सीज फायर उल्लंघन: आखिर राजी हुआ पाक

Flag meetingमेंढर (पुंछ), 13 जनवरी. भारत-पाकिस्तान के बीच उपजे तनाव के बीच दोनों देशों की सेनाओं के ब्रिगेडियर स्तर के अधिकारियों के बीच सोमवार को पुंछ के चक्कन दा बाग में फ्लैग मीटिंग बुलाई गई है।

इसके लिए आखिरकार पाकिस्तान तैयार हो ही गया है। इस फ्लैग मीटिंग में भारत हाल ही में भारतीय जवानों के साथ की गई बर्बरता और बार बार पाक की ओर से नियंत्रण रेखा पर की जा रही गोलीबारी का मुद्दा उठाएगा। इससे पहले पाकिस्तान लगातार फ्लैग मीटिंग से बच रहा था।

पाक लगातार सीमापार से गोलीबारी कर युद्ध विराम का उल्लंघन कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक इस गोलीबारी की आड़ में पाकिस्तान आतंकियों को भारतीय सीमा में दाखिल कराना चाहता है। ऐसी ही एक कार्रवाई का जवाब शनिवार रात को भारतीय सेना ने दिया था। भारत के पास इस तरह की खुफिया जानकारी है कि सीमा पार आतंकी मौसम का फायदा उठाते हुए भारतीय सीमा में घुसने के लिए तैयार बैठे हैं।

शनिवार रात करीब नौ बजे पाकिस्तान ने फिर कृष्णा घाटी सेक्टर में कई भारतीय चौकियों पर गोलीबारी शुरू कर दी। भारत ने भी इसका करार जवाब दिया। हालांकि सेना ने पाक गोलीबारी की पुष्टि नहीं की है। पुंछ जिले में गत मंगलवार को भारतीय जवानों की नृशंस हत्या के बाद पाक सेना सीमा पर कई बार गोलीबारी कर चुकी है। इस बीच, सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सीमा पर बने हालात को देखते हुए जवानों की छुट्टियां रद कर दी गई हैं।

बंकर बना रहा चीन

जम्मू. नियंत्रण रेखा को लेकर भारत को एक नहीं कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। सैन्य खुफिया सूत्रों ने बताया कि एलओसी पर तैनात पाकिस्तानी सेना को चीन की आर्मी से नियमित रूप से सैन्य और तकनीकी सहायता मिल रही है। इतना ही नही पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में चीनी आर्मी के इंजीनियर और श्रमिक भी पाक सेना की आड़ में तैनात हैं।

सूत्रों ने बताया कि हमें सूचना मिली है कि चीन के पीएलए इंजीनियर से पाकिस्तानी आर्मी दिशानिर्देश प्राप्त कर रही है। चीनी आर्मी एलओसी पर हर गतिविधि में शामिल है और एलओसी के पास नए बंकर बनाने में पाक सेना को मदद कर रही है।

नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास पाकिस्तानी सेना द्वारा बंकर निर्माण की खबर और लगातार फायरिंग से भारतीय सेना पूरी तरह से अलर्ट हो चुकी है। थलसेना और वायुसेना ने एलओसी इलाकों पर कड़ी नजर रखने और सूचना इक_ा करने के लिए मानव रहित यान को तैनात किया है।

पाकिस्तान के अट्टाबाद इलाके में 2010 में हुए भारी भूस्खलन के बाद पाक ने चीन से मदद की गुहार लगाई थी तब से करीब 11000 चीनी आर्मी पाक अधिकृत कश्मीर में तैनात है। जो पाकिस्तान के काराकोरम और चीन के झिंजियांग प्रदेश को जोडऩे वाले हाईवे से पाक सेना में शामिल हुई। खुफिया सूत्रों ने बताया कि चीन पिछले कुछ वर्षों से पाकिस्तानी आर्मी को हथियार, बुनियादी सुविधाए और पैसे मुहैया करा रहा है।

शहीद हेमराज की बीवी की तबीयत बिगड़ी

मथुरा, पुंछ में शहीद हुए लांस नायक हेमराज की पत्नी की तबियत बिगड़ रही है. शहीद हेमराज के के सिर की मांग को लेकर पूरा परिवार मथुरा में अनशन बैठा हुआ है. शहीद का परिवार और गांव के अन्य लोग अपनी इस मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे थे.

हालांकि शनिवार को अधिकारियों के मनाने के बाद गांव के लोग भूख हड़ताल से तो उठ गए, लेकिन शहीद की मां और पत्नी ने कुछ भी खाने से इनकार कर दिया. हेमराज की मां और पत्नी का कहना है कि जब तक वे श्हीद के सिर को नहीं देखेंगी, तब तक कुछ नहीं खाएंगी.
गांव शेरनगर-खरार के ग्राम प्रधान धर्मवीर सिंह ने बताया कि लांसनायक की पत्नी शनिवार शाम को अचानक बेहोश होकर अपनी सास मीना देवी की गोद में गिर गईं. चेहरे पर ठंडे पानी के छींटे मारने पर उन्हें होश आया. वहीं, गांव वाले सरकार के रवैये से भी नाराज हैं. शहीद के अंतिम संस्कार के दौरान सरकार का कोई नुमाइंदा वहां मौजूद नहीं था, जिसे लेकर गांव वालों में रोष है.
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम का उल्लंघन करके पाकिस्तानी सेना ने भारत के लांसनायक हेमराज सहित दो सैनिकों की हत्या कर दी थी और हेमराज का सिर काटकर ले गए थे.

