• दोपहर 1.30 बजे मैच शुरू होगा

मीरपुर, 15 मार्च. अपने पहले मैच में श्रीलंका को धूल चटा चुकी गत चैंपियन भारतीय टीम यहां शुक्रवार को एशिया कप के अपने दूसरे मुकाबले में उतरेगी तो उसका एकमात्र मकसद मेजबान बंगलादेश को पस्त कर टूर्नामेंट के फाइनल के लिए अपना स्थान सुरक्षित करने का होगा.

टूर्नामेंट में हर टीम को तीन-तीन मैच खेलने हैं. भारत पहला मैच 50 रन के अंतर से जीतकर चार अंक और बेहतर रन रेट के साथ अंक तालिका में शीर्ष पर बना हुआ है. अगर वह बंगलादेश को हराने में कामयाब रहता है तो इसी मैच से उसके आठ अंक बन जाएंगे और फाइनल में उसका स्थान लगभग पक्का हो जाएगा.

भारतीय बल्लेबाजों ने श्रीलंका के खिलाफ जिस अंदाज में प्रदर्शन किया, उसे देखते हुए भारत की राह कहीं भी मुश्किल नहीं लगती है. हां गेंदबाजों की लय शुरु में जरूर बिगड़ी हुई थी. उन्हें अपनी कमजोरियों पर काबू पाना होगा ताकि अपना अभियान शान से आगे बढ़ाकर भारत विश्व विजेता की अपनी प्रतिष्ठा बरकरार रख सके. मीरपुर का शेरे बंगाल स्टेडियम भारतीय बल्लेबाज विराट कोहली को खूब रास आ रहा है. इसी मैदान पर उन्होंने विश्वकप के पहले मैच में नाबाद शतक जड़ा था. इस तरह इस मैदान पर उन्होंने लगातार दो पारियों में शतक जड़ा है. इससे पहले वह 2010 में इस मैदान पर नाबाद 102, नाबाद 71 और 91 रन की पारियां खेल चुके हैं. उनके हाल के फॉर्म को देखकर उम्मीद की जा सकती है कि एक बार फिर वह अपनी विराट पारी से भारत का भला करेंगे.

साल भर से अपने 100वें अंतरराष्ट्रीय शतक का इंतजार कर रहे मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुल्कर के पिछले मैच में जल्द आउट होने से विराट शुरुआती ओवरों में ही मैदान में उतर गए थे और फिर उन्होंने जिस तरह से पारी को संवारा उससे साथी बल्लेबाजों का भी उत्साह बढ़ा. विराट इन दिनों उप कप्तान की भी भूमिका निभा रहे हैं. इसके बावजूद उन्होंने पहले मैच में दबावमुक्त प्रदर्शन किया. उनके साथ गौतम गंभीर ने भी अच्छे हाथ दिखाए थे. गौतम फिर से सलामी बल्लेबाज के तौर पर उतरेंगे और इस बार निश्चित रूप से उनसे प्रशंसक तथा टीम साथी ज्यादा उम्मीदें पाले रखेंगे.

पिछले मैचों की ही तरह इस मैच में भी क्रिकेट प्रेमी सचिन का महाशतक पूरा होने का इंतजार कर रहे होंगे. सचिन का यह इंतजार जितना लंबा खिंच रहा है, उन पर मानसिक दबाव उतना ही बढ़ता जा रहा है. इस बार बंगलादेश जैसी अपेक्षाकृत कमजोर टीम उनके सामने है तो यह उम्मीद बढ़ जाती है कि कम से कम इस मौके को वह हाथ से जाने नहीं दें. आईपीएल रॉकस्टार रवीन्द्र जडेजा टी-20 मैचों में तो लगातार बेहतर प्रदर्शन करते रहे हैं लेकिन वनडे में उन्हें खुद को अब भी साबित करना है.

इस मैच में अगर उन्हें मौका मिलता है तो अपनी उपयोगिता उन्हें साबित करनी होगी.
गेंदबाजी में मेरठ एक्सप्रेस प्रवीण कुमार काफी समय से पटरी से उतरे मालूम पड़ रहे हैं. श्रीलंका के खिलाफ मैच में भी उन्होंने शुरुआती ओवरों में खूब रन लुटाऐ. उन्हें अपने और टीम इंडिया दोनों के भले के लिए फिजूलखर्ची पर लगाम लगानी होगी. भारतीय टीम में दोबारा अपनी जगह पक्की करने के लिए संघर्ष कर रहे ऑलराउंडर इरफान पठान ने टूर्नामेंट के पहले मैच में किफायती गेंदबाजी के साथ चार विकेट लेकर अच्छी छाप छोड़ी. उन्हें अपनी यह लय बरकरार रखनी होगी. साथ ही युवा तेज गेंदबाज आर विनय कुमार से भी टीम को काफी उम्मीदें रहेंगी.

स्पिन के क्षेत्र में एकमात्र फुलटाइमर रविचंद्रन अश्विन अपनी भूमिका अच्छी तरह निभा रहे हैं. उनका साथ देने के लिए फिलहाल जडेजा, सुरेश रैना और रोहित शर्मा मौजूद हैं. इन तीनों के लिए एक चुनौती समान रूप से है कि इन्हें गेंद और बल्ले दोनों से खुद को ज्यादा उपयोगी साबित करना होगा ताकि भारतीय टीम के नियमित सदस्य के तौर पर उनका दावा ज्यादा मजबूत रह सके. टूर्नामेंट के उद्घाटन मैच में मेजबान टीम पाकिस्तान से काफी संघर्ष करने के बाद हारी थी. इस कारण उसके खिलाड़ी अपनी पूरी ताकत झोंककर उस हार का मलाल भारत पर जीत के साथ दूर करना चाहेंगे लेकिन महेंद्र सिंह धोनी एंड कंपनी के रहते यह काम इतना आसान नहीं होगा.

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