अब भी ज़्यादातर भारतीय भ्रष्टाचार से परेशान हैं

नई दिल्ली, 23 दिसंबर.  भले ही अन्ना हजारे के आंदोलन से देश में भ्रष्टाचार के खिलाफ माहौल बन रहा हो, लेकिन एक ताज़ा सर्वे के नतीजे बताते हैं कि अब भी ज़्यादातर भारतीय भ्रष्टाचार से परेशान हैं. ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल की तरफ से किए गए एक सर्वे में यह सामने आया है कि 74 फीसदी भारतीय ऐसा मानते हैं कि नेता और पुलिस वाले सबसे ज्यादा भ्रष्ट हैं. इन भारतीयों का यह भी मानना है कि पिछले तीन सालों में देश में भ्रष्टाचार का स्तर बढ़ गया है.

इस सर्वे में 64 फीसदी भारतीयों ने माना है कि उन्होंने पुलिसवालों को कभी न कभी घूस दी और वहीं 55 फीसदी मानते हैं भ्रष्टाचार से लडऩे में सरकार की कोशिशें बेअसर हैं. सर्वे में शामिल 48 फीसदी लोगों ने माना कि राजनीतिक पार्टियां भ्रष्टाचार के सबसे बड़े अड्डे हैं. वहीं, 34.2 फीसदी लोगों ने माना कि संसद और विधानसभाएं भ्रष्ट संस्थाएं हैं और 40.4 फीसदी पुलिस को भ्रष्ट मानते हैं. ये नतीजे भारत, बांग्लादेश, मालदीव, नेपाल, पाकिस्तान और श्रीलंका में 7,500 लोगों पर 2010 से 2011 के बीच किए गए सर्वे पर आधारित है. हालांकि, ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल ने यह साफ नहीं किया है कि उन्होंने भारत में कितने लोगों का सर्वे किया है. सर्वे के दौरान लोगों से पुलिस, न्यायपालिका, कर, सुविधाओं और शिक्षा में भ्रष्टाचार के बारे में सवाल पूछे गए.

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