लंदन, 5 अक्टूबर. भारतीय क्रिकेट टीम के साथ होने वाली पांच मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला के लिए हैदराबाद पहुंच चुकी इंग्लिश क्रिकेट टीम को शनिवार को किस टीम के साथ अभ्यास मैच खेलना है, इसका खुलासा अब तक नहीं हो सका है. ब्रिटिश मीडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक इंग्लिश टीम को हैदराबाद में दो अभ्यास मैच खेलने हैं और फिर वह 14 अक्टूबर को उप्पल में भारतीय टीम से भिड़ेगी. इंग्लिश टीम के कार्यकारी कोच रिचर्ड हालसाल ने स्वीकार किया है कि उन्हें अभ्यास मैच के लिए विपक्षी टीम को लेकर अब तक अंधेरे में रखा गया है. ब्रिटिश मीडिया ने हालसाल के हवाले से लिखा है कि मैं समझ सकता हूं कि हम अभ्यास मैच खेलने के लिए एक विपक्षी टीम की तलाश के लिए संघर्ष कर रहे हैं.

भारतीय टीम के अधिकांश शीर्ष खिलाड़ी या तो चोटिल हैं या फिर जयपुर में जारी ईरानी ट्रॉफी और चैम्पियंस लीग में व्यस्त हैं. ऐसे में इंग्लिश टीम यह मानकर चल रही है कि अभ्यास मैचों में उसका सामना दोयम दर्जे की किसी टीम से होगा. इंग्लिश टीम अपने नियमित कोच एंडी फ्लावर तथा बल्लेबाजी कोच ग्राहम गूच के बगैर ही भारत पहुंची है. दोनों कोच एकदिवसीय श्रृंखला के शुरू होने से पहले भारत पहुंचेंगे. इंग्लिश टीम ने हाल ही में इंग्लैंड में खेली गई पांच मैचों की श्रृंखला में भारत को 3-0 से हराया था लेकिन बीते दो दौरों में भारतीय टीम ने उसे अपनी पिचों पर 5-1 और 5-0 से पराजित किया है.

भारत और इंग्लैंड के बीच होगा डीआरएस?
मुंबई. अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने भले ही सभी अंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय और टेस्ट मैचों में अंपायर निर्णय समीक्षा प्रणाली (डीआरएस) को अनिवार्य कर दिया हो लेकिन इस बात की सुगबुगाहट तेज हो गयी है कि भारत और इंग्लैंड के बीच 14 अक्टूबर से शुरू होने वाली वनडे सीरीज बिना डीआरएस के खेली जा सकती है.  भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने हमेशा से डीआरएस पर आपत्ति की है और बोर्ड के नये अध्यक्ष एन श्रीनिवासन ने पद संभालते ही संकेत दिये थे कि इस अनिवार्यता को खत्म करने के लिए आईसीसी को मनाने की कोशिश की जाएगी. अब इस बात की संभावना बढ़ती दिख रही है. बोर्ड से जुड़े सूत्रों का कहना है डीआरएस में इस्तेमाल होने वाली हाट स्पाट तकनीक के लिए जरूरी इंफ्रा रेड कैमरे अब तक बीसीसीआई को नहीं मिल पाए हैंए जिस कारण इस तकनीक के इस्तेमाल की संभावना बहुत कम बच रही है. हाल में इंग्लैंड दौरे पर गई भारतीय टीम को वहां डीआरएस के तहत कई विवादास्पद फैसलों का शिकार होना पड़ा था.

इसके बाद इस तकनीक की सटीकता पर फिर से कई सवाल खड़े हुए और दोबारा बहस छिड़ गयी. दूसरी तरफ आईसीसी इस सीरीज में डीआरएस के प्रयोग के लिए अंपायरों साइमन टोफेल और बिली बौडेन को नियुक्त कर चुकी है. आईसीसी के प्रवक्ता का कहना है कि सीरीज में न्यूनतम मानक तो इस्तेमाल किये ही जाएंगे. इंग्लैंड टीम के प्रवक्ता ने बताया कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है. हालांकि इस मामले में कहीं से आधिकारिक सूचना नहीं मिल पा रही है लेकिन सूत्रों की मानें तो इंफ्रा रेड कैमरों की आपूर्ति के लिए दिये गये आर्डर ही रद्द किये जा चुके हैं और इंग्लैंड के कप्तान एलेस्टेयर कुक को सीरीज में डीआरएस नहीं इस्तेमाल किये जाने की औपचारिक सूचना पहले मैच की शुरूआत के समय ही रेफरी के माध्यम से दी जाएगी.

आर्डर रद्द होने के पीछे दो कारण बताए जा रहे हैं. पहला यह कि बीसीसीआई को इस प्रणाली की विश्वसनीयता पर भरोसा नहीं रहा है और दूसरा कि हाटस्पाट के निर्माताओं ने कैमरों की आपूर्ति के लिए अजीबो.गरीब शर्तें रख दी हैं जिन्हें पूरा कर पाना संभव नहीं है. कुछ दिनों पहले श्रीनिवासन ने कहा था कि हम डीआरएस लागू किये जाने के सख्त खिलाफ हैं और बाल ट्रैकिंग प्रणाली पर तो हमारा भरोसा नहीं रह गया है. बोर्ड तकनीक के खिलाफ नहीं है और हमने हांगकांग बैठक में डीआरएस के न्यूनतम प्रयोग पर सहमति दी थी. उन्होंने कहाए ष्तब हमें ऐसा बताया गया था कि हाट स्पाट बहुत अच्छी तकनीक है और जरूरी नहीं है कि अकेले मैं ही तकनीक की सटीकता पर माथा पच्ची करता रहूं. इस पर सबको सोचना होगा. हम आईसीसी के जरिए यह पक्का करना चाहेंगे कि इसका प्रयोग नहीं हो.

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