भोपाल,16 अक्टूबर. वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी आज राजधानी में भ्रष्टाचार के मामले में तो कुछ नहीं बोले पर उन्होंने विदेश में जमा भारतीयों के कालेधन को वापस भारत लाने पर खूब बोला.उन्होंने केंद्र की यूपीए सरकार से काले धन के मुद्दे पर श्वेतपत्र जारी करने की मांग की है. आडवाणी ने कहा कि वह उन लोगों के नामों का भी खुलासा करे जिनका काला धन विदेशी बैंकों में जमा हैं.

आडवाणी की राष्ट्रव्यापी जन चेतना यात्रा का आज छठवें दिन यहां आगमन हुआ था. जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने यह मांग उठायी.और कहा कि श्वेतपत्र में इस बात का भी जिक्रहोना चाहिए कि केंद्र सरकार ने इस वर्ष की शुरूआत से अभी तक काला धन देश में वापस लाने के लिए क्या किया हैं.  सरकार को कई के नाम पता – वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा कि उनकी जानकारी के मुताबिक सरकार को ऐसे कुछ लोगों के नामों का भी पता चल गया है.जिनका अपार धन स्विस और अन्य विदेशी बैंकों में जमा हैं.उन्होंने मांग की कि इसलिए सरकार को इन नामों का खुलासा करना चाहिए. वर्षौं तक आडवाणी के साथ काम करने वाले सुधींद्र कुलकर्णी का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि नोट के बदले वोट घोटाले से सबसे ज्यादा आहत हुए हैं.जिसमें भाजपा के उन दो पूर्व सांसदों फग्गन सिंह कुलस्ते और महावीर सिंह भगोरा को जेल में डाला  गया है, जिन्होंने इस घोटाले को उजागर किया.

उन्होंने कहा कि यह यात्रा काले धन को विदेशों से वापस लाने के अलावा भ्रष्टाचार के खिलाफ लोगों को जागृत करने और महंगायी के खिलाफ है.उन्होंने उम्मीद जतायी कि 40 दिवसीय यह यात्रा भ्रष्टाचार के खिलाफ देश में नया वातावरण तैयार करेगी. इस मौके पर लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने आडवाणी की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनका नेतृत्व सबसे अधिक विश्वसनीय है.उन्होंने कहा कि छह यात्राओं का अनुभव रखने वाले आडवाणी की यात्रा देश में परिवर्तन के लिए मददगार साबित होगी.साथ ही उन्होंने कहा कि देश में व्यवस्था परिवर्तन सत्ता परिवर्तन से ही संभव है.

ढाई लाख करोड़ जमा
इस मौके पर उन्होंने कुछ संस्थाओं का जिक्र करते हुए कहा कि विदेशी बैंकों में भारतीयों का लगभग ढाई लाख करोड रूपए का कालो धन जमा है.करीब 20 मिनट के अपने उदबोधन में आडवाणी ने कहा कि स्विटरलैंड सरकार ने इस वर्ष की शुरूआत में एक ऐसा कानून बनाया है. जिसके तहत उनके देश के बैंकों में जमा ऐसा धन जिसे अवैध रूप से कमाकर जमा कराया गया है.उसे वह जब्त कर सकती है.  उन्होंने कहा कि यह साफ होने का वक्त आ गया है कि इस कानून के बाद सरकार ने स्विस बैंकों में जमा काला धन वापस लाने के लिए क्या कदम उठाए हैं.

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