर से इटारसी, नरखेड, अमरावती, अकोला, काचेगुडा के रास्ते इंदौर-यशवंतपुर साप्ताहिक एक्सप्रेस चलाने की भी घोषणा की है. इसके अलावा जबलपुर-सिंगरोली इंटरसिटी एक्सप्रेस न्यू कटनी जंक्शन के रास्ते प्रतिदिन चलाई जाएगी. भूसावल-हजरत निजामुद्दीन औश्र रायगढ़-निजामुद्दीन गोंडवाना एक्सप्रेस को डीलिंग करके जबलपुर-हजरत निजामुद्दीन के बीच स्वतंत्र रूप से चलाया जाएगा.

रेल मंत्री ने रीवा -बिलासपुर पैसेंजर और रीवा-चिरीमिरी पैसेंजर को डीलिंक करके रीवा-बिलासपुर और रीवा चिरीमिरी के बीच स्वतंत्र रूप से पैसेंजर गाड़ी चलाने की भी घोषणा की है. ललितपुर के रास्ते झांसी-टीकमगढ़ पैसेंजर भी चलाई जाएगी. इसी तरह बीना-भोपाल के बीच परंपरागत सेवा के स्थान पर मेमू चलाई जाएगी.

रेल मंत्री द्वारा रेल बजट में जो घोषणाएं की गई है, उसमें मध्यप्रदेश के लिए की गई घोषणाएं इस प्रकार है-

  • विदिशा में डीजल इंजन करखाना बनेगा.
  • वर्ष 2011-12 में भिंड-इटावा (पार्ट) पूरा करने का प्रस्ताव.
  • वर्ष 2012-13 में भिंड-इटावा (पार्ट) छोटा उदयपुर-अलीराजपुर और खड़कपुर-छतरपुर नई रेल लाइन परियोजना कार्य पूरा करने का लक्ष्य.
  • योजना आयोग के मूल्यांकन के लिए नई रेल परियोजनाओं में खरगौन, बड़वानी के रास्ते खंडवा-धार रेल लाइन शमिल.

मध्यप्रदेश को क्या मिला…

-वर्ष 2012-13 के दौरान नई रेल लाइन सर्वेक्षण का कार्य शुरू करने की सूची में प्रतापगढ़-मंदसोर, सिवनी-बरघाट-कटंगी, सिवनी-छपरा-लखनादौन, सतना-मिरजापुर, सागर से बंडरी मालथौन-ललितपुर रेलवे लाइन, गोधरा-दाहोद-इंदौर-देवास, इंदौर – बैतुल, छिंदवाड़ा-गाडरवाड़ा-उदयपुर-जयसिंहनगर-सुगोर बांदा-बड़ा मल्हरा-खजराहो रेल लाइन, उज्जैन-रामगंजमंडी और जबलपुर-इंदौर शामिल है.
– वर्ष 2012-13 में रतलाम-फतेहाबाद के बीच आमान परिवर्तन परियोजना पूरा करने का लक्ष्य.
– वर्ष 2012-13 में रेल बजट में स्वीकृत की गई नई दोहरीकरण परियोजनाओं की सूची में बरखेड़ा हबीबगंज तािा इटारसी-बुधनी के बीच तीसरी लाइन.
– वर्ष 2012-13 में रेल बजट में दोहरीकरण परियोजनाओं में आमला-छिंदवाड़ा और गवालियर-गुना-मक्सी रेल परियोजनाओं का सर्वेक्षण की स्वीकृति.
– इटारसी-मानिकपुर-छिओकी ओर आमला-छिंदवाड़ा-कालुमना के बीच विद्युतीकरण परियोजनाओं की स्वीकृति.
– मक्सी-विजयपुर और गुना-गवालियर के बीच विद्युतीकरण सर्वेक्षण की स्वीकृति.
– आदर्श स्टेशनों की सूची में उज्जैन, खंडवा, दमोह, बुरहानपुर और परायि शामिल.
– वर्ष 2012-13 में रेल बजट में मध्यप्रदेश से होकर जाने वाली नई एक्सप्रेस गाडिय़ों में जयपुर-सिकंदराबाद साप्ताहिक एक्सप्रेस नागदा और भोपाल, झांसी-मुंबई साप्ताहिक एक्सप्रेस गवालियर, मक्सी और नागदा, हैदराबाद-अजमेर साप्ताहिक एक्सप्रेस इटारसी और रतलाम, शालीमार-भुज साप्ताहिक एक्सप्रेस कटनी और भोपाल तथा संतरागाछी अजमेर साप्ताहिक एक्सप्रेस कटनी के रास्ते चलेगी.

रेल बजट – इंदौर को मिली तीन नई गाडिय़ां
इंदौर. 2012-13  के रेल बजट में इंदौर को तीन नई गाडिय़ों की सौगात मिली है. हालांकि इंदौर को विश्वस्तरीय स्टेशन का दर्जा मिलने का सपना सिर्फ सपना ही रह गया. शहर को जो नई गाडिय़ों मिली हैं उनमें इंदौर-यशवंतपुर, इंदौर-रीवा और इंदौर-हबीबगंज डबल डेकर एसी शामिल हैं. इंदौर-नागपुर ट्रेन के रायपुर तक विस्तार को हरी झंडी नहीं मिली है. वहीं इंदौर-जयपुर ट्रेन के साप्ताहिक फेरों में भी इजाफा नहीं हुआ. अभी यह ट्रेन दो दिन चलती है. इसके तीन दिन चलाए जाने की उम्मीद की जा रही थी. इंदौर-दाहोद और छोटा उदयपुर-धार परियोजनाएं भी रेल बजट में उपेक्षित ही रहीं.

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