भारत-पाक तीसरा एक दिवसीय आज, मैच दोपहर 12 बजे से

India_Pakनई दिल्ली, 5 जनवरी. लगातार दो मैचों में शर्मनाक हार झेलने के बाद क्लीनस्वीप का दंश झेलने के कगार पर खड़ी भारतीय टीम रविवार को यहां तीसरे और आखिरी वनडे क्रिकेट मैच में प्रतिष्ठा बचाने और पाकिस्तान की 3-0 से सीरीज़ जीतने की उम्मीदों पर पानी फेरने के लिये फिरोजशाह कोटला मैदान पर उतरेगी.

चेन्नई में आठ विकेट और कोलकाता में 85 रन से हार झेलने वाले भारत को यदि अपनी सरजमी पर किसी द्विपक्षीय सीरीज़ के सभी मैच गंवाने की लज्जा से बचना है तो उसके बल्लेबाजों को अच्छा प्रदर्शन करना होगा. भारत के नामी बल्लेबाजों ने पिछले दो मैचों में लचर खेल दिखाकर कप्तान महेंद्र सिंह धोनी सहित देश के करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों को भी निराश किया. भारत को इससे पहले 1983 में अपनी धरती पर वेस्टइंडीज से 0-5 से शिकस्त झेलनी पड़ी थी.

पाकिस्तान के भी कुछ बल्लेबाज विशेषकर नासिर जमशेद लगातार अच्छा प्रदर्शन कर पाये हैं लेकिन उसकी तेज गेंदबाजी की तिकड़ी जुनैद खान, मोहम्मद इरफान और उमर गुल ने अंतर पैदा किया है. इन तीनों ने अब तक भारतीय शीर्ष क्रम को क्षकक्षोरने में अहम भूमिका निभायी है. पाकिस्तानी आक्रमण के सामने कप्तान धोनी को छोड़कर कोई भी भारतीय बल्लेबाज क्रीज पर ज्यादा देर तक नहीं टिक पाया. दिल्ली के चोटी के तीन बल्लेबाजों वीरेंद्र सहवाग, गौतम गंभीर और विराट कोहली ने अब तक दो मैचों में क्रमश: 35, 19 और छह रन बनाये हैं. इन तीनों से टीम ही नहीं भारतीय क्रिकेट प्रेमियों को भी अपने घरेलू मैदान पर अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी. धोनी ने भी माना है कि शीर्ष क्रम के इन तीनों बल्लेबाजों में कम से कम किसी एक को मध्यक्रम के बल्लेबाजों का साथ देना होगा.

धोनी ने कहा कि हमारे लिये सबसे महत्वपूर्ण विकेट बचाये रखना है. विकेट हाथ में हों तो आखिरी दस ओवर में 80 रन भी बनाये जा सकते हैं. हमारे चोटी के तीन बल्लेबाजों में किसी एक को पारी संवारने की जिम्मेदारी उठानी होगी. इससे हमारा काम आसान हो जाएगा. भारत के लिये चिंता की बात यह है कि शीर्ष क्रम में सहवाग, गंभीर और कोहली के नाकाम होने के बाद मध्यक्रम में युवराज सिंह, रोहित शर्मा और सुरेश रैना में से भी कोई एंकर की भूमिका नहीं निभा पाया है. इसलिए इस मैच में न सिर्फ भारतीय टीम बल्कि भारतीय बल्लेबाजों की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी है. धोनी का फॉर्म जरूर भारत के लिये अच्छी खबर है. भारतीय कप्तान ने पहले मैच में नाबाद 113 और दूसरे मैच में नाबाद 54 रन बनाये लेकिन उन्हें दूसरे छोर से सहयोग नहीं मिल पाया है. पाकिस्तान की निगाह 14वीं बार तीन या इससे अधिक मैचों की सीरीज में क्लीनस्वीप करने पर लगी हैं.

