नई दिल्ली। औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर अगस्त में 4.1 फीसदी रहने से मायूस वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने बुधवार को कहा कि इसमें सुस्ती से दूसरी तिमाही [जुलाई से सितंबर] के दौरान सकल घरेलू उत्पाद [जीडीपी] की वृद्धि दर भी प्रभावित हो सकती है। उन्होंने  कहा कि आईआईपी उत्साहजनक नहीं है। यह थोड़ा निराशाजनक है और इससे दूसरी तिमाही की जीडीपी प्रभावित हो सकती है। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक के आधार पर आंकी जाने वाली औद्योगिक वृद्धि अगस्त के महीने में 4.1 फीसदी रही जो पिछले साल के उसी महीने के 4.5 फीसदी के स्तर से कम है।

मुखर्जी ने हालांकि इस पर टिप्पणी करने से इंकार किया कि औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर में कमी से चालू वित्त वर्ष की जुलाई से सितंबर की तिमाही [दूसरी तिमाही] के दौरान आर्थिक वृद्धि दर पर कितना असर होगा। उन्होंने कहा कि किस हद तक औद्योगिक उत्पादन में कमी प्रभावित होगा, इसका आकलन करना अभी जल्दबाजी होगी। भारत की आर्थिक वृद्धि दर पहली तिमाही [अप्रैल से जून] के दौरान घटकर 7.7 फीसदी पर आ गई। सरकार को उम्मीद है कि 2010-12 के दौरान वृद्धि दर 8.5 फीसदी होगी। आज जारी आधिकारिक आंकड़े के मुताबिक अप्रैल से अगस्त के दौरान औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर 5.6 फीसदी रही जबकि पिछले वर्ष समीक्षाधीन अवधि में यह 8.7 फीसदी थी। हालांकि जुलाई के औद्योगिक उत्पादन वृद्धि दर में संशोधन कर 3.3 फीसदी से बढ़ाकर 3.8 फीसदी कर दिया गया। उन्होंने कहा कि संतोष की बात यह है कि जुलाई के औद्योगिक उत्पादन का आंकड़ा बेहतर हुआ है लेकिन पिछले साल के मुकाबले यह काफी कम है।  इस बीच आर्थिक मामले के सचिव गोपालन ने कहा कि औद्योगिक उत्पादन के आंकड़े में कमी चिंता का विषय है लेकिन भरोसा जताया कि आंकड़ों में सुधार होगा। उन्होंने कहा कि यह चिंता का विषय है लेकिन यदि पिछले साल पर नजर डालें तो दूसरी छमाही के औद्योगिक उत्पादन के आंकड़े हमेशा अच्छे होते हैं।

बैंक ऑफ इंडिया की आवास ऋण एवं वाहन ऋण की किफायती योजनाएं
भोपाल.  बैंक ऑफ इंडिया द्वारा त्यौहारों के सीजन में 3 दिसंबर-11 तक मान्य ‘आवास ऋण एवं वाहन ऋणÓ संबंधी रियायत दी जा रही है. आवास ऋण पर ब्याज दर में निम्न बदलाव के अलावा प्रोसेङ्क्षसग शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट भी दी जा रही है. रुपये 25 लाख तक के ऋण पर 10.75 प्रतिशत प्रतिवर्ष, रुपये 25 लाख से रुपये 75 लाख तक के ऋण पर 11 प्रतिशत एवं 75 लाख एवं अधिक के ऋण पर 11.5 प्रतिशत प्रतिवर्ष नियत किया गया है. वाहन ऋण 31 दिसंबर-11 तक ब्याज दर में 1 प्रतिशत की छूट के साथ निम्नानुसार की गई है-3 वर्ष के अंदर भुगतान करने पर 11.5 प्रतिशत प्रतिवर्ष, 3 वर्ष से अधिक अवधि में भुगतान करने पर 12 प्रतिशत प्रतिवर्ष एवं प्रोसेङ्क्षसग शुल्क वाहन-ऋण प्रकरणों में शून्य रहेगा. ब्याज दरें दोनों ही योजना में फ्लोङ्क्षटग रहेंगी. यह जनकारी रिटेल बिजनेस सेन्टर के सहायक महाप्रबंधक राजकुमार बंडी द्वारा दी गई है.

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