घुसपैठ को तैयार ढाई हजार पाक आतंकी

नई दिल्ली। भारत-पाकिस्तान सीमा पर जबर्दस्त तनाव के बीच पाक अधिकृत कश्मीर के विभिन्न आतंकी शिविरों में 2500 आतंकी भारत में घुसने की ताक में बैठे हैं। गृह मंत्रालय की सूत्रों के मुताबिक खुफिया रिपोर्ट में कहा गया है कि सीमा पार 42 आतंकी शिविर सक्रिय हैं।

इनमें 17 पाक अधिकृत कश्मीर में और बाकी 25 अन्य जगहों पर स्थित हैं। इन शिविरों में ढाई हजार प्रशिक्षित आतंकी गोला-बारूद और हथियार के साथ भारत में प्रवेश करने के लिए तैयार बैठे हैं। इससेपहले 90 पाकिस्तानी आतंकी इस साल भारत-पाक सीमा के रास्ते भारत पहुंच चुके हैं। वहीं 125 आतंकी जम्मू-कश्मीर सीमा पर भारत में घुसपैठ करते समय पकड़े गए। बताया गया है कि हर साल पाकिस्तान की तरफ से आने वाले आतंकियों की संख्या में बढोतरी हो रही है। 2011 में जहां 63 आतंकी भारत में प्रवेश करने में सफल रहे वहीं इस साल इनकी संख्या 90 तक पहुंच गई है।
इसी के मद्देनजर गृह मंत्रालय ने सुरक्षा एजेंसियों को बॉर्डर पर चौकसी बढ़ाने का निर्देश दिया है। हालांकि इसके बावजूद 2010 में 94 और 2009 में 69 आतंकी बॉर्डर के रास्ते भारत प्रवेश कर चुके हैं। इस साल भारत में आतंकी के घुसपैठ करने की कुल 249 कोशिशें हो चुकी है, जो पिछले साल 247 थीं। वहीं 2010 में 489, 2009 में 485, 2008 में 342 और 2007 में 535 घुसपैठ की कोशिशें हो चुकी है। सूत्रों के मुताबिक यह घुसपैठ पाकिस्तीनी आर्मी की मदद से ही संभव हो सका है क्योंकि अक्सर आर्मी ही इन मुजाहिदीनों को फायरिंग कवर मुहैया कराता है।

महाकुंभ आतंकियों के निशाने पर!

नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध प्रयाग तीर्थ इलाहाबाद में संगम की रेती पर 14 जनवरी से शुरू होने जा रहे महाकुंभ मेले से पूर्व प्रतिदिन हो रही प्रसिद्ध अखाड़ों की पेशवाई ने मनमोहक छटा बिखेर रखी है।

जहां एक तरफ दुनियां के अलग-अलग हिस्सों से पहुंच रहे संतों ने अपनी धुनी रमानी शुरू कर दी है। वहीं महाकुंभ के मेले पर आतंकवादियों की नजरें हैं। महाकुंभ को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार को चौकना रहने की जरुरत है। इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के एक वरिष्ठ अधिकारी के बताया कि आतंकवादी संगठन महाकुंभ के दौरान आतंक फैलाने की कोशिश कर सकते हैं। आतंकवादी अफवाहें फैला कर लोगों के दिल में दहशत का महौल बना सकते हैं। ताकि भगदड़ मचने पर लोग एक-दूसरे के नीचे ही दब कर मर जाए। वे कुंभ स्नान के लिए इलाहाबाद जाने वाले बड़े नेताओं को भी निशाना बना सकते हैं।

अधिकारी के मुताबिक, भारतीय आतंकवादी संगठनों से जुड़े लोगों को गड़बड़ फैलाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। केंद्रीय एजेंसियां भी कुंभ मेले पर नजर रख रही हैं। जहां तक मेले की सुरक्षा का सवाल है करीब 50 हजार पुलिसकर्मी तैनात किए जाने हैं। करीब 55 दिन तक चलने वाला महाकुंभ मेले में इस दौरान एक करोड़ से भी ज्यादा लोग इलाहाबाद पहुंचेंगे। कुंभ मेले के लिए केंद्रीय अर्द्धसैनिक बलों सीआरपीफ और आईटीबीपी की 37 कंपनियां इलाहाबाद भेजी गई हैं तांकि लोगों का सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम किया जा सके।

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