• रिकॉर्ड निचले स्तर 52.73 पर

मुम्बई, 22 नवंबर. रुपये की कीमत मंगलवार को अब तक के सबसे निचले स्तर 52.73 रुपये प्रति डॉलर तक पहुंच गई है। रुपये के गिरने से तेल का आयात और महंगा हो जाएगा और इससे महंगाई तथा वित्तीय घाटे के और अधिक बढऩे का अंदेशा पैदा हो गया है। रुपया हालांकि दोपहर 1.10 बजे तक थोड़ा मजबूत होकर 52.31 रुपये प्रति डॉलर के स्तर पर आया। रुपये में पिछले चार महीने में 16 फीसदी तक की गिरावट आ चुकी है। जुलाई में रुपये ने साल के ऊपरी स्तर को छुआ था।

गिरावट पर आरबीआई नहीं लगा पाएगा अंकुश: प्रणव
रुपए में आई ऐतिहासिक गिरावट के बीच वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने कहा कि विदेशी मुद्रा विनिमय में भारतीय रिजर्व बैंक के हस्तक्षेप से इस गिरावट पर अंकुश नहीं लग सकता है. वित्त मंत्री का कहना है कि रुपए के अपने सबसे निचले अस्तर पर पहुंचने के दूसरे कारण हैं. बक़ौल प्रणब इसके पीछे विदेशी संस्थागत निवेशकों की निकासी और वैश्विक कारण हैं. वित्त मंत्री प्रणव ने कहा कि घेरलू शेयर बाज़ार से विदेशी संस्थागत निवेशकों की निकासी और वैश्विक बाज़ार की अनिश्चितता इस गिरावट की असल वजह हैं. ग़ौरतलब है कि पैसा पिछले कुछ दिनों से लगातार गिर रहा है और यह अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है. अंतर बैंक विदेशी विनिमय बाजार में रुपया मंगलवार को शुरुआती कारोबार में गिरकर अपने सबसे निचले स्तर 52.73 प्रति अमेरिकी डॉलर पर आ गया.

हिंसा का डर: यशवंत सिन्हा

महंगाई को लेकर महाभारत शुरू हो गया है.  वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने आज एलान किया है कि मार्च तक महंगाई दर कम होकर 6-7 फीसदी तक हो जाएगी, लेकिन बीजेपी समेत पूरा विपक्ष प्रणब के बयान से सहमत नहीं है. प्रणब मुखर्जी के बयान पर बीजेपी नेता यशवंत सिन्हा ने कहा है कि महंगाई देश में हिंसा शुरू होने का एक कारण बन सकती है, लेकिन सरकार इस पर ध्यान ही नहीं दे रही है.

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