रेलें रोकीं, जगह-जगह चक्काजाम, तृणमूल-भाजपा कार्यकर्ता भिड़े

नई दिल्ली, 20 सितंबर. डीजल के दामों में बढ़ोतरी व रिटेल में एफडीआई के विरोध में एनडीए, वामदलों व कुछ पार्टियों द्वारा बुलाए गए भारत बंद का व्यापक असर देखने को मिला है। कई शहरों में परिवहन सेवा व बाजार बंद रहने से आम जन जीवन प्रभावित हुआ है। गुरूवार तड़के ही उत्तरप्रदेश व बिहार में दर्जनों ट्रेनें रोकी गई। वहीं पश्चिम बंगाल में टीएमसी व भाजपा कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए।

पीएम का पुतला फूंका- दिल्ली में कई जगहों पर भाजपा कार्यकर्ता हिरासत में लिए गए हैं। वहीं कोलकाता में भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता आपस में ही भिड़ गए। इलाहाबाद में सपा कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का पुतला फूंका। वहीं दिल्ली के प्रीत विहार में भी पीएम के पुतले जलाने की खबर है। आगरा-ग्वालियर राजमार्ग पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने जाम लगाया। इलाहाबाद में समाजवादी पार्टी, मथुरा में भाजपा और पटना में जनता दल (यूनाइटेड) के कार्यकर्ताओं ने रेलवे ट्रैक जाम कर रखा है। पुरुषोत्तम एक्सप्रेस, मालदा एक्सप्रेस, दून एक्सप्रेस, भुवनेश्वर एक्सप्रेस सहित दर्जन भर ट्रेनें बीच रास्ते में फंसी पड़ी है। हालांकि दिल्ली में मेट्रो सामान्य रूप से चल रही है। देश भर के ट्रांसपोटर्स बंद का समर्थन कर रहे हैं।

पटना में कई ट्रेनें फंसी, स्कूल बंद

बिहार में जनता दल (यूनाइटेड) और भाजपा नेताओं ने पटना समेत कई स्थानों पर रेल पटरी पर धरना देकर रेल यातायात को बाधित कर रखा है। इसके कारण राजधानी एक्सप्रेस समेत कई प्रमुख ट्रेनें विभिन्न स्टेशनों पर फंसी पड़ी हैं। राजेंद्र नगर टर्मिनल पर कई ट्रेनों को रोका गया। बंद के कारण पटना में कम ही वाहन सड़कों पर नजर आ रहे हैं। भारत बंद को देखते हुए पटना के सभी प्राइवेट स्कूल बंद हैं।

ओडिशा में बंद का व्यापक असर

ओडिशा के पश्चिमी हिस्से के छोडकर पूरे राज्य में भारत बंद का व्यापक असर देखा गया। सरकारी कार्यालयों, व्यापारिक प्रतिष्ठान, शिक्षण संस्थाएं और बैंक बंद रहे। सड़क पर वाहनों का आवागमन बंद रहा। बस, ऑटो और रिक्शा सड़क पर नहीं देखे गए। कई रेलवे स्टेशनों पर बंद समर्थकों के हंगामे की वजह से ट्रेनों का आवागमन प्रभावित रहा। हालांकि ओडिशा की सत्तारूढ पार्टी बीजू जनता दल ने नुआखई पर्व के मद्देनजर बंद का समर्थन नंहीं किया है।

उल्लेखनीय है कि रिटेल में एफडीआई, डीजल के दामों में बढ़ोतरी और सब्सिडी युक्त रसोई गैस सिलेंडरों की संख्या सीमित करने के केंद्र के फैसलों के खिलाफ भाजपा व लेफ्ट समेत विपक्ष ने भारत बंद किया. एनडीए, लेफ्ट, सपा, बीजेडी, टीडीपी, अन्नाद्रमुक के साथ ही द्रमुक भी बंद में शामिल है।

प्रदेश में मुकम्मल बंद

नवभारत टीम
भोपाल/इंदौर. .   राष्टीय जनतांत्रिक गठबंधन द्वारा आयोजित भारत बंद का मध्य प्रदेश में भोपाल संभाग को छोड़कर अन्य शहरों में व्यापक असर नजर आया।  राज्य के अधिकांश हिस्सों में सड़कों पर चहल-पहल बहुत कम है, शिक्षण संस्थान भी बंद हैं। साथ ही भाजपा के कार्यकर्ता सुबह से ही सड़कों पर सक्रिय नजर आ रहे हैं।

ग्वालियर में बंद का असर दिखाई दिया. इस दौरान यातायात पूरी तरह से प्रभावित हुआ और रेल बसों से आए लोगों को घर तक पैदल जाना पडा. इस दौरान पेट्रोल पंप खाने पीने की दुकानें बंद रही. सिनेमाघर भी बंद के दौरान बंद रहे वहीं कार्यालयों में भी उपस्थिति कम रहीं और कर्मचारी बंद में इधर उधर बैठे दिखाई दिए. आगरा मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग पर ट्रकों के पहिए थमने से आवाजाही कम दिखाई दी केवल निजी वाहन ही सडकों पर दिखाई दिये. भिंड, मुरैना और दतिया में भी बंद का असर दिखाई दिया. वहां मुकम्मबल बंद रहा.

देवास में पुतला फूंका

देवास में बंद के दौरान प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह तथा संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन अध्यक्ष सोनिया गांधी का पुतला दहन किया गया.

आर्थिक नुकसान: सरकार

सरकार ने एफडीआई से जुड़े सुधारों के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन और बंद की आलोचना करते हुए इस विरोध के पीछे शामिल दलों पर आर्थिक नुकसान करने का आरोप लगाया।  इसके साथ ही सुधारों से पीछे हटने की संभावनाओं को खारिज करते हुए वित्तमंत्री चिदंबरम ने स्पष्ट किया है कि देश को व्यापक सुधारों की जरूरत है। सरकार की स्थिरता को कोई खतरा नहीं है .

भले ही तृणमूल कांग्रेस कल ही हट जाये और उसने नये सहयोगियों की तलाश का संकेत दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा है कि आठ गैर संप्रग दलों तथा राजग द्वारा आयोजित इस हड़ताल का आर्थिक नुकसान के अलावा और कोई असर नहीं है। वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि इस हड़ताल का शुद्ध प्रभाव बड़ा आर्थिक नुकसान है। अगर आप विरोध करते हैं, आपको इस तरीके से विरोध नहीं करना चाहिए कि आर्थिक नुकसान हो। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अंबिका सोनी ने कहा कि सीमित विरोध सही है लेकिन यह इतना नहीं होना चाहिए कि आम लोगों के हितों को नुकसान पहुंचाने वाला हो जाए।

कई नेताओं ने दी गिरफ्तारी

दिल्ली में बंद के दौरान मुलायम सिंह यादव, एबी बर्धन, प्रकाश करात, सीताराम येचूरी और चंद्रबाबू नायडू ने गिरफ्तारी दी, जिन्हें अब छोड़ दिया गया है। भारत बंद से यूपी में जनजीवन सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। लखनऊ में सपा कार्यकर्ताओं ने वॉलमार्ट स्टोर पर ताला लगा दिया। कानपुर में दिल्ली-लखनऊ शताब्दी एक्सप्रेस को प्रदर्शनकारियों ने रोक दिया।

Related Posts: