भोपाल, 26 दिसंबर. नभासं. कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह के सुपुत्र जयवद्र्धन सिंह की 21 दिसंबर को ग्राम कोलुआ से प्रारंभ पदयात्रा का 26 दिसंबर को राघौगढ़ तहसील के ग्राम जामनेर में समापन हुआ.

जयवद्र्धन ने 150 किमी लंबी पदयात्रा की एवं ग्रामीण क्षेत्रों में निवारस आदिवासियों, भीलों और अनुसूचित जाति और जनजाति के लोगों से उनके गांवों और घरों में पहुँचकर उनसे सीधे संवाद स्थापित किया और उनके  यहाँ वक्त गुजार कर उनकी महत्वाकांक्षाओं, जीवन शैली और कठिनाईयों को समझने की कोशिश की. जयवद्र्धन इस यात्रा के दौरान 50 गांवों में गए. सिंह ने पदयात्रा के समापन पर अपने संबोधन में कहा कि मुझे इस पदयात्रा के 6 दिनों में आप लोगों से अपार प्रेम और स्नेह मिला है जिससे मैं अभिभूत हूँ और मैं स्वयं को आप लोगों को सौंपता हूँ. पढ़ाई के बाद मैँ पूर्ण रूप से आप लोगों के साथ रहुँगा और अब ये पदयात्राएँ जिन्दगी की आखरी सांस तक चलती रहेंगी. उन्होंने अपने पिता द्वारा दी गई नसीहत का उल्लेख करते हुए कहा कि- मेरे पिताजी ने मुझे हवाई नेता नहीं बनने तथा आपके बीच आकर पहले आपके दु:ख दर्द को समझने की हिदायत दी है और मैं उसी का पालन कर रहा हूँ. उन्होंने ज्योतिरादित्य सिंधिया को अपना मार्गदर्शक बताते हुए कहा कि- वे एक बड़े नेता हैं . उनकी पदयात्रा पर की गई टिप्पणियों के बारे में पूछे जाने पर जयवद्र्धन ने कहा कि उनके सामने बहुत छोटा हूँ और मुझे इनका भी आशीर्वाद प्राप्त है. पदयात्रा के समापन के अवसर पर क्षेत्रीय सांसद नारायण सिंह अमलावे, व्यावरा विधायक पुरुषोत्म दांगी, राजगढ़ विधायक हेमराज कल्पोनी, भोपाल जिला कांग्रेस के अध्यक्ष पीसी शर्मा, राजगढ़ के रामचन्द्र दांगी, गुना के योगेन्द्र लुम्बा, विदिशा के डॉ. मेहताब सिंह, प्रदेश के पूर्व युवक कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष गोविन्द गोयल, कई गणमान्य नागरिक व कांग्रेस कार्यकत्र्ता उपस्थित थे.

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