नई दिल्ली/बेंगलुरू,13 मई. अपने पूर्ववर्ती बीएस येदियुरप्पा से चुनौती का सामना कर रहे कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीवी सदानंद गौड़ा अपनी सरकार बचाने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं से मिलने रविवार को नई दिल्ली पहुंचे.

बेंगलुरू में शनिवार को आयोजित एक कार्यक्रम में येदियुरप्पा द्वारा उन्हें धोखेबाज कहे जाने और उनकी तुलना शास्त्रों में वर्णित शैतान से किए जाने के सवाल पर गौड़ा ने प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया. गौड़ा ने येदियुरप्पा द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की प्रशंसा किए जाने को भी तवज्जो नहीं दी. येदियुरप्पा ने कहा है कि सोनिया में एक महान गुण है. वह अपने पार्टी नेताओं के खिलाफ कोई आरोप लगने पर उनका बचाव करती हैं. येदियुरप्पा ने अपनी पार्टी की भी आलोचना की. उन्होंने कहा कि पार्टी ने अपने नेताओं को नीचा दिखाने के लिए आरोपों का इस्तेमाल किया. नई दिल्ली पहुंचने पर गौड़ा ने पत्रकारों से कहा, मुझे नहीं लगता कि येदियुरप्पा ने सोनिया गांधी की प्रशंसा की.

गौड़ा ने शनिवार को बेंगलुरू में आयोजित एक कार्यक्रम में येदियुरप्पा पर निशाना साधा. गौड़ा ने बिना उनका नाम लिए मंदिरों में अक्सर जाने और धार्मिक प्रमुखों से मुलाकात को लेकर येदियुरप्पा का मजाक उड़ाया था. गौड़ा ने कहा, पहले लोग जनता की भलाई के लिए सत्ता में आते थे. लेकिन इन दिनों लोग सत्ता में गलत काम करने के लिए आते हैं.  गौड़ा संसद के पहले सत्र की 60वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह में भी शामिल होंगे. हालांकि, उनकी यात्रा का मुख्य उद्देश्य भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से मिलना है. गौड़ा भाजपा नेताओं से मुलाकात के दौरान येदियुरप्पा एवं उनके समर्थकों को नियंत्रित करने की मांग करेंगे. येदियुरप्पा पिछले कई महीनों से गौड़ा को मुख्यमंत्री पद से हटाने की मांग कर रहे हैं.

पार्टी पर दबाव बनाने की रणनीति के तहत येदियुरप्पा ने शनिवार को अपने समर्थक सात मंत्रियों का इस्तीफा अपने पास मंगा लिया था. येदियुरप्पा का समर्थन करने वाले विधायकों का दावा है कि भाजपा के 120 विधायकों में से कम से कम 40 विधायक अगले दो दिनों में अपना इस्तीफा सौंप देंगे. उल्लेखनीय है कि सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार को येदियुरप्पा पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने का आदेश दिया. इस आदेश के बाद मुख्यमंत्री पद दोबारा पाने के येदियुरप्पा के प्रयासों को झटका लगा है और वह अपनी शक्ति का प्रदर्शन कर रहे हैं. येदियुरप्पा और उनके समर्थक मुख्यमंत्री के रूप में अब अपना आदमी चाहते हैं. मुख्यमंत्री पद के लिए गौड़ा का चयन हालांकि, येदियुरप्पा ने ही किया था. वहीं, बेंगलुरू में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष केएस ईश्वरप्पा ने राज्य के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नेताओं और ग्रामीण विकास मंत्री जगदीश शेट्टार से मुलाकात की. येदियुरप्पा और उनके समर्थक चाहते हैं कि शेट्टार को मुख्यमंत्री बनाया जाए. येदियुरप्पा समर्थकों का दावा है कि गौड़ा सरकार सोमवार को गिर जाएगी जबकि नगर प्रशासन मंत्री बालचंद्र जरकिहोली सहित गौड़ा समर्थकों ने चेतावनी दी है कि यदि गौड़ा को हटाया गया तो वे इस्तीफा दे देंगे. बालचंद्र का दावा है कि भाजपा के 120 विधायकों में से 61 विधायक गौड़ा के साथ हैं. गौड़ा को हटाए जाने पर ये विधायक विधानसभा छोड़ देंगे और चुनाव कराने के लिए बाध्य करेंगे. इस बात की भी अटकलें है कि येदियुरप्पा सोमवार को विधानसभा की सदस्यता छोडऩे की घोषणा कर सकते हैं. इसके बाद वह अपना एवं समर्थन करने वाले विधायकों के इस्तीफे पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी को भेज सकते हैं.

येदियुरप्पा ने भाजपा से इस्तीफा दिया?
कर्नाटक में भाजपा सरकार का संकट फिर गहराता दिख रहा है. प्रभावशाली नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने की खबर है. हालांकि अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है. अपुष्ट सूत्रों के मुताबिक सोमवार को येदियुरप्पा स्पीकर को अपना इस्तीफा सौंप देंगे. इससे पहले येदियुरप्पा समर्थक सात मंत्रियों और छह विधायकों ने शनिवार को अपने इस्तीफे उन्हें सौंप दिए. ये लोग येदियुरप्पा को फिर से मुख्यमंत्री बनाने की मांग कर रहे हैं. मालूम हो कि अवैध खनन मामले में सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को येदियुरप्पा के खिलाफ सीबीआई जांच के आदेश दिए थे.

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