माफी मांगने के  बाद भी अमेरिका ने तलाशी न लेने की मांग अस्वीकार की

नई दिल्ली, 14 नवंबर. पूर्व राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम के साथ अमेरिका में दूसरी बार हुई बदसलूकी के बाद भारत द्वारा तीखी प्रतिक्रिया जताए जाने और अमेरिका के इस प्रकरण पर लिखित माफ़ी मांगे जाने के बाद भी ऐसा नहीं है कि अगली बार जब कलम अमेरिका जाएंगे तो उन्हें अमेरिकी एयरपोर्टों पर तलाशी से छूट मिल जाएगी।

अमेरिका का इस मामले में साफ-साफ कहना है कि चूंकि कलम का नाम सुरक्षा जांच से मुक्त लोगों की सूची में नहीं है लिहाजा उन्हें तलाश से छूट नहीं मिल सकती है। अगर अमेरिका के खेद पत्र को गौर से पढ़ा जाए तो पता चलता है कि अमेरिका ने सिर्फ इतना माना है कि न्यूयार्क के जॉन एफ केनेडी एयरपोर्ट पर वीआईपी व्यक्तियों के लिए तय मानकों का ठीक तरीके से पालन नहीं हुआ है। अमेरिका के चूक का मतलब बस इतना है कि उन्हें एस्कॉर्ट और प्राइवेट स्क्रीनिंग की सहूलियत दी जानी चाहिए थी। मजेदार बात है कि भारत दो सालों से अमेरिका से कलाम को सुरक्षा जांच में छूट दिए जाने का अनुरोध कर रहा है पर अमेरिका इसेक लिए तैयार नहीं है। अमेरिका का इस मामले में कहना है कि वह जांच से छूट सिर्फ वर्त्तमान राष्ट्राध्यक्षों जैसे प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति,उप राष्ट्रपति और कैबिनेट मंत्रियों को ही जांच से छूट दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों जॉन एफ केनेडी एयरपोर्ट पर पूर्व राष्ट्रपति डॉ.कलाम की दोबारा चेकिंग की गई। सुरक्षा अधिकारी सुरक्षा जांच के नाम पर प्लेन में बैठे भारतीय पूर्व राष्ट्रपति के जूते और जैकेट तक ले गए। कलाम 29 सितंबर को अमेरिका से भारत लौट रहे थे।

हालांकि अमेरिकी सुरक्षा अधिकारियों ने पहले न्यूयार्क स्थित केनेडी एयरपोर्ट पर कलाम की तलाशी ले ली थी। जेएफके एयरपोर्ट पर लगभग 2 बजे फ्लाइट उडाऩ भरने के लिए तैयार थी कि तभी सुरक्षाकर्मियों ने तलाशी का हवाला देकर क्रू को प्लेन का दरवाजा खोलने के लिए मजबूर कर दिया। इसके बाद जब वह प्लेन में बैठ गए तो सुरक्षा अधिकारी उनके जैकेट और जूते जांच के लिए लेकर चले गए। कलाम ने इस तरह कि जांच का कभी विरोध नहीं किया और हमेश जांच में सहयोग ही किया है। इससे पहले 21 अप्रैल, 2009 को भी अमेरिकी कांटीनेंटल एयरवेज ने कूटनीतिक प्रोटोकॉल का उल्लंघन करते हुए दिल्ली हवाई अड्डे पर उसके विमान में चढऩे जा रहे कलाम की तलाशी ली थी। केंद्र सरकार की ओर से आपत्ति जताने के बाद तब भी एयरलाइंस और अमेरिकी सरकार ने माफी मांगी थी। पूर्व में अमेरिका अमेरिकी एयरपोर्टों पर पूर्व रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडीस,फिल्म अभिनेता शाहरुख खान के साथ भी बदसलूकी हो चुकी है।

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