केरल को इतालवी पोत रोकने का हक नहीं: केंद्र

नई दिल्ली, 20 अप्रैल. इटली सरकार ने पिछले करीब दो महीने से  केरल में बंद अपने दो सुरक्षाकर्मियों की रिहाई के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. इटली सरकार की ओर से नई दिल्ली में उसके राजदूत ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करके सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ आपराधिक मामला खत्म करने का आग्रह किया है.

इटली सरकार ने अपनी याचिका में कहा है कि वह केवल भारतीय गणराज्य को मान्यता देता है, राज्य जैसी उसकी किसी अन्य इकाई को नहीं. याचिका पर सुनवाई के दौरान शुक्रवार को केंद्र सरकार की ओर से यह दलील दी गई कि वारदात गहरे समुद्री क्षेत्र में हुई थी, जहां केरल सरकार का अधिकार क्षेत्र नहीं है. इसलिए पुलिस को मामले की जांच या जलयान को पकडऩे का अधिकार नहीं है. याचिका में दलील दी गई है कि सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ केवल इटली में ही मुकदमा चलाया जा सकता है, क्योंकि घटना उसी के जलयान पर हुई. याचिका पर अगले सप्ताह सुनवाई होने की संभावना है. उल्लेखनीय है कि जलयान की मालिक कंपनी डाल्फिन टैंकर्स ने अपने जलयान को छुड़वाने के लिए भी सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर कर रखी है. इटली के जलयान ‘एनरिका लेक्जी’ पर तैनात सुरक्षाकर्मियों मासीमिलियानो लातोरे और सल्वातोर गिरोने ने केरल के पास समुद्री जलक्षेत्र में गत 15 फरवरी को दो भारतीय मछुआरों की हत्या कर दी थी. इस घटना के बाद केरल पुलिस ने इन सुरक्षाकर्मियों को गिरफ्तार कर लिया था और जलयान को कब्जे में ले लिया था.

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