नई दिल्ली, 18 नवंबर. पूर्व क्रिकेटर विनोद कांबली ने इशारों-इशारों में 1996 वर्ल्ड कप का सेमिफाइनल मैच फिक्स होने का आरोप लगाकर मोहम्मद अजहरुद्दीन का पारा सातवें आसमान पर चढ़ा दिया है। पूर्व भारतीय कप्तान अजहर ने कहा कि सेमिफाइनल मुकाबले में टॉस जीतने के बाद फील्डिंग करने का फैसला पूरी टीम ने मिलकर लिया था और विनोद कांबली बकवास कर रहे हैं।

कांबली पर पलटवार करते हुए अजहर ने कहा कि उनका बयान थर्ड क्लास का है और बकवास करने के बजाय उन्हें मुंह पर टेप लगा लेना चाहिए। अजहर के बयान पर कांबली ने कहा कि वह उन पर मुकदमा करेंगे।

कांबली ने कहा था कि उन्हें शक है कि 13 मार्च, 1996 को भारत-श्रीलंका के बीच खेला गया वर्ल्ड कप का सेमिफाइनल मैच फिक्स था। उन्होंने कहा कि सेमिफाइनल मैच में टीम को पहले बल्लेबाजी करनी थी, लेकिन बाद में चौंकाने वाले फैसले के तहत कप्तान-कोच ने पहले फील्डिंग का फैसला लिया। अजहर ने इसके जवाब में कहा, मैं इस मामले में सफाई की जरूरत महसूस नहीं करता। कांबली के आंसू बहाने से कुछ नहीं होता। उनका आरोप बेबुनियाद और तीसरे दर्जे का है। आखिर वह आज क्यों बोल रहे हैं। मेरी कप्तानी में कांबली कैसे खेलते थे , इस बारे में सबको जानकारी है। अजहर ने यह भी कहा, शायद कांबली टीम की मीटिंग के वक्त सो रहे थे। हमने एकमत से फैसला लिया था कि पहले फील्डिंग करेंगे। कांबली का इस तरह बोलना उनका स्तर दिखाता है। उनका बयान टीम के दूसरे खिलाडिय़ों के लिए भी बेइज्जती भरा है।

मैं यही कह सकता हूं कि वह अपने मुंह पर टेप लगा लें।

अजहर ने कहा कि मुझे कोई अफसोस नहीं है। कांबली को उनके प्रदर्शन के आधार पर टीम से बाहर किया गया था। उन्होंने कहा कि विनोद कांबली पहले कई मौके पर कह चुके हैं कि उन्होंने जितने भी कप्तानों के अंदर खेला उनमें मैं सर्वश्रेष्ठ था , लेकिन अब वह इस तरह के बयान दे रहे हैं।

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