रक्षामंत्रियों के बीच वार्ता

नई दिल्ली, 5 सितंबर. भारत और चीन के रक्षा मंत्रियों ने मंगलवार को प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता आरंभ की. इस दौरान दोनों पक्षों के 2010 से स्थगित सैन्य अभ्यास को बहाल करने का फैसला किया है.

रक्षा मंत्री एके एंटनी और उनके चीनी समकक्ष जनरल लियांग गुआंगली के बीच यह वार्ता चल रही है. बीते आठ साल के दौरान भारत का दौरा करने वाले गुआंगली चीन के पहले रक्षा मंत्री हैं. इस वार्ता के दौरान चीन के रक्षा मंत्री सीमा के निकट चीनी सैन्य ढांचे के निर्माण पर भारत की चिंताओं का निपटारा करने के साथ ही परस्पर विश्वास बहाली के कदमों पर चर्चा कर सकते हैं. जनरल जियांग उस समय भारत दौरे पर आए हैं, जब दोनों देश संसाधनों के लिए इस महाद्वीप में अपनी धाक जमाने की कोशिश में हैं और इसी को लेकर एक दूसरे से स्पर्धा में भी हैं. वह रविवार को मुंबई पहुंचे थे. वह पांच दिन की भारत यात्रा पर आए हैं.

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आधिकारिक मुलाकात से पहले चीन के रक्षा मंत्री ने मुंबई और आगरा की यात्रा के समय अच्छे इंतजाम किए जाने के लिए एंटनी को धन्यवाद कहा. भारत और चीन के बीच इस वार्ता के बारे में रक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हम सैन्य स्तर के अभ्यास को अगले साल से बहाल करने की योजना बना रहे हैं. एंटनी के साथ मुलाकात के बाद चीन के रक्षा मंत्री चीफ ऑफ स्टॉफ कमिटी के अध्यक्ष एयर चीफ मार्शल एनएके ब्राउन से मुलाकात करेंगे. इसके बाद उनका प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से भी मिलने का कार्यक्रम है. दोनों देशों के बीच सैन्य अभ्यास 2007 से आरंभ हुआ था, लेकिन रक्षा संबंधों में कई उतार-चढ़ाव के बाद 2010 में इसे रोक दिया गया.

पहला युद्ध अभ्यास 2007 में चीन के कुनमिंग में आयोजित किया गया था. दूसरा साल 2008 में भारत के बेलगाम में था. अभ्यास का तीसरा चरण 2010 में आयोजित होना था, लेकिन यह नहीं हो सका. सेना के उत्तरी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल बी एस जसवाल को चीन ने 2010 में वीजा जारी करने से मना कर दिया था. इसके बाद भारत ने सभी द्विपक्षीय रक्षा संबंधों पर विराम लगा दिया था.

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