पटना, 11 अक्टूबर. भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने राजग शासित प्रदेशों में सुशासन का दावा करते हुए संकल्प लिया कि 21वीं शताब्दी को भारत की शताब्दी बनाकर रहेंगे।

लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती के अवसर पर उनके जन्मस्थली बिहार के सिवान जिला के सिताब दियारा से भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी जनचेतना यात्रा की शुरुआत करते हुए आडवाणी ने राजग शासित प्रदेशों में सुशासन का दावा किया। उन्होंने कहा कि 1997 की अपनी पिछली यात्रा के दौरान उन्होंने गांवों का दौरा किया था और देश की आजादी के पचास साल बाद भी यहां निरक्षरता पाई थी और गांवों में बिजली एवं सड़कें नहीं थी।  आडवाणी ने कहा कि बिहार में 15 साल के एक शासन के बाद 2005 में नीतीश जी के नेतृत्व में यहां राजग शासन शुरू हुआ और आज यहां जो परिवर्तन आया है वह सभी के सामने है। आडवाणी ने यह विश्वास दिलाया कि उनके गठबंधन का शासन चाहे केंद्र हो या कोई और राज्य जहां भी आएगा, हम इमानदारी से कोशिश करेंगे कि सुशासन स्थापित हो।

बल्कि उन राज्यों से भी गुजरेंगे जहां केंद्र की जड़ें खोखली हो चली हैं।भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण से प्रेरणा पाकर यात्रा का प्रारंभ कर रहे हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सिताब दियारा पुन: आने के न्यौते को स्वीकार करते आडवाणी ने उनकी रथ यात्रा को हरी झंडी दिखाने के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। आडवाणी ने कहा आगामी 20 नवंबर को दिल्ली में उनकी यात्रा खत्म होने पर उन्हें विश्वास है कि लोकपाल बिल, भ्रष्टाचार के कारण आम जनता को हो रही परेशानी का मामला हो या कालाधन को देश में लाने का सवाल हो, आने वाले संसद के शीतकालीन सत्र में ये मुद्दे उठाए जाएंगे।   आडवाणी आज यहां रात्रि विश्राम करेंगे कल उनका काफिला आरा के लिए रवाना हो जाएगा, जहां वे एक जनसभा को संबोधित करेंगे। आरा से उनका रथ कल बक्सर और रामगढ़ होते हुए वहां जनसभाओं को संबोधित करने के बाद मोहनिया और कर्मनाशा होते हुए उत्तरप्रदेश में प्रवेश कर जाएगा।

  •  आडवाणी की यात्रा में छाए अटल, पर मोदी गायब

भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी रथ और मंच पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की तस्वीरें दिखायी दे रही हैं। एक तरफ जहां पटना से लेकर छपरा तक लगी तस्वीरों में वाजपेयी दिखायी दे रहे हैं वहीं दूसरी तरफ पार्टी के वरिष्ठ नेता और गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी इन तस्वीरों से गायब हैं। आडवाणी के रथ पर ‘स्वच्छ राजनीति के लिए जन चेतना रथ यात्रा लिखा हुआ है। छपरा और पटना में लगे बड़े-बड़े होर्डिंग्स में आडवाणी और अटल एक साथ दिखायी दे रहे हैं। भाजपा के एक नेता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि बिहार में ‘मोदी का मतलब भाजपा नेता और राज्य के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी से है। इसमें दूसरे मोदी की क्या जरूरत।

आडवाणी की इस यात्रा को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह दिखाई दे रहा है। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित आडवाणी के रथ को पटना से छपरा रवाना कर दिया गया है। इस रथ के सारथी (चालक) गुरूचरण सिंह और दर्शन सिंह हैं। भाजपा के बिहार इकाई के उपाध्याक्ष लालबाबू प्रसाद कहते हैं कि रथ को आधुनिक तरीके से तैयार किया गया है। चालक की सीट के पास स्क्रीन लगी हुई है, जहां से वह रथ के पीछे और नीचे की गतिविधियों पर लगातार नजर रख सकेंगे। वह कहते हैं कि यात्रा के दौरान आडवाणी भ्रष्टाचार, महंगाई और गरीबी के मुद्दे उठाने के साथ ही विदेशों में जमा काले धन को वापस लाने जैसे मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाएंगे। यात्रा के संयोजक रविशंकर प्रसाद कहते हैं कि आडवाणी की 40 दिनों की यह यात्रा 23 राज्यों और चार केंद्र शासित राज्यों के करीब 100 जिलों से होकर गुजरेगी। बिहार के सिताबदियारा से प्रारम्भ इस यात्रा के दौरान आडवाणी प्रतिदिन कम से कम 300 किलोमीटर की यात्रा करेंगे और तीन बड़ी जनसभाओं को सम्बोधित करेंगे।

  •  दिखाए काले झंडे, 20 हिरासत में

आडवाणी का रथ छपरा गया, जहां उनको काले झंडे दिखाए गए। पुलिस ने 20 लोगों को हिरासत में लिया है। 38 दिन की इस यात्रा में वे न केवल उन राज्यों में जाएंगे, जहां चुनाव होने हैं.