पाकिस्तान अपने देश से बाहर अब तक केवल जिम्बाब्वे, बांग्लादेश और वेस्टइंडीज में ही सीरीज के सभी मैच जीतने में कामयाब रहा है. उसके कप्तान मिसबाह उल हक ने भी कहा कि टीम कोटला में मैच जीतने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी. मिसबाह ने कहा कि भारत के खिलाफ कोई भी जीत खास होती है. यदि हम 3-0 से जीतने में कामयाब रहे तो यह बड़ी उपलब्धि होगी. पाकिस्तान की तरफ से यदि गेंदबाजों ने मुख्य अंतर पैदा किया है तो उसके सलामी बल्लेबाज जमशेद ने दोनों मैच में बल्लेबाजी विभाग की जिम्मेदारी संभाले रखी. चेन्नई में 101 और कोलकाता में 106 रन बनाने वाले जमशेद की निगाह लगातार तीन मैचों में शतक जडऩे के जहीर अब्बास और सईद अनवर के रिकॉर्ड की बराबरी करने पर लगी है. जहीर ने यह कारनामा 1982-83 में भारत के खिलाफ ही किया था.

जमशेद को चेन्नई में अनुभवी यूनिस खान का अच्छा साथ मिला था तो कोलकाता में मोहम्मद हफीज ने उनके साथ पहले विकेट के लिये शतकीय साझेदारी की थी. भारत के लिये इन तीनों का विकेट बेहद कीमती होगा क्योंकि अजहर अली, मिसबाह और कामरान अकमल अभी तक रन बनाने में नाकाम रहे हैं. भारतीय गेंदबाज भी कोलकाता में आखिरी 25 ओवरों से प्रेरणा लेने की कोशिश करेंगे जिनमें उन्होंने पाकिस्तान की पूरी टीम को समेट दिया था. भुवेनश्वर कुमार, अशोक डिंडा और इशांत शर्मा की भारतीय तेज गेंदबाजी की तिकड़ी को पाकिस्तानी गेंदबाजों से भी सबक लेने की जरूरत है.

कोटला की पिच में वैसे चेपक या ईडन गार्डन्स की तरह अधिक तेजी और उछाल मिलने की संभावना नहीं है और इसलिए यहां भारत स्पिन विभाग को मजबूत करने पर जोर दे सकता है. पाकिस्तान गेंदबाजी आक्रमण में हालांकि किसी तरह की बदलाव की संभावना नहीं है क्योंकि उसके पास सईद अजमल और हफीज के रूप में दो उपयोगी स्पिनर हैं. उत्तर भारत में सर्दी का मौसम है और मैच 12 बजे शुरू होने के बावजूद पिच में नमी रहेगी. ऐसे में टॉस फिर से अहम भूमिका निभाएगा. ऐसी स्थिति में शुरू में तेज गेंदबाजों को मदद मिल सकती है और यहां भी टॉस जीतने वाली टीम के पहले क्षेत्ररक्षण करने की ही संभावना है. जहां तक रिकॉर्ड की बात है तो कोटला में अब तक भारत और पाकिस्तान के बीच एकमात्र वनडे मैच 2005 में खेला गया था जिसमें पाकिस्तान ने जीत दर्ज की थी.

मैच दोपहर 12 बजे से शुरू होगा.

टीमें इन खिलाडिय़ों में से चुनी जाएंगी

भारत: धोनी (कप्तान), सहवाग, गंभीर, विराट कोहली, युवराज सिंह, सुरेश रैना, रविंदर जडेजा, रविचंद्रन अश्विन, भुवनेश्वर कुमार, इशांत शर्मा, अशोक डिंडा, अंजिक्य रहाणे, रोहित शर्मा, अमित मिश्रा और शमी अहमद में से.

पाकिस्तान- मिसबाह उल हक (कप्तान), नासिर जमशेद, मो. हफीज, अजहर अली, यूनिस खान, शोएब मलिक, कामरान अकमल, सईद अजमल, उमर गुल, जुनैद खान, मो. इरफान, सोहेल तनवीर, उमर अकमल, अनवर अली, हरीश सोहेल, इमरान फरहत, जुल्फिकार बाबर में से.

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