जालंधर, 10 अप्रैल. पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या की साजिश में शामिल बलवंत सिंह राजोआणा को फांसी देने के विरोध में हाल में ही पंजाब बंद की घटना पर विशेषज्ञों का मानना है कि राज्य सरकार ने अगर सतर्क होकर काम नहीं किया तो सूबे में एक बार फिर आतंकवाद पनपने का खतरा बढ़ सकता है.

रक्षा अध्ययन एवं विश्लेषण संस्थान के अध्यक्ष अजय लेले ने कहा कि पंजाब में सांप्रदायिक उन्माद फैलाने एवं सूबे को अशांत करने के लिए धार्मिक नेताओं को निशाना बनाने का खतरनाक मंसूबा पाले आतंकियों के पकड़े जाने और राजोआणा को फांसी देने के विरोध में पंजाब बंद के दौरान खालिस्तान समर्थक नारेबाजी चिंता का विषय है. सरकार, पुलिस एवं एजेंसियों को और अधिक सतर्क होकर काम करना होगा.

लेले ने कहा कि हाल की इस घटना के बाद से निश्चित तौर पर बाहर बैठे आतंकवादी संगठनों के नेता अब इसमें अपना रास्ता तलाशने की कोशिश करेंगे जो न तो पंजाब के हित में होगा, न ही देश के हित में. पंजाब बंद के दौरान जिस तरह का घटनाक्रम देखने को मिला उससे यह एकदम स्पष्ट है कि बंद को या तो राजनीतिक समर्थन था या फिर बाहर से समर्थन था. उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि दोनों ही स्थिति खतरनाक है. एवं हो सकता है कि बाहर के मुल्कों में बैठे खालिस्तान समर्थक आतंकवादी संगठन इस मुद्दे को हवा दें और अच्छे माहौल को बिगाडऩे की कोशिश करें. लेले ने कहा कि अगर सरकार सतर्क नहीं हुई एवं प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष तौर पर ऐसे चरमपंथियों को समर्थन मिलता रहा तो प्रदेश के हालात खराब होने में देर नहीं लगेगी व सूबे में एक बार फिर से बंदूकों की गूंज सुनाई देगी.

प्रतिबंधित बब्बर खालसा इंटरनेशनल [बीकेआई] के संदिग्ध आतंकी नरेंद्र सिंह को दिल्ली पुलिस ने 19 मार्च को इंदिरा गांधी हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया था, जब वह जर्मनी जाने की कोशिश कर रहा था. वह पंजाब के धार्मिक नेताओं को निशाना बनाने का षड्यंत्र कर रहा था.

लेले ने इसी गिरफ्तारी का हवाला दिया. हालांकि, इससे पहले पंजाब पुलिस ने भी हाल के वर्षों में कई प्रतिबंधित संगठनों के कई आतंकियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है. पुलिस सूत्रों का कहना है कि उनका मंसूबा भी धार्मिक नेताओं एवं अन्य राजनीतिकों को निशाना बनाना था. उच्च पदस्थ गुप्तचर सूत्रों ने बताया कि हालिया घटनाक्रम के बाद पाकिस्तान एवं कनाडा जैसे दूसरे मुल्कों में बैठे आतंकी संगठन व उनके सदस्य अधिक सक्रिय हो गए हैं. वह निश्चित तौर पर इस अवसर का लाभ उठाने की कोशिश करेंगे. उन्होंने कहा कि जिस तरह लोग नंगी तलवारें लेकर घूम रहे थे और खालिस्तान के नारे लगा रहे थे, वह हालात दरअसल पैदा किए गए थे. आतंकी संगठनों को इन्हीं मौकों का इंतजार रहता है. वह ऐसे समय में ही युवकों कोबहका कर अपनी ओर मिला लेते हैं एवं उन्हें भ्रमित कर आतंकवाद को अंजाम देते हैं. सूत्रों ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पंजाब बंद के बाद राज्य सरकार को सतर्क रहने के लिए आगाह किया है. राज्य की पुलिस एवं एजेंसियों को भी सतर्क कर दिया गया है.

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