मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने उद्योगपतियों को आश्वस्त किया है कि उनके सुझावों को ध्यान में रखते हुये राज्य की औद्योगिक नीति में बदलाव किया जायेगा. राज्य के चार-पांच प्रमुख नगरों में औद्योगिक संरचना की विश्व स्तरीय सुविधायें प्रदान की जायेगी.

उद्योग सलाहकार परिषद की बैठक में कई बड़े उद्योग घरानों के प्रतिनिधियों ने भाग लेकर उनकी कठिनाइयों को बताया. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का औद्योगिक विकास उनकी जिद, जुनून व जज्बा है जिसे पूरा किया जायेगा. उद्योगपतियों ने कहा कि वादा तो यह किया गया कि उद्योगों की स्थापना व निवेश की जरूरत के लिये एकल खिड़की (सिंगल विंडो) बनाई जायेगी, लेकिन उन्हें एक-एक अनुमति के लिये कई-कई दफ्तरों में भटकना पड़ रहा है. उन्होंने राज्य में वायु सेवायें बढ़ाने की भी बहुत जरूरत बनाई है. मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि सिंगल विंडो में जो जटिलतायें आ रही हैं उन्हें शीघ्र ही दूर कर दिया जायेगा. अधिसूचनायें हिन्दी के साथ-साथ अब अंग्रेजी में भी प्रकाशित होगी. आज राज्य की विकासदर 10 प्रतिशत है. राज्य मार्गों को सुधारा गया है और अगले साल के अंत तक राज्य का प्रत्येक गांव बारहमासी सड़कों से जोड़ दिये जायेंगे. प्रदेश सूचना प्रौद्योगिकी का हब बनेगा. साथ में टेक्सटाइल उद्योगों को भी आगे बढ़ाने की नीति है. बैठक में लार्सन एंड टुब्रो के श्री एस.एन. राव का सुझाव था कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर उद्योग लगाने की प्रवृत्ति पर रोक लगायें और इन्हें 5 से 10 किलोमीटर दूर अंदर ही लगाना चाहिये.

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