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कोलंबो, 14 सितंबर. न्यूजीलैंड से ट्वेंटी-20 सीरीज गंवाने के बाद भारतीय क्रिकेट टीम शनिवार को श्रीलंका के खिलाफ अभ्यास मैच से ट्वेंटी-20 विश्व चैंपियनशिप के लिये लय में लौटने की कोशिश करेगी.

भारत को टी-20 विश्व कप में इंग्लैंड और अफगानिस्तान के साथ ग्रुप-ए में रखा गया है, लेकिन महेंद्र सिंह धोनी की टीम को इससे पहले कल श्रीलंका और 17 सितंबर को चिरप्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ अभ्यास मैच खेलने हैं. भारत का टूर्नामेंट में पहला मैच 19 सितंबर को अफगानिस्तान से होगा. भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में क्लीन स्वीप किया था, लेकिन बारिश से प्रभावित टी-20 सीरीज के दूसरे मैच में वह एक रन से हार गयी थी. इस मैच में भारतीय गेंदबाज विशेषकर स्पिनर प्रभाव नहीं छोड़ पाये थे जबकि विराट कोहली और कैंसर से उबरकर वापसी करने वाले युवराज सिंह की उम्दा पारियों के बावजूद टीम सकारात्मक परिणाम हासिल करने में नाकाम रही थी.

धोनी सुनिश्चित करना चाहेंगे कि आगे ऐसी कोई गलती नहीं हो और इसके लिये अभ्यास मैच आदर्श मंच होंगे जिसमें पाकिस्तान के खिलाफ मैच के काफी रोमांचक होने की संभावना है. धोनी हालांकि श्रीलंका के खिलाफ होने वाले मैच से ही अपने अभियान की अच्छी नींव रखना चाहते हैं. भारत के लिये यह मैच इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इनसे टीम प्रबंधन को टूर्नामेंट से पहले अपना टीम संयोजन तय करने में भी मदद मिलेगी. सबसे बड़ी समस्या मध्यक्रम को लेकर है जिसमें रोहित शर्मा लगातार असफल हो रहे हैं. रोहित के पास अभ्यास मैचों से फार्म में वापसी करने का मौका रहेगा क्योंकि यदि वह आगे भी असफल रहते हैं तो फिर मनोज तिवारी जैसे खिलाड़ी उनकी जगह लेने के लिये तैयार हैं.

वीरेंद्र सहवाग अस्वस्थ होने के कारण न्यूजीलैंड के खिलाफ मैच में नहीं खेल पाये थे और यह विस्फोटक सलामी बल्लेबाज इसकी भरपायी अभ्यास मैचों में करना चाहेगा. उनके साथी सलामी जोड़ीदार गौतम गंभीर को भी इनसे फार्म में वापसी का मौका मिलेगा जबकि युवराज सिंह मैच अभ्यास की कमी की भरपायी करने की कोशिश करेंगे. युवराज पर इन अभ्यास मैचों में ही नहीं बल्कि टूर्नामेंट के दौरान भी सभी की निगाहें टिकी रहेंगी. उन्होंने कैंसर को मात देकर क्रिकेट में शानदार वापसी की है. वनडे विश्व कप 2011 में भारत की जीत के नायक युवराज फिर से यही भूमिका निभाना चाहते हैं. इसके अलावा गेंदबाजों को भी खुद को परखने का अवसर मिलेगा. टीम प्रबंधन के लिये सबसे बड़ी समस्या मुख्य टूर्नामेंट के लिये अंतिम एकादश का चयन करना है. तेज गेंदबाजी विभाग में जहीर खान और इरफान पठान को आखिरी 11 में जगह मिलना तय है जबकि तीसरे स्थान के लिये लक्ष्मीपति बालाजी और अशोक डिंडा के बीच मुकाबला है. भारत ने श्रीलंका दौरे में पल्लिकल में जो एकमात्र टी-20 मैच खेला था उसमें डिंडा ने चार विकेट लेकर जीत में अहम भूमिका निभायी थी.

स्पिन विभाग में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अनुभवी हरभजन सिंह और आर अश्विन में से दोनों को अंतिम एकादश में जगह मिलती है या फिर पिछले मैच की तरह अश्विन ही कप्तान की पहली पसंद होते हैं. इन दोनों के अलावा पीयूष चावला भी टीम में हैं. इन तीनों को अभ्यास मैच में मौका मिलने की उम्मीद है क्योंकि एक टीम अपनी टीम में 12 खिलाडिय़ों को रख सकती है. जहां तक श्रीलंका का सवाल है तो यह उसका आखिरी अभ्यास मैच होगा. उसने पहले मैच में वेस्टइंडीज को नौ विकेट से शिकस्त दी थी. इस मैच में उसकी निगाह अधिक से अधिक बल्लेबाजी अभ्यास पर टिकी रहेगी.

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