बलरामपुर, 2 फरवरी. उत्तर प्रदेश के चुनाव मैदान में कमल खिलाने की कोशिश में जुटे पार्टी उपाध्यक्ष कलराज मिश्र ने गुरुवार को अपने ही संसदीय निर्वाचन क्षेत्र में जनता के विरोध का सामना करने वाले केंद्रीय इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा पर तंज कसते हुए कहा कि वर्मा जैसे मंत्रियों के रहते राहुल के पांच साल में राज्य को बदलने का वादा पूरा होने में संदेह है.

मिश्र ने बेनी प्रसाद वर्मा के प्रति जनता के विरोध के सिलसिले पर कहा कि कांग्रेस खुद को प्रदेश में सबसे मजबूत दल बता रही है, लेकिन कांग्रेस नेताओं को ही सबसे ज्यादा विरोध का सामना करना पड़ रहा है. वह यहां गैसड़ी सीट से भाजपा प्रत्याशी शैलेष कुमार सिंह शैलू के समर्थन में आयोजित जनसभा को संबोधित करने आए. उन्होंने कहा कि राहुल प्रदेश में घूम-घूमकर विकास का दावा कर रहे हैं, लेकिन उनके मंत्री को उसके निर्वाचन क्षेत्र की जनता उनके सामने ही बोलने नहीं दे रही है. जब बेनी जैसे स्तर के मंत्री होंगे तो वह कैसे विकास करेंगे और राहुल का वादा कैसे पूरा होगा. मिश्र ने कहा कि राहुल पांच साल में प्रदेश की तकदीर बदल डालने की बात कर रहे हैं, लेकिन वह यह क्यों भूल गए कि प्रदेश में कांग्रेस ने ही सबसे ज्यादा समय तक शासन किया. कांग्रेस पहले भी जनता को धोखा देती रही है और अब भी दे रही है. उन्होंने कहा कि इस समय मुसलमानों को आरक्षण देने की होड़ मची है. केंद्र ने अन्य पिछड़ा वर्ग के 27 प्रतिशत में से साढ़े चार प्रतिशत हिस्सा काटकर अल्पसंख्यकों को आरक्षण दिया है. यह संविधान की मूल भावना के विपरीत है. धर्म के आधार पर आरक्षण गलत है.

‘सपा, बसपा कांग्रेस आई, चोर-चोर मौसेरे भाई’ का नारा देते हुए भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस नौ प्रतिशत आरक्षण देने की बात कर रही है, तो सपा कह रही है कि वह 18 फीसदी आरक्षण देगी. यह असंवैधानिक है. प्रदेश में सत्तारूढ़ बसपा पर शब्दबाण छोड़ते हुए उन्होंने कहा कि बसपा के शासनकाल में विकास रुक गया और सिर्फ भ्रष्टाचार हुआ. मिश्र ने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य अभियान [एनआरएचएम] में आठ हजार करोड़ का घोटाला वर्ष 2004 से शुरू हुआ. यह घोटाला सपा और बसपा के शासनकाल में हुआ और ये दोनों ही पार्टियां आर्थिक अपराधी हैं. उन्होंने कहा कि सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव के शासनकाल में जनता असुरक्षित थी. उस दौर में सूबे में कानून का नहीं बल्कि बाहुबलियों का राज था.

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