बड़ा काफिला, व्यस्त कार्यक्रम
यात्रा चुनावी राच्यों उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा होते हुए अरूणाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल ओर असम से होकर गुजरेगी। यात्रा के दौरान आडवाणी प्रतिदिन नौ बजे सुबह एक संवाददाता सम्मेलन को सम्बोधित करेंगे। यात्रा सुबह 10 बजे शुरू होकर रात 10 बजे तक जारी रहेगी। छोटी बैठकों के अलावा आडवाणी प्रतिदिन चार रैलियों को सम्बोधित करेंगे। रथ के साथ 18 वाहनों का काफिला रहेगा, जिसमें एक एंबुलेंस और एक सुरक्षा घेरा मौजूद रहेगा।

समर्थन में उतरे मोदी

‘जन चेतना यात्रा को बिहार के सिताबदियारा से शुरू करने के मुद्दे पर कथित मन मुटाव की खबरों को खेदजनक और निंदनीय बनाते हुए मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है आडवाणी के साथ उन्हें बहुत नजदीक से काम करने का सौभाग्य मिला है। कुछ स्वार्थी तत्व जिस तरह की चुटकियां ले रहे हैं, वह अत्यंत खेदजनक व निंदनीय है। उनकी यह जन चेतना यात्रा भारत का भाग्य बदलने का काम करेगी। मोदी ने अपने ब्लॉग पर लिखा कि आडवाणी जी ने देश सेवा में अपनी पूरी जवानी लगा दी। उन्होंने 60 वर्ष से देश की निरंतर सेवा की है और उसमें भी जीवन का 90 फीसदी उन्होंने विरोधी दल में रहकर देश की सेवा में लगाया। वर्ष 1952 से लेकर आज तक वह जनता के सुख-दु:ख के गवाह रहे हैं। आडवाणी जी जैसे नेता किसी पद की प्राप्ति के लिए यात्रा करते हैं, ऐसा हास्यास्पद बयान देने वालों पर मुझे दया आती है।

बिहार की धरती दूषित की

रथयात्रा पर लालू प्रसाद यादव ने  निशाना साधते हुए कहा है कि वह बिहार की पावन धरती को दूषित कर रहे हैं। राजद आज राजभवन तक विरोध मार्च भी निकाल रहा है।  राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ यह मार्च काफी पहले से तय था। यह महज संयोग है कि आडवाणी की रथ यात्रा भी इसी दिन हो रही है। लेकिन लालू ने कहा कि जयप्रकाश नारायण की जन्मस्थली से यात्रा शुरू कर आडवाणी आडवाणी उस धरती को दूषित कर रहे हैं, क्योंकि जेपी भाजपा और आरएसएस की विचारधारा के सख्त खिलाफ थे। गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने  अपने ब्लॉग के जरिए यात्रा की तारीफ की ।

पिछले कई दिनों से यात्रा पर मोदी-आडवाणी में मतभेद की खबरों के मद्देनजर यह पहला मौका था जब मोदी ने सार्वजनिक रूप से आडवाणी की यात्रा को सराहा है। मोदी ने लिखा है कि सरकार की नीतियों के चलते जनता में जो आक्रोश है उसे सामने लाने में यात्रा मददगार साबित होगी।
आडवाणी ने भी रथयात्रा से पहले मीडिया को अपने संबोधन में कहा था कि मोदी से कोई नाराजगी नहीं है। उन्होंने संजय जोशी की पार्टी में वापसी को लेकर नरेंद्र मोदी की नाराजगी की खबरों को भी बेबुनियाद बताया। मोदी से उनके मतभेद और संजय जोशी की वापसी पर उनका साफ कहना था कि पार्टी को कई तरह के सवालों से जूझना पड़ता है और पार्टी अपने तरीके से इनसे सुलझाती है। मोदी के मुद्दे पर उनका जवाब था कि उनकी मोदी से पिछले दो-तीन दिनों से कोई बात नहीं हुई है। उन्होंने मीडिया पर बिना तथ्यों की पुष्टि किए खबरें चलाने का आरोप भी लगाया।

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