भोपाल-इंदौर में सोमकुंवर के घर लोकायुक्त छापा, 15 करोड़ की संपत्ति उजागर

नवभारत टीम
इंदौर/भोपाल/छिंदवाड़ा,1 मार्च. गुरुवार को लोकायुक्त इंदौर की टीम ने  सेंट्रल जेल अधीक्षक पुरूषोत्तम सोमकुंवर के इंदौर, भोपाल एवं छिंदवाड़ा स्थित आवासों पर छापा मारा। आय से अधिक संपत्ति रखने के मामले में की गई कार्रवाई के दौरान इंदौर सेंट्रल जेल अधीक्षक सोमकुंवर के पास तीन शहरों पर करीब छह से सात करोड़ रुपए की संपत्ति उजागर हुई है।

इंदौर, भोपाल व छिंदवाड़ा स्थित उनके घर से पांच मकान, 2 दुकान, एक प्लाट, 12 एकड़ जमीन, साढ़े छह लाख रुपए नगद व साढ़े पांच लाख रुपयों की एलआईसी प्रीमियम मिली है। टीम की कार्रवाई जारी है। संपत्ति का आंकड़ा 6-7 करोड़ रुपयों के भी पार हो सकता है। लोकायुक्त के टीआई सतीश मिश्रा के अनुसार गुरूवार अलसुबह इंदौर सेंट्रल जेल के अधीक्षक पुरुषोत्तम दास सोमकुंवर के रेसीडेंसी स्थित बंगले में टीम ने छापामार कार्रवाई की है। पिछले कुछ दिनों से सोमकुंवर के खिलाफ शिकायतें मिल रही थी। उन पर भ्रष्टाचार सहित गुंडे बदमाशों से सांठ-गांठ का भी आरोप लगा है। इंदौर के अलावा इनके भोपाल व छिंदवाड़ा में भी मकान मिले हैं।  करीब 6 से 7 करोड़ रुपयों की प्रापर्टी तीनों शहरों से मिली है।

सोमकुंवर मूलत: छिंदवाड़ा के रहने वाले हैं। श्री मिश्रा ने बताया कि उनके पिता वहां मजदूरी कर अपना जीवन यापन करते थे। छिंदवाड़ा में भी कार्रवाई की जा रही है।  सोमकुंवर ने भोपाल में अच्छी खासी प्रापर्टी बनाई है। वहां उनके तीन मकान है जिसमें दो चाणक्यपुरी में है। दो दुकान व गल्र्स होस्टल के अलावा भोपाल के पास बाबडिय़ा गांव में 12 एकड़ जमीन है। इंदौर में रेसीडेंसी स्थित बंगला व 74 स्कीम में एक प्लाट है। तीनों शहरों से 6 लाख 62 हजार रुपए नगद व साढ़े 5 लाख रुपए की एलआईसी प्रीमियम मिली है। तीनों शहरों में कार्रवाई जारी है। श्री मिश्रा का कहना है कि आंकड़ा 6-7 करोड़ रुपयों से भी पार हो सकता है।

जेलर के पास अपराधियों की सम्पत्ति!
सोमकुंवर पर भ्रष्टाचार, गुंडों से सांठगांठ के अलावा कैदी की जमीन हड़पने का भी आरोप लगा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार जब सोमकुंवर भोपाल की जेल में पदस्थ थे तब उन पर दवाई-गोली व भोजन में करीब 10 लाख रुपयों की हेरा-फेरी का आरोप लगा। इंदौर के गुंडे युवराज उस्ताद से भी सांठ-गांठ की बात सामने आई। पिछले दिनों खरगोन के कैदी कड़वा राम की जमीन की फर्जी तरीके से पावर ऑफ अटार्नी किसी दूसरे को देकर जमीन हड़पने का मामले की शिकायत आई थी।

ये मिला कार्रवाई में

– मकान 3, दुकान 4, प्लाट 7, जमीन 14 एकड़, होस्टल 1, हत्यार 3, वाहन टू व्हीलर 2 / फोर व्हीलर 2, 10 बैंक खातों में 75 लाख, दुकान / होस्टल का सामान की कीमत 50 लाख, सोना / चांदी ज्वेरों की कीमत 20 लाख,
नगद राशि 08 लाख मिली है।

इन जेलों में रही पोस्टिंग –
-झाबूआ, उज्जैन, जगदलपुर, ग्वालियर, 2 बार भोपाल, इंदौर में रहे।

परियोजना अधिकारी रिश्वत लेते धराया

रतलाम, 1 मार्च. ब्यूरो, लोकायुक्त पुलिस उज्जैन के दल  ने जिला परियोजना अधिकारी टी.व्हाय पारगी को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया. मिली जानकारी के अनुसार आलोट उज्जैन के सांसद प्रेमचंद गुड्डु  ने आलोट व ताल के स्कूलों में कम्प्यूटर सामग्री व्यवस्था व प्रशिक्षण कार्य के लिए 12 लाख रुपये सांसद निधि से स्वीकृत किये थे. जिसमें से 4  लाख 85 हजार बकाया राशि के भुगतान हेतु संबधित एनजीओ से योजना अधिकारी ने 4० हजार रुपये की रिश्वत मांग ली थी.

जिसकी प्रथम किस्त 3० हजार रुपये  देने के लिए फरियादी विजय बौरासी पहुंचे थे. यह राशि पारगी को देते ही लोकायुक्त पुलिस के दल ने उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया. जिला योजना अधिकारी श्री पारगी विगत कई वर्षो से रतलाम में जमें हुए है. उनकी शहर विधायक पारस सकलेचा ने भी शिकायत की थी. उनके स्वेच्छानुदान का मामला अभी जांच में चल रहा है. योजना अधिकारी के इस प्रकार सांसद निधि में रिश्वत मंागने के मामले से कलेक्टोरेट परिसर में हडकंप मच गया.

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