एसएम कृष्णा चीन के दौरे पर

बीजिंग, 7 जून. भारत ने पहली बार स्पष्ट रूप से घोषणा की है कि वह रूस और चीन के प्रभुत्व वाले शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की पूर्ण सदस्यता चाहता है. विदेशमंत्री एस.एम. कृष्णा ने आज यहां एससीओ की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि इस संगठन में जब भी भारत को पूर्ण सदस्यता मिलेगी, वह व्यापक एवं सकारात्मक भूमिका का निर्वाह करेगा.

उन्होंने इस संगठन की विश्व भूमिका बढ़ाने तथा इसमें अन्य देशों को शामिल करने के प्रयासों का समर्थन किया. एससीओ की शिखर बैठक इस ऐलान के साथ आज सम्पन्न हो गयी कि संगठन सैनिक गठबंधन का रूप नहीं लेगा और यह किसी अन्य देश के खिलाफ लामबंदी नहीं है. भारत ने शंघाई सहयोग संगठन में सूचना प्रौद्योगिकी और आर्थिक गतिविधियों के संचालन में अपने अनुभवों के जरिये योगदान करने पर विशेष जोर दिया. श्री कृष्णा ने कहा कि भारत एस सी ओ देशों को सूचना प्रौद्योगिकी. प्रबंधन और उद्यमशीलता विकास में सहयोग दे रहा है.

उन्होंने कहा कि भारत बैंकिंग. पूंजी बाजार. माइक्रो वित्त. और लघु एवं मध्यम दर्जे के उद्योगों के संचालन में अपने अनुभव बांटना चाहता है. अफगानिस्तान से अमेरिकी नेतृत्व वाली अन्तर्राष्ट्रीय सेनाओं की वापसी के मद्देनजर भारत ने वहां शांति और स्थायित्व कायम करने के लिए एक वैकल्पिक क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचा बनाने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि भारत इस क्षेत्रीय सुरक्षा ढांचे में सक्रिय भूमिका निभाने का इच्छुक है. उल्लेखनीय है कि हाल में भारत यात्रा पर आये अमेरिका रक्षामंत्री लियोन पनेटा ने अफगानिस्तान में भारत से अपनी भूमिका बढाने को कहा था. श्री कृष्णा ने एस सी ओ में अपने संबोधन में स्पष्ट कर दिया कि वह अफगानिस्तान में एक क्षेत्रीय सुरक्षा प्रणाली के तहत ही काम करने को तरजीह देगा.

Related Posts: