नवभारत के पितृपुरूष की पुण्यतिथि पर हुआ विचार मंथन, स्मारिका का विमोचन किया

ब्यावरा 14 सितम्बर, का. ‘नवभारत’ के संस्थापक स्व. श्री रामगोपाल जी माहेश्वरी ‘बाबूजी’ की पुण्यतिथि पर ‘विचार मंथन एवं काव्य निशा’ का  त्रयोदशवां गरिमामय समारोह गुरुवार को सम्पन्न हुआ. इस मौके प विगत वर्षों के आयोजनों के वैचारिक संकलनों की स्मारिका सहमत-असहमत का विमोचन भी किया गया है.

विचार मंथन के विषय- ”देश की वर्तमान राजनीतिक व्यवस्था इन दिनों विश्वास के संकट के दौर से गुजर रही है” पर मुख्य वक्ता के तौर पर नई दिल्ली से आये पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि देश राजनीतिक व्यवस्था को विश्वसनीय बनाने के लिये समाज को आगे आना होगा. इस पर जगह-जगह अपनी पीड़ा व्यक्त करने की बजाय मतदान के पूर्व समाज को मंथन करना होगा कि कौन व्यक्ति उसका विश्वसनीय  जनप्रतिनिधि बनने के योग्य है. देश के जाने-माने वरिष्ठ स्तंभकार एवं चिंतक-विचारक श्री रामबहादुर राय नई दिल्ली ने कहा कि देश में इस समय सिर्फ राजनीतिक विश्वसनीयता का ही नहीं, विचार का भी संकट है. इसको समझें और इसका हल खोजे बिना समाज और राजनीति के  बीच विश्वास कायम नहीं हो सकता. वरिष्ठ समालोचक एवं साहित्यकार प्रो. अजहर हाशमीं रतलाम ने कहा कि केवल राजनीतिक व्यवस्था पर ही नहीं बल्कि पारिवारिक, कृषि व सांस्कृतिक व्यवस्थाओं पर भी विश्वास का संकट व्याप्त हुआ है.

कार्यक्रम को भाजपा के राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्री भगवतशरण माथुर, राजगढ़ लोस क्षेत्र के इंका सांसद श्री नारायण सिंह अमलाबे, ब्यावरा विधायक श्री पुरषोत्तम दंागी ने भी संबोधित किया. कार्यक्रम की अध्यक्षता नवभारत के समूह संपादक श्री क्रांति चतुर्वेदी ने की. विषय विवेचन श्री तपन भट्टाचार्य इंदौर ने किया. कार्यक्रम में जिले के विधायकगण, इंका भाजपा नेता, कार्यकर्ता, प्रशासनिक अधिकारी, कर्मचारी व गणमान्यजन मौजूद रहे.

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