Pakistan Jailइस्लामाबाद, 25 जनवरी. पाकिस्तान में जासूसी के आरोप में जेल की सजा काट रहे एक भारतीय नागरिक की ‘बेरहमी के साथ पिटाई’ के कारण मौत हो गई है। स्थानीय मीडिया की खबरों के अनुसार, हाल ही में लाहौर की कोट लखपत जेल से रिहा हुए पाकिस्तानी वकील तहसीन खान ने कहा कि उन्होंने जेल कर्मवारियों को चमेल सिंह की पिटाई करते देखा। सिंह को मिली पांच साल की सजा अब पूरी होने वाली थी।

खबर है कि 15 जनवरी को एक नल से कपड़ा धुलने के लिए पानी लेने पर सिंह की पिटाई की गई। दो दिनों बाद इस भारतीय नागरिक की जिन्ना अस्पताल में मौत हो गई। उधर, भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों ने बताया कि उन्हें पाकिस्तानी अधिकारियों की ओर से औपचारिक तौर पर सूचित किया गया है कि सिंह की 15 जनवरी को लाहौर में मौत हो गई।
सिंह की मौत की वजह पाकिस्तान सरकार की ओर से नहीं बताई गई है। खान ने आरोप लगाया कि जेल के कर्मचारियों ने सिंह की ‘बेरहमी से पिटाई’ की।

पिटाई करने वाले जेल के कर्मचारियों ने ‘भारतीयों और अल्पसंख्यकों के खिलाफ नस्लीय टिप्पणियां भी कीं।’ पेशे से वकील खान ने दावा किया कि कोट लखपत जेल में बंद सरबजीत सिंह सहित अन्य भारतीय कैदियों को भी बहुत खतरा है।

‘ड्रोन के मानवाधिकार उल्लंघन की जांच कर रहा यूएन’

इस्लामाबाद : पाकिस्तान ने इस आशय की पुष्टि की कि उसके कबायली इलाके में ड्रोन हमले में मानवाधिकार उल्लंघन की जांच संयुक्त राष्ट्र के प्रतिवेदक कर रहे हैं।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोआज्जम अहमद खान ने गुरुवार को साप्ताहिक संवादादाता सम्मेलन में कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई के दौरान मानवाधिकार हनन की जांच करने के संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद द्वारा प्रतिवेदक को दिए गए आदेश के तहत यह कार्रवाई हो रही है।

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