अफगानिस्तान से होगी शुरुआत, मैच शाम 7.30 बजे से

कोलंबो, 18 सितंबर. भारत आईसीसी विश्व टी-20 चैम्पियनशिप क्रिकेट टूर्नामेंट में आज जब यहां अफगानिस्तान की कमजोर समझी जाने वाली टीम के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगा तो उसका लक्ष्य सही सर्वश्रेष्ठ संयोजन के साथ उतरने का होगा जिससे कि आगामी कड़े मुकाबलों से पहले वह लय में आ सके.

भारत अगर कल अफगानिस्तान को हरा देता है तो 2007 के चैम्पियन का इंग्लैंड के खिलाफ 23 सितंबर को अपने दूसरे और अंतिम मुकाबले से पहले ही सुपर आठ में जगह बनाना लगभग तय हो जाएगा. इन दोनों टीमों के बीच अब तक हुए सिर्फ एक मुकाबले में भारत ने पिछले विश्व टी-20 टूर्नामेंट में वेस्टइंडीज को अफगानिस्तान पर सात विकेट की आसान जीत दर्ज की थी. वर्चस्व की असली जंग तो इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबले से शुरू होगी लेकिन अफगानिस्तान के खिलाफ अच्छी शुरूआत से निश्चित तौर पर टीम इंडिया को लय हासिल करने में मदद मिलेगी और साथ ही टीम प्रबंधन को पता चल पाएगा कि उनका सर्वश्रेष्ठ संयोजन कितना कारगर है. अंतिम ओवरों में गेंदबाजी भारत के लिए चिंता का सबब रही है और भारत के सामने यह मुश्किल फैसला है कि वह पांच विशेषज्ञ गेंदबाजों के साथ उतरता है या अतिरिक्त बल्लेबाज को तवज्जो देता है. भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी अंतिम एकादश में अधिक बदलाव करना पसंद नहीं करते और वह अपनी पसंद के खिलाडिय़ों को कई मौके देने के लिए पहचाने जाते हैं.

धौनी यह संकेत भी दे चुके हैं कि वह चार विशेषज्ञ गेंदबाजों के साथ उतरेंगे और पांचवें गेंदबाज का कोटा खत्म करने के लिए कामचलाऊ गेंदबाजों पर निर्भर करेंगे. लेकिन अगर कामचाऊ गेंदबाज उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं करते हैं तो धोनी पांच विशेषज्ञ गेंदबाजों के साथ उतरने के लिए भी तैयार हैं. गौतम गंभीर और वीरेंद्र सहवाग की अनुभवी जोड़ी भारतीय पारी को अच्छी शुरुआत देने को तैयार है जबकि मध्यक्रम में विराट कोहली, युवराज सिंह और स्वयं धोनी जैसे खिलाड़ी हैं. यह देखना हालांकि रोचक होगा कि धोनी और कोच डंकन फ्लेचर गेंदबाजी में किसी संयोजन के साथ उतरते हैं. तेज गेंदबाजी आक्रमण के अगुआ जहीर खान और इरफान पठान का चयन लगभग तय है जबकि तीसरे तेज गेंदबाज लक्ष्मीपति बालाजी का दावा भी मजबूत है जिन्होंने इंडियन प्रीमियर लीग टी-20 टूर्नामेंट में अच्छा प्रदर्शन किया था.

