छतरपुर. 7 फरवरी . जिला अस्पताल के प्रसूति वार्ड में मंगलवार को प्रात: करीब 6 बजे मवासी जिला छतरपुर निवासी राजेश यादव की 25 वर्षीय पत्नि गीता ने एक विचित्र नवजात शिशु को जन्म दिया है.

अस्पताल के चाईल्ड केयर यूनिट में जिंदगी और मौत से जूझ रहा इस नवजात शिशु (लड़की) का संपूर्ण मस्तिष्क उसके सिर के बाहर है केयर यूनिट के प्रभारी डॉ. सुरेश बौद्ध ने बताया कि क्रोमोसोमल या न्यूरलट्यूब में गड़बड़ी के कारण ऐसा हो सकता है. उन्होंने बताया कि इस तरह के जन्मे बच्चे अधिकतम 72 घंटे ही जीवित रह पाते हैं. तीन किलो 100 ग्राम वजनी यादव दंपत्ति की यह विचित्र पहली संतान है जो फिलहाल जिला अस्पताल की चाईल्ड केयर यूनिट में भर्ती है. विदित  हो  कि कुछ  दिन पूर्व ही एक ऐसा ही नवजात शिशु (लड़का) का भी जिला अस्पताल में जन्म हुआ था जिसका मस्तिष्क सिर से बाहर था.

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