नई दिल्ली, 9 नवंबर.  दिल्ली उच्च न्यायालय ने 2जी स्पेक्ट्रम मामले में कथित भूमिका को लेकर गिरफ्तार की गई डीएमके सांसद कनिमोझी और चार अन्य लोगों की जमानत याचिका के संबंध में सीबीआई की प्रतिक्रिया जानने के लिए नोटिस जारी किया।

सीबीआई को नोटिस जारी करते हुए न्यायमूर्ति वी के शाली ने पांच आरोपियों की जमानत याचिका के संबंध में जांच एजेंसी से एक दिसंबर तक जवाब मांगा है। कनिमोझी के अलावा चार अन्य आरोपियों ने विशेष अदालत के तीन नवबंर को जमानत देने से इंकार संबंधी फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। चार लोगों में डीएमके संचालित कलाइग्नर टीवी के प्रबंध निदेशक शरद कुमार, कुसेगांव फ्रूट्स और वेजिटेबल प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक आसिफ बलवा और राजीव अग्रवाल तथा बॉलीवुड प्रड्यूसर करीम मोरानी शामिल हैं। कनिमोझी की ओर से वकील अल्ताफ अहमद ने पीठ के सामने कहा कि निचली अदालत ने पांच आरोपियों को जमानत देने की सीबीआई की इच्छा को नजरअंदाज कर दिया। सीबीआई की ओर से वकील मोहन परसरन ने अदालत से कहा कि सीबीआई को जमानत पर कोई आपत्ति नहीं है। सीबीआई अधिवक्ता ने कहा हम निचली अदालत के समक्ष रखे गए रुख पर कायम हैं। उसमें कोई बदलाव नहीं है। सीबीआई के वकील की प्रतिक्रिया न्यायमूर्ति शाली के उस सवाल के बाद आई है जिसमें उन्होंने पूछा था कि निचली अदालत में जमानत याचिका पर एजेंसी के रुख में क्या कोई बदलाव आया है।

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