हिंदू या मुसलमान नहीं कट्टरवादी विचारधारा के खिलाफ :दिग्विजय

भोपाल, 9 नवंबर. नभासं. कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने अपेक्स बैंक द्वारा किसानों की जमीन विदेशी कंपनी के पास गिरवी रखकर 665 करोड रूपये ऋण लेने के घोटाले की न्यायिक जांच कराने की मांग की है.

सिह ने यहां प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों की बैठक में भाग लेने के बाद पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे. उन्होंने कहा कि अपेक्स बैंक ने राज्य के लाखों किसानों द्वारा ऋण लेने के लिए गिरवी रखी गई जमीन को उनकी सहमति के बगैर विदेशी कंपनी के पास गिरवी रखकर 665 करोड रूपये का ऋण लेने का घोटाला किया है. यह किसानों के साथ सरासर धोखाधडी है. सिंह ने समाजसेवी अन्ना हजारे और बाबा रामदेव पर लगातार हमले करने सवाल पर कहा कि वे  हजारे की बहुत इज्जत करते है और उनके खिलाफ कोई अपशब्द नही कहे. उनके द्वारा आज ट्वीटर पर  हजारे से पूछे गए सवाल पर कहा कि  हजारे से राज ठाकरे के उत्तर भारतीय के खिलाफ के खिलाफ की टिप्पणी और आरक्षण के मुद्दे पर अपना मत स्पष्ट करने की बात कही है. उन्होंने कहा कि हजारे अपनी कमेटी के विस्तार में आरक्षण के तहत दलित, आदिवासी,मुस्लिम और युवा वर्ग को शामिल कर वोट की राजनीति कर रहे है.उन्होंने कहा कि बाबा रामदेव को वे संत नही मानते है क्योंकि रामदेव कि संतो की परंपरा नही जुडे हुए है. रामदेव योग के नाम पर आम जनता को ठग रहे है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने देश में कई फर्जी साधु संतों की जमात खडी कर दी है.

उन्होंने कहा कि फेसबुक पर उनका कोई अकाउंट नही है जो अकाउंट मेरे नाम से खोले गए है और यह फर्जी अकाउंट राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के लोगों द्वारा आपरेट किया जा रहा है. सिंह ने कहा कि प्रदेश के सीधी जिले में बुखार से 40 से अधिक लोगों की मौत के मामले में राज्य सरकार ने जिम्मेदार जिले के अधिकारियो को दंडित करने की बजाय निर्दोष पटवारी को निलंबित कर दिया है. उन्होने इस पटवारी को बहाल कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग की हे. सिंह ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव नजदीक आने के चलते राज्य प्रशासनिक और पुलिस के अधिकारियों को अब कांग्रेस के प्रति रवैया बदलता जा रहा है. उन्होंने कहा कि प्रदेश की हरदा नगर पालिका के हाल में हुए चुनाव में अध्यक्ष पद पर कांग्रेस के प्रत्याशी की जीत के साथ अब प्रदेश में भाजपा सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो गई है.

तीसरा विकेट शिवराज का- कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा कि भ्रष्टाचार के आरोप में भाजपा के उत्तराखंड और कर्नाटक के मुख्यमंत्रियों का विकेट गिराने के बाद  भाजपा नेतृत्व को तीसरा विकेट मध्यप्रदेश्र के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान का गिराने के लिए अब हम लोग मजबूर करेंगे. जिसमें मप्र की सरकारी मशीनरी भी उनकी मदद करेगी. दिग्गी ने जस्टिस पीपी नावलेकर की लोकायुक्त के पद पर नियुक्ति की प्रक्रिया पर सवाल उठाए. उन्होंने आरोप लगाया कि तमाम सुबूतों के बावजूद लोकायुक्त ने डंपर मामले में मुख्यमंत्री को क्लीनचिट दे दी . हमें लोकायुक्त पर भरोसा नहीं है.डंपर मामले को हम हाईकोर्ट में ले गए हैं और वहां भ्रष्टाचार सिद्ध करेंगे. उन्होंने दावा किया कि राज्य सरकार के भ्रष्टाचार से संबंधित कई सुबूत उनके पास हैं. इन सुबूतों को इकट्ठा करने में अन्य लोगों के अलावा प्रदेश सरकार के अधिकारी भी मेरी मदद कर रहे हैं. दिग्विजय सिंह ने  कहा कि प्रदेश में एक ही कंपनी को निर्माण के ठेके दिए जा रहे हैं. इसके बारे में भी मैं सुबूत जुटा रहा हूं. सुबूत मिलने पर नाम लेकर  आरोप लगाऊंगा.

दिग्विजय सिंह ने एक सवाल के जवाब में कहा कि उन्होंने कभी भी हिंदू या मुसलमान को आतंकवादी नहीं कहा. हमेशा यह कहा है कि कट्टरवादी विचारधारा ही आतंकवाद की पोषक है. आरएसएस प्रचारक इंद्रेश कुमार द्वारा उन्हें आतंकवादी कहने पर दिग्विजय ने कहा कि इंद्रेश कुमार देवास के सुनील जोशी की हत्या में शामिल हैं और असीमानंद ने भी इंद्रेश कुमार के खिलाफ बयान दिया है. राहुल गांधी की फर्जी फेसबुक प्रोफाइल के मामले में बाबा रामदेव का नाम आने के बारे में पूछे जाने पर दिग्विजय ने दोहराया कि बाबा ठग है. उन्होंने इस आरोप का खंडन किया कि वे हिंदू संतों के खिलाफ बयानबाजी करते हैं. बल्कि आरएसएस देश में फर्जी संतों को बढ़ावा दे रहा है.

संभालना पड़ी व्यवस्था
दिग्विजय सिंह की पत्रकार वार्ता में अव्यवस्था मच गई. प्रदेश कांग्रेस ने न तो पत्रकारों के बैठने के लिए कुर्सियों का इंतजाम किया था और न नेताओं के बैठने के लिए डायस का. संभवत:यह पहला मौका था जब पत्रकार फर्श पर बैठे हुए थे और नेता खड़े-खड़े उन्हें संबोधित कर रहे थे. दिग्विजय सिंह ने खुद व्यवस्था को अपने हाथ में लिया और प्रिंट व इलेक्ट्रानिक मीडिया के सभी कैमरामेन को पीछे किया.

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