बालाजी की गेंदबाजी में काफी विविधता है और वह अंतिम ओवरों में काफी प्रभावी गेंदबाजी करते हैं. पाकिस्तान के खिलाफ अभ्यास मैच में हालांकि उन्होंने काफी रन खर्च किए थे.
हाल के समय में आर प्रेमदासा स्टेडियम की पिच की प्रकति में बदलाव आया है और तेज गेंदबाजों को इससे काफी मदद मिल रही है. इसलिए अगर भारत तीन तेज गेंदबाजों के साथ उतरने का फैसला करता है तो भारत को फार्म में चल रहे स्पिनर रविचंद्रन अश्विन और वापसी कर रहे हरभजन सिंह में से एक को चुनना होगा. ये दोनों ही स्पिनर दोनों अभ्यास मैचों में खेले थे. दोनों ने श्रीलंका के खिलाफ पहले अभ्यास मैच में आठ ओवर में 37 रन दिए और हरभजन ने कुमार संगकारा का विकेट हासिल किया. पाकिस्तान के खिलाफ दूसरे मैच में हरभजन काफी महंगे साबित हुए जिन्होंने चार ओवर में 40 रन खर्च किए. अश्विन ने हालांकि पाकिस्तान के खिलाफ भी प्रभावी गेंदबाजी करते हुए 23 रन देकर चार विकेट चटकाए.

अश्विन ने हाल के समय में अच्छा प्रदर्शन किया है और अगर भारत चार गेंदबाजों के साथ उतरता है तो उनको मौका मिलने का दावा अधिक मजबूत है. जरूरत पडऩे पर पांचवें गेंदबाज की जिम्मेदारी युवराज सिंह, वीरेंद्र सहवाग, सुरेश रैना और रोहित शर्मा जैसे गेंदबाज निभा सकते हैं. जहां तक बल्लेबाजी का सवाल है तो सहवाग और गंभीर न्यूजीलैंड के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए थे और अफगानिस्तान के गेंदबाजों खिलाफ उनके पास लय में आने का शानदार मौका है. श्रीलंका के खिलाफ अभ्यास मैच में गंभीर लसिथ मलिंगा की गेंद लगने से चोटिल हो गए थे लेकिन अब वह पूरी तरह फिट हैं. उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ कल हालांकि सिर्फ 10 रन बनाए थे. सहवाग चोट के कारण पिछले दो टी-20 विश्व कप में नहीं खेल पाए थे और अब उनकी नजरें इसकी भरपाई करने पर टिकी हैं. भारत में सभी की नजरें एक बार फिर कोहली पर टिकी है जो बेहतरीन फार्म में चल रहे हैं. उन्होंने कुछ दिन पहले आईसीसी का साल का सर्वश्रेष्ठ वनडे क्रिकेटर भी चुना गया है.

कैंसर से उबरने के बाद वापसी कर रहे युवराज एक बार फिर अपने दम पर टीम को मैच जिताने को बेताब होंगे जैसा कि उन्होंने विश्व टी-20 चैम्पियनशिप के पहले टूर्नामेंट में किया था विशेषकर ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के खिलाफ. कप्तान धौनी और रोहित शर्मा ने अभ्यास मैचों में अच्छा प्रदर्शन किया है जबकि सुरेश रैना से भी टीम को काफी उम्मीदे होंगी. टीम प्रबंधन अगर मध्यक्रम में बदलाव करने की सोचता है तो उसके पास मनोज तिवारी के रूप में अच्छा विकल्प मौजूद है.

टीमें इस प्रकार हैं

भारत- महेंद्र सिंह धोनी (कप्तान), गौतम गंभीर, वीरेंद्र सहवाग, विराट कोहली, युवराज सिंह, सुरेश रैना, रोहित शर्मा, मनोज तिवारी, इरफान पठान, रविचंद्रन अश्विन, हरभजन सिंह, जहीर खान, अशोक डिंडा, लक्ष्मीपति बालाजी और पीयूष चावला में से.

अफगानिस्तान- नवरोज मंगल (कप्तान), असगर स्तानिकजई, दवलत जादरान, गुलबोदिन नैब, हामिद हसन, इजातुल्लाह दवालतजई, जावेद अहमादी, करीम सादिक, मोहम्मद नबी, मोहम्मद शहजाद, नजीबुल्लाह जादरान, मोहम्मद नसीम बरास, समीउल्लाह शेनवारी, शफीकुल्लाह और शापूर जादरान.

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