विशाखापत्तनम,9 अक्टूबर. भारत ने अनुशासित प्रदर्शन के दम पर कम स्कोर वाले मैच में रविवार को श्रीलंका को पांच रन से हराकर अंडर.19 चतुष्कोणीय एक दिवसीय टूर्नामेंट जीत लिया है.

लीग चरण में चोटी पर रहने वाली भारतीय टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए अक्षदीप नाथ की 55 रन की धैर्यपूर्ण पारी के बावजूद 168 रन पर सिमट गई. टास हारकर बल्लेबाजी करने उतरे भारत ने 14वें ओवर तक 37 रन पर पांच विकेट गंवा दिए थे जिसके बाद नाथ ने टीम का स्कोर 150 रन के पार पहुंचाया. भारतीय गेंदबाजों ने इसके बाद मेजबान टीम को जोरदार वापसी दिलाते हुए 3.1 ओवर शेष रहते श्रीलंका को 163 रन पर ढेर कर दिया. तेज गेंदबाज संदीप शर्मा ने 23 रन पर चार जबकि रश कालारिया ने 34 रन पर तीन विकेट चटकाए.

बाएं हाथ के स्पिनर विकास मिश्रा और आफ स्पिनर बाबा अपराजित ने भी एक.एक विकेट चटकाया. भारत के 169 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंका की शुरुआत काफी खराब रही और उसने पारी की तीसरी गेंद पर ही सलामी बल्लेबाज निरोशन डिकवेला का विकेट गंवा दिया जो संदीप का शिकार बने. संदीप और कालारिया ने इसके बाद श्रीलंका के शीर्ष क्रम को ध्वस्त कर दिया और नौवें ओवर में टीम का स्कोर पांच विकेट पर 27 रन हो गया. दुलेका तिसाकुटिगे और लाहिरू मदुशंका ने इसके बाद छठे विकेट के लिए 22.1 ओवर में 75 रन जोड़कर टीम को लक्ष्य के करीब पहुंचाया. मदुशंका हालांकि 63 रन जोड़कर आउट हो गए जिससे 31वें ओवर में टीम का स्कोर छह विकेट पर 102 रन हो गया.

पुलिना थरंगा भी अधिक देर नहीं टिक सके, मेहमान टीम के पास ओवर काफी थे लेकिन टीम ने नियमित अंतराल पर विकेट गंवाए. संदीप ने इसके बाद अपिला अपोंसो और दिलशान धनुष्का को तीन गेंद के भीतर आउट करके भारत को खिताबी जीत दिला दी. इससे पहले भारत की शुरुआत भी काफी खराब रही थी और उस पर 100 रन के भीतर सिमटने का खतरा मंडरा रहा था लेकिन नाथ ने समित पटेल 31, के साथ छठे विकेट के लिए 67 और फि र हरमीत सिंह 23, के साथ आठवें विकेट के लिए 36 रन जोड़कर टीम का स्कोर 150 रन के पार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई.

नाथ ने आठवें बल्लेबाज के रूप में पवेलियन लौटने से पहले अपनी पारी में 82 गेंद का सामना करते हुए चार चौके और एक छक्का जड़ा. श्रीलंका की ओर से मदुशंका ने 10 ओवर में सिर्फ 17 रन देकर चार विकेट चटकाए. अपोंसो ने 40 रन देकर दो बल्लेबजों को पवेलियन भेजा.

अनुभव की कमी पड़ेगी अंग्रेजों पर भारी!

नई दिल्ली,9 अक्टूबर.  अपनी सरजमीं पर टीम इंडिया को धूल चटा चुके अंगरेजों को आगामी सीरीज में टीम में अनुभव की कमी भारी पड़ सकती है. उपमहाद्वीप की परिस्थितियों से अनजान उसकी युवा टीम के लिए आगामी पांच वनडे मैचों की सीरीज किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं होगी.

इंग्लैंड ने अब तक की सबसे अनुभवहीन टीम इस दौरे पर भेजी है. जिसके कप्तान एलिस्टेयर कुक ने भारत में अब तक केवल एक वनडे मैच खेला है. इस टीम में केविन पीटरसन ने ही भारतीय धरती पर सर्वाधिक 12 मैच खेले हैं. जबकि इयान बेल और ग्रीम स्वान के नाम पर आठ.आठ मैच दर्ज हैं. टीम के सात खिलाड़ी तो पहली बार भारतीय धरती पर खेलने के लिए उतरेंगे. भारतीय धरती पर इंग्लैंड का रिकार्ड भी दिखाता है कि उसके लिए यहां की पिचों पर खेलना आसान नहीं रहा. इंग्लैंड ने भारत में आखिरी बार 1984 में डेविड गावर की अगुवाई में वनडे सीरीज 4-1, जीती थी. उसके बाद 1993 और 2002 में सीरीज बराबर कराने में सफल रहा था.

जबकि 2006 और 2008 में भारत ने क्रम से 5-1 और 5-0 से जीत दर्ज की थी. पिछले दस साल में भारत ने अपनी सरजमीं पर इंग्लैंड की एक नहीं चलने दी. इस बीच दोनों टीमों के बीच 19 मैच हुए जिसमें से 14 भारत ने जीते जबकि इंग्लैंड केवल चार में ही जीत दर्ज कर पाया. इस साल विश्व कप में दोनों टीमों के बीच खेला गया मैच टाई रहा था. इंग्लैंड ने भारत में आखिरी मैच पांच साल पहले जमशेदपुर में जीता था.  भारत की टीम में भले ही सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग, युवराज सिंह, जहीर खान और हरभजन सिंह जैसे खिलाड़ी नहीं हैं लेकिन इंग्लैंड ने भी अगले विश्व कप को ध्यान में रखकर नए खिलाडिय़ों की टीम तैयार की है. यदि भारतीय पिचों को ध्यान में रखा जाए तो पीटरसन इस टीम में सबसे अनुभवी हैं. उन्होंने पिछली दोनों सीरीज में भारत दौरा किया था. उनके अलावा बेल और स्वान इन दौरों पर आए थे.

अन्य खिलाडिय़ों में रवि बोपारा को भारत में पांच वनडे के अलावा आईपीएल में खेलने का अनुभव है और उन पर टीम काफी निर्भर करेगी. पीटरसन ने भारत में जो 12 मैच खेले हैं उनमें उन्होंने 52.18 की औसत से 574 रन बनाए हैं. जिसमें एक शतक और चार अर्धशतक शामिल हैं. बेल हालांकि आठ मैच में केवल एक अर्धशतक जड़ पाए जबकि जोनाथन ट्राट ने पांच मैच में 269 रन बनाए. स्वान के नाम पर भारतीय धरती पर आठ मैच में 14 विकेट दर्ज हैं. इनके अलावा समित पटेल और टिम ब्रेसनन ने भी भारत में पांच.पांच वनडे खेले हैं.

लेकिन उन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिली. जहां तक रिकार्ड की बात है तो भारत और इंग्लैंड के बीच अब तक 76 मैच खेले गए हैं जिनमें भारत ने 38 जीते हैं और 33 में उसे हार मिली है. भारत का अपनी धरती पर रिकार्ड और बेहतर है. उसने 35 मैच में से 21 में जीत दर्ज की है जबकि 13 उसने गंवाए हैं.

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