भारत और पाकिस्तान के बीच हमेशा से ही समस्याओं और वार्ताओं का दौर समय-समय पर चलता ही रहता है. इनसे कभी किसी समाधान या चमत्कार की उम्मीद भी नहीं की जानी चाहिए. इनसे सिर्फ एक ही फायदा हमेशा मिलता है कि दोनों देश यह तय करते हैं कि वे आगे भी इन या उन मसलों पर वार्ता जारी रखेंगे. कभी आशाओं में उछाल आता है और तुषारापात भी हो जाता है. अटल बिहारी वाजपेयी की बस अमृतसर से लाहौर मियां नवाज शरीफ से मिलने लाहौर पहुंची ही थी कि पाकिस्तान के सेनाध्यक्ष जनरल मुशर्रफ ने कारगिल में फौजें भेजकर उस बनते वातावरण को चौपट कर दिया. भारत, पाकिस्तान वार्ताओं में आशा और निराशा के दौर चलते ही जायेंगे.

आतंकी अबू जंदल के पकड़ में आने से मुम्बई पर आतंकी हमले के बारे में यह बात भी सामने आ गई कि बाकायदा शासकीय और फौजी तौर-तरीकों से कराची में कन्ट्रोल रूम बनाकर युद्ध की तरह मुम्बई पर आतंकी हमले किये गये थे. इसमें यह भी मामला सामने आया कि पाकिस्तान के आतंकियों को प्रशिक्षण देने में चीन भी सक्रिय रूप से भाग लेता है. इसमें आश्चर्य भी नहीं है. दोनों राष्ट भारत से शत्रुता रखते हैं- उन दोनों की निकटता व मित्रता का आधार भी यही है.

पाकिस्तान और आतंकवादी वास्तव में दोनों एक ही हैं. दोनों एक-दूसरे का पर्याय बन चुके हैं. अभी दिल्ली में दोनों देशों के विदेश सचिवों भारत के श्री रंजन मथाई और पाकिस्तान के जलील अब्बास जिलानी के बीच वार्ता हुई. दोनों सचिवों ने वार्ता में प्रगति का उल्लेख करते हुए यह माना कि दोनों देशों के बीच बड़े व्यवधानों में ‘आतंकÓ सबसे बड़ी समस्या है. दक्षिण पूर्व के देश भौगोलिक पड़ोसी और सार्क में सहयोगी राष्ट हैं. उन पर इस क्षेत्र में शांति, सद्ïभाव का दायित्व है. भारत के विदेश मंत्री श्री एस.एम. कृष्णा यह महसूस करते हैं कि पाकिस्तान को आतंक के मुद्ïदे पर और अधिक कार्यवाही की जरूरत है. पाकिस्तान आतंक का देश बन चुका है और उनके प्रभाव व नियंत्रण में है. भारत को जंदल दल की गिरफ्तारी से मुंबई हमले में पाकिस्तान सरकार द्वारा चलाई गई कार्यवाही के बारे में जो जानकारी मिली है उसके प्रकाश में हमें अब केवल यहीं तक सीमित नहीं रहना चाहिये कि हम पाकिस्तान से यह कहते रहें कि वह आतंकवादियों के विरुद्घ कार्यवाही करें.

अब इनके खिलाफ कार्यवाही सबसे ज्यादा हमें ही करनी होगी. आतंकी घटनाओं के संबंध में मुंबई की गायिका लैला खान का मय परिवार के गायब होना और उसकी कार का काश्मीर मे मिलना भी किसी बड़ी आतंकी साजिश की तरफ इशारा करता है. महाराष्टï्र पुलिस के डायरेक्टर जनरल श्री के. सुब्रामनियम ने मामले की गंभीरता को देखते क्राइम ब्रांच के सुपुर्द कर दिया है. उसका एक साथी परवेज अहमद टाक दुबई में होने की सूचना मिली है. मध्य प्रदेश में जबलपुर, खंडवा, इंदौर, उज्जैन में सक्रिय सिमी संगठन भी आतंकवादियों के काफी नजदीक है. जमातें भी भारत विरुद्घ जहर उगल कर आतंकी संगठन को बल दिये हुये हैं. सिमी भी तालिबानी तौर तरीकों का भारत विरोधी संगठन है. अबू जंदल की गिरफ्तारी हमारी बड़ी सफलता है और देश में अभी भी इस्लामी आतंकवाद के नाम पर कई आस्तीन के सांप बने हुये हैं. जंदल की गिरफ्तारी से यह पता चला है कि मुंबई हमलों में लिप्त पाकिस्तानियों की मदद भारत के 40-45 लोगों ने की थी.

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