मीडिया की खबरों का राहुल द्रविड़ ने किया खंडन

पर्थ,11 जनवरी. टीम इंडिया दीवार कहे जाने वाले राहुल द्रविड़ ने मीडिया की उन खबरों को बकवास करार दिया है, जिनके मुताबिक टीम इंडिया में अंदरूनी विवाद चल रहा है और इसी के चलते टीम के प्रदर्शन पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है. साथ ही दीवार को मौजूदा आस्ट्रेलियाई दौर की हकीकत सोने नहीं दे रही है. इसका कारण है पिछले साल का इंग्लैंड दौरा जहां टीम इंडिया की शुरुआत ठीक इसी तरह से हुई थी, नतीजतन भारत को 0-4 से वाइटवाश झेलना पड़ा था.

द्रविड़ ने हाल के सभी विवादों और खासतौर पर टीम के दो खेमों में बंटने जैसी खबरों को सिरे से खारिज कर दिया. द्रविड़ का मानना है कि यह सभी खबरें हार के बाद हमारी जिंदगी का हिस्सा बन चुकी हैं. ना तो इसमें कोई सच्चाई है और ना ही हमें इन खबरों की परवाह है. द्रविड़ ने अपना डर जाहिर किया है कि कहीं आस्ट्रेलिया दौरे का हाल भी इंग्लैंड दौरे की तरह ना हो जाए जहां टीम इंडिया एक भी मुकाबला जीतने में सफल नहीं हो पाई थी. द्रविड़ ने कहा, मैं उम्मीद करता हूं कि इस दौरे का हाल भी इंग्लैंड दौरे की तरह ना हो जाए जहां हम एक भी मुकाबला जीतने में सफल नहीं हो पाए थे. हमें मेलबर्न टेस्ट से हौसला लेना होगा जहां हम ठीक खेले थे. वहीं द्रविड़ ने अपने बार-बार बोल्ड होने की बात पर कहा कि उन्हें लगता है कि यह सिर्फ इत्ताफाक ही था क्योंकि सारे ही विकेट एक ही अंदाज में लिए गए थे और अब उनको उम्मीद है कि वह उन कमजोरियों पर काम करके दोबारा ऐसा होने का मौका नहीं देंगे. वीवीएस लक्ष्मण के टीम से बाहर किए जाने पर चल रही चर्चा के विषय में द्रविड़ ने कहा, मुझे नहीं लगता लक्ष्मण को इन बातों से कोई फर्क पड़ता है, वह एक सुलझे हुए खिलाड़ी हैं और जल्द ही वापसी करके अपने आलोचकों को जवाब देंगे.

शीर्ष क्रम पर रहेंगी निगाहें

भारतीय टीम शुक्रवार को जब यहां वाका मैदान में अपने लिए ‘करो या मरो’ के मुकाबले में उतरेगी तो शृंखला में बराबरी की उम्मीदों को बनाए रखने के लिए उसके शीर्ष क्रम को पिछली नाकामियों से उबरकर अच्छा प्रदर्शन करना होगा.  मेलबर्न और सिडनी में भारतीय बल्लेबाज ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाजों के सामने टिक नहीं पाए थे और दुनिया की सबसे तेज पिचों में शुमार वाका की पिच पर ऑस्ट्रेलिया की पेस बैट्री के सामने एक बार फिर भारतीय बल्लेबाजी की कड़ी परीक्षा होगी.  वाका के क्यूरेटर कैमरून सदरलैंड ने भविष्यवाणी की है कि इस बार की पिच पिछले एशेज टेस्ट से 20 प्रतिशत तेज और उछालभरी होगी.

तब ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को 267 रन से हराया था. कुल 40 में से दो विकेट ही स्पिनरों के खाते में गए हैं. विदेशी जमीन पर लगातार छह टेस्ट हार चुकी भारतीय टीम के लिए यह प्रेरणा की बात हो सकती है कि उसने पिछले दौरे पर इस मैदान में ऑस्ट्रेलिया को 72 रन से शिकस्त दी थी. उस समय भी भारतीय टीम 0-2 से पिछडी हुई थी, लेकिन उसने शानदार प्रदर्शन करते हुए पर्थ में जीत हासिल की थी. भारत की ओर से सचिन ने वाका मैदान में दो मैचों में 50.75 के औसत से सर्वाधिक 203 रन बनाए हैं जिसमें एक शतक और एक अर्धशतक शामिल है. भरातीय टीम को एक बार फिर अनुभवी बल्लेबाज से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी. इस शृंखला में भारत का कोई बल्लेबाज अभी तक शतक नहीं बना पाया है. सचिन ने इस शृंखला में अब तक 56.60 के औसत से 226 रन बनाए हैं, लेकिन उन्हें अन्य बल्लेबाजों का साथ नहीं मिला है. विस्फोटक वीरेन्द्र सेहवाग ने 27.00 के औसत से 108 रन, राहुल द्रविड़ ने 28.00 के औसत से 112 रन तथा वी.वी.एस लक्ष्मण ने 17.75 के औसत से 71 रन बनाए हैं.

भारत को अगर शृंखला में वापसी करनी है तो उसके शीर्ष बल्लेबाजों को ढेरों रन बनाने होंगे. ऑस्ट्रेलिया के इस मैच में चार तेज गेंदबाजों के साथ उतरने की संभावना है. बेन हिल्फेनहास, पीटर सिडल, रेयान हैरिस और मिशेल स्टार्क की चौकड़ी एक बार फिर भारतीय बल्लेबाजों की नाक में दम कर सकती है. भारतीय टीम के शीर्ष क्रम को इस बात से ही थोड़ी राहत मिल सकती है कि तूफानी तेज गेंदबाज जेम्स पैटिनसन चोट के कारण बाकी बचे मैचों से बाहर हो गए हैं और पिछले तीन दौरों में यह पहली बार होगा जब जहीर खान ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे टेस्ट में खेलने उतरेगी. शृंखला में 0-2 से पिछड़ी भारतीय टीम के लिए सिडनी के बाद भी कुछ भी अच्छा नहीं रहा है. विराट कोहली अभद्र इशारा करने के मामले में 50 प्रतिशत मैच फीस गंवा बैठे हैं और तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा भी ऐसा ही इशारा कर अपनी हताशा को जाहिर कर चुके हैं. भारतीय टीम तीसरे मैच से पहले अभ्यास करने के बजाए गो-कार्टिंग के लिए जाने पर वैसे ही कड़ी आलोचनाएं झेल रही है. ऐसे में एक और खराब प्रदर्शन भारतीय टीम के लिए कब्र खोदने का काम करेगा.

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