मुंबई. चालू पेराई सीजन 2011-12 (अक्टूबर से सितंबर) में चीनी का उत्पादन बढऩे का अनुमान है। जबकि फुटकर बाजार में चीनी के दाम भी ज्यादा नहीं है। इसीलिए सरकार चीनी पर लगी स्टॉक लिमिट को हटाने पर विचार कर रही है। वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी की अध्यक्षता वाले मंत्रियों के अधिकार प्राप्त समूह (ईजीओएम) की 21 नवंबर को होने वाली बैठक में इस पर फैसला हो सकता है।

उपभोक्ता मामले मंत्रालय के अधिकारीके अनुसार  चालू पेराई सीजन में देश में चीनी का उत्पादन बढ़कर 247.7 लाख टन होने की संभावना है। चालू महीने के अंत तक प्रमुख उत्पादक राज्यों की लगभग सभी चीनी मिलों में पेराई शुरू हो जायेगी। तथा इस समय फुटकर बाजार में चीनी के दाम भी ज्यादा नहीं है इसीलिए चीनी के व्यापारियों पर लगी स्टॉक लिमिट हटाने की सिफारिश की गई है। चीनी पर स्टॉक लिमिट की अवधि 30 नवंबर 2011 तक है।  फुटकर बाजार में वर्ष 2009 में चीनी के दाम बढ़कर 47 से 49 रुपये प्रति किलो हो गए थे ऐसे में उपभोक्ताओं को ऊंची कीमतों से राहत देने के लिए सरकार ने अगस्त 2009 में स्टॉक लिमिट लगाई थी।

खाद्य मंत्रालय के अनुसार चालू पेराई सीजन में चीनी का उत्पादन बढ़कर 247.7 लाख टन का अनुमान है जबकि चीनी मिलों के संगठन इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन (इस्मा) के अनुसार उत्पादन 260 लाख टन होने का अनुमान है। देश में चीनी की सालाना खपत 220 से 225 लाख टन की ही होती है। थोक बाजार में चीनी के दाम 3,050 से 3,200 रुपये प्रति क्विंटल चल रहे हैं जबकि फुटकर में इसके दाम 33 से 34 रुपये प्रति किलो हैं।

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