खाद संबंधी समस्याओं से फूटा आक्रोश

मुरैना/इटारसी, 17 अक्टूबर. खाद के दामों में की गई बढ़ती वापस लेने, पर्याप्त उपलब्धता और कृषि समस्याओं को लेकर जहां मुरैना में किसानों ने रेल रोकी, वहीं इटारसी में खाद पर कमीशन खोरी पर अकुंश लगाने व अन्य मांगों को लेकर किसानों ने रेल मार्ग जाम कर दिया.

मुरैना में खाद के दामों में की गई बढ़ोत्तरी को वापिस लेने के साथ पर्याप्त उपलब्धता कराने व कई अन्य कृषि समस्याओं को लेकर आज भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में सैकड़ों किसान रेल की पटरी पर उतर आये और रेल रोक दी. तब मौके पर उपस्थित प्रशासन व पुलिस सहित जीआरपी व आरपीएफ के अधिकारियों ने उन्हें समझा बुझाकर रेलवे ट्रेक से हटाया. इससे पूर्व किसान संघ के प्रांत मंत्री रामाधार शर्मा के नेतृत्व में पुराना बस स्टेण्ड परिसर में एक आमसभा का भी आयोजन किया गया था.

जिसके बाद जिला सहित संभाग भर से आंदोलन में शामिल होने पहुंचे सैकड़ों किसान नगर के मुख्य मार्गो से रैली निकालते हुये रेलवे स्टेशन पहुंचे. स्टेशन परिसर में घुसने से पूर्व ही पुलिस ने किसानों को रोक लिया और तब किसानों की जिद के आगे पुलिस ने भी घुटने टेक दिये. जिसके बाद लगभग एक सैकड़ा किसान रेलवे ट्रेक पर जा पहुंचे और आगरा की ओर से आ रही झेलम एक्सप्रेस को रोक दिया. इस दौरान कई किसान ट्रेन के इंजन के आगे पटरी पर लेट गये. तब मौके पर उपस्थित अधिकारियों ने उन्हें समझा बुझाकर रेल्वे ट्रेक से हटाया. जिसके बाद किसान संघ द्वारा अपनी 11 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन भी सौंपा गया.

इटारसी में भारतीय किसान संघ द्वारा आज अपनी मांगों को लेकर जयस्तंभ चौक पर आयोजित हल्लाबोल आंदोलन के अंतिम चरण में रेलवे ट्रेक पर पहुँचकर ट्रेनों की आवाजाही को रोक दिया. जिससे कई ट्रेनें प्रभावित हुए. भारतीय किसान संघ के प्रदेश अध्यक्ष शिवकुमार शर्मा के नेतृत्व में नर्मदापुरम एवं भोपाल संभाग के किसानों ने हल्ला बोल आंदोलन के साथ केन्द्र सरकार की शवयात्रा भी निकाली और हजारों की संख्या में रेल्वे ट्रेक पर पहुंचकर तकरीबन एक घंटे तक प्रतीकात्मक रूप से रेल रोककर केन्द्र सरकार को चेतावनी दी. कि उनकी मांगे मान ली जाये अन्यथा आंदोलन और भी बड़ा रूप ले सकता है.

किसान संघ के प्रदेश अध्यक्ष शिवकुमार शर्मा ने कहा कि देश के किसानों की संख्या 80 करोड़ के आसपास है और बिजली, खाद, बीमा, लागत मूल्य संबंधित हमारी मांगों को प्राथमिकता से नहीं माना गया तो भारतीय किसान संघ द्वारा 8 करोड़ किसानों को लेकर दिल्ली को दलदल बना दिया जायेगा. केन्द्र सरकार पर निशाना साधते हुये श्री शर्मा ने कहा कि केन्द्र सरकार कमीशनखोरी कर रही है. नार्वे, सूडान जैसे छोटे देशों से खाद बुलवाई जा रही है क्योंकि वे सरकार को कमीशन देने का आफर देते हैं. चूंकि वहां पर अब आंदोलन चल रहे हैं तो खाद का आयात बंद हो गया है. हल्ला बोल आंदोलन की पूर्व जानकारी होने पर इटारसी को पुलिस बल की छावनी तो बना दिया गया लेकिन पर्याप्त पुलिस बल होते हुये भी किसानों को रेल्वे ट्रेक पर जाकर ट्रेन रोकने से प्रशासन नहीं रोक सका